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शराब—खुद को कैसे रखें काबू में?

शराब—खुद को कैसे रखें काबू में?

कुछ लोग तब ज़्यादा शराब पीते हैं जब वे किसी बात को लेकर बहुत परेशान होते हैं, अकेला महसूस करते हैं या बोर होते हैं। क्या आप पहले से ज़्यादा शराब पीने लगे हैं? अगर ऐसा है, तो आप क्या कर सकते हैं ताकि आपको इसकी लत न लगे? आइए जानें कि एक हद में रहकर शराब पीने के लिए आप क्या कर सकते हैं।

 हद में रहकर शराब पीने का क्या मतलब है?

बाइबल क्या कहती है: “उनके जैसा मत बन जो बहुत दाख-मदिरा पीते हैं।”—नीतिवचन 23:20.

ध्यान दीजिए: बाइबल के मुताबिक हद में रहकर शराब पीना गलत नहीं है। (सभोपदेशक 9:7) बाइबल में यह भी लिखा है कि हद में रहकर शराब पीने और शराब पीकर धुत्त होने में फर्क है। (लूका 21:34; इफिसियों 5:18; तीतुस 2:3) हो सकता है शराब पीकर धुत्त हो जाने की नौबत न आए, लेकिन ज़्यादा शराब पीने से आप गलत फैसले ले सकते हैं, आपकी सेहत बिगड़ सकती है और दूसरों के साथ आपका रिश्‍ता खराब हो सकता है।​—नीतिवचन 23:29, 30.

कई जानकार लोग मानते हैं कि हद में रहकर पीने और ज़्यादा पीने में फर्क है। यह फर्क इस बात से देखा जा सकता है कि एक व्यक्‍ति दिन में कितनी शराब पीता है और एक हफ्ते में कितने दिन पीता है। * शराब का असर सब पर एक जैसा नहीं होता। कुछ हालात में शराब को बिलकुल हाथ न लगाना ही बेहतर होता है। विश्‍व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक:

“एक या दो पेग भी बहुत ज़्यादा हो सकते हैं​—उदाहरण के लिए:

  • जब आप गाड़ी या कोई मशीन चला रहे हों।

  • अगर आप गर्भवती हैं या दूध पिलानेवाली माँ हैं।

  • अगर आप किसी तरह की दवाई ले रहे हैं।

  • अगर आपको कोई बीमारी है।

  • अगर आप शराब पीने पर काबू नहीं रख पाते।”

 किन बातों से पता चलेगा कि आप हद-से-ज़्यादा शराब पी रहे हैं?

बाइबल क्या कहती है: “आओ हम अपने तौर-तरीके जाँचें और परखें।”—विलापगीत 3:40.

ध्यान दीजिए: अगर आप कभी-कभी ध्यान दें कि आप कितनी शराब पीते हैं और ज़रूरत पड़ने पर अपनी आदत बदलें, तो आप इसके बुरे असर से बच सकते हैं। आगे कुछ बातें बतायी गयी हैं जो इस बात की निशानी हो सकती हैं कि आप ज़्यादा शराब पीते हैं।

  • खुश रहने के लिए शराब पीना। शायद आपको लगे कि तनाव दूर करने के लिए या दूसरों के साथ मज़े करने के लिए आपको शराब पीनी चाहिए। हो सकता है आप अपनी परेशानियों का सामना करने के लिए भी शराब का सहारा लेते हों।

  • आप पहले से ज़्यादा पीने लगे हैं। शायद आप पहले से ज़्यादा बार शराब पीने लगे हों। आपके पेग बढ़ते जा रहे हों और हो सकता है पहले आपको जितने में नशा होता था उतने में अब नहीं होता।

  • आपके पीने की आदत की वजह से घर और काम की जगह मुश्‍किलें खड़ी हो रही हों। उदाहरण के लिए, शराब पीने के लिए आप शायद उधार लेने लगे हों।

  • पीने के बाद सही फैसले न ले पाना। जैसे, गाड़ी या मशीन चलाते वक्‍त या फिर तैरते वक्‍त आप सही फैसले नहीं ले पाते।

  • दूसरों ने आपसे कहा है कि आप ज़्यादा पीने लगे हैं। जब वे ऐसा कहते हैं, तो आपको बुरा लगता है। हो सकता है आप छिपकर शराब पीते हैं या फिर झूठ बोलते हैं कि आपने ज़्यादा नहीं पी है।

  • शराब छोड़ना मुश्‍किल हो जाए। लाख कोशिशों के बावजूद आप शराब नहीं छोड़ पा रहे हैं या आपसे पीना कम नहीं होता।

 हद में रहकर पीने के लिए पाँच सुझाव

1. योजना बनाइए।

बाइबल क्या कहती है: “मेहनती की योजनाएँ ज़रूर सफल होंगी।”​—नीतिवचन 21:5.

इसे आज़माइए: हफ्ते में दिन तय किजिए कि आप कब पीएँगे और कितनी पीएँगे। यह भी तय कीजिए कि हफ्ते में दो दिन आप बिलकुल नहीं पीएँगे।

शराब के बारे में जागरूक करनेवाला एक संगठन कहता है, “अगर आप कभी-कभी बिलकुल नहीं पीएँगे, तो यह लत छोड़ना आपके लिए आसान होगा।”

2. जैसा सोचा है वैसा ही कीजिए।

बाइबल क्या कहती है: “तुमने यह काम जितने जोश के साथ शुरू किया था, उतने ही जोश के साथ इसे पूरा भी करो।”​—2 कुरिंथियों 8:11.

इसे आज़माइए: जानिए कि आपके देश में कितनी शराब पीने की इजाज़त है। तब आप हिसाब से पी सकेंगे। अपने पास ऐसी ड्रिंक्स रखिए जिनमें शराब नहीं होती। अमरीका का एक संगठन कहता है, “छोटे-छोटे बदलाव करने से आप यह लत छोड़ पाएँगे।”

3. अपने फैसले पर डटे रहिए।

बाइबल क्या कहती है: तुम्हारी “हाँ” का मतलब हाँ हो और “न” का मतलब न।​—याकूब 5:12.

इसे आज़माइए: अगर कोई आपको शराब पीने के लिए कहे, तो प्यार से मना करने के लिए तैयार रहिए, मगर ठान लीजिए कि आप हार नहीं मानेंगे।

अमरीका का एक संगठन कहता है, “आप जल्द-से-जल्द मना करना सीखिए, फिर आप किसी के कहने में नहीं आएँगे।”

4. सोचिए कि आपके फैसलों का कितना अच्छा नतीजा निकलेगा।

बाइबल क्या कहती है: “किसी बात का अंत उसकी शुरूआत से अच्छा होता है।”​—सभोपदेशक 7:8.

इसे आज़माइए: लिखिए कि आप किन वजहों से शराब कम करना चाहते हैं। जैसे, आप अच्छी नींद और सेहत चाहते हैं, पैसे बरबाद नहीं करना चाहते, रिश्‍ते सुधारना चाहते हैं। दूसरों को बताइए कि आपने क्या फैसला किया है। तब आप इस बात पर ध्यान दे पाएँगे कि आपके फैसले का कैसे अच्छा नतीजा होगा और इसमें आनेवाली मुश्‍किलों से आपका ध्यान हट जाएगा।

5. परमेश्‍वर से मदद माँगिए।

बाइबल क्या कहती है: “जो मुझे ताकत देता है, उसी से मुझे सब बातों के लिए शक्‍ति मिलती है।”​—फिलिप्पियों 4:13.

इसे आज़माइए: अगर आप पीने की लत से परेशान हैं, तो परमेश्‍वर से प्रार्थना कीजिए कि वह आपको अपनी आदत पर काबू पाने और संयम बरतने में मदद करे। * समय निकालकर जानिए कि परमेश्‍वर के वचन बाइबल में इस बारे में क्या सलाह दी गयी है। परमेश्‍वर की मदद से आप इस लत पर ज़रूर काबू पा लेंगे।

^ पैरा. 9 उदाहरण के लिए, अमरीका का स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग बताता है कि ज़्यादा शराब पीना क्या होता है, “अगर महिलाएँ एक दिन में चार या हफ्ते में 8 या ज़्यादा पेग पीती हैं और आदमी एक दिन में पाँच या हफ्ते में 15 या उससे ज़्यादा पेग पीते हैं तो यह उनके लिए ज़्यादा है।” हर देश में इसका हिसाब अलग होता है। किसी डॉक्टर से पूछिए कि आपके लिए कितनी शराब पीना सही रहेगा।

^ पैरा. 42 अगर आप यह लत नहीं छोड़ पा रहे हैं, तो शायद आपको डॉक्टर की सलाह लेनी पड़े।