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बाइबल किसने लिखी, क्या यह जानना मुमकिन है?

बाइबल किसने लिखी, क्या यह जानना मुमकिन है?

शास्त्र से जवाब

कई लोगों का मानना है कि हम यकीन के साथ नहीं कह सकते कि बाइबल किसने लिखी। लेकिन बाइबल में कई बार साफ-साफ बताया गया है कि इसमें दी गयी बातें किसने लिखी। इसके कुछ भागों की शुरूआत में यूँ लिखा है, “नहेमायाह ने लिखीं,” “यशायाह का दर्शन,” और “यहोवा का ये संदेश . . . योएल के पास पहुँचा।“​—नहेमायाह 1:1; यशायाह 1:1; योएल 1:1.

बाइबल के ज़्यादातर लेखकों ने कहा कि उन्होंने एकमात्र सच्चे परमेश्‍वर, यहोवा की तरफ से लिखा और वे उसके ही मार्गदर्शन के मुताबिक लिख रहे थे। इब्रानी शास्त्र लिखनेवाले भविष्यवक्‍ताओं ने 300 से भी ज़्यादा बार कहा: “यहोवा कहता है।“ (आमोस 1:3; मीका 2:3; नहूम 1:12) कुछ लेखकों को स्वर्गदूतों के ज़रिए परमेश्‍वर का संदेश मिला।​जकरयाह 1:7, 9.

बाइबल को कुछ 40 लोगों ने करीब 1,600 सालों के दौरान लिखा। कुछ लोगों ने बाइबल की एक-से-ज़्यादा किताबें लिखीं। असल में, बाइबल 66 किताबों से मिलकर बनी एक छोटी-सी लाइब्रेरी जैसी है। इसमें इब्रानी शास्त्र की 39 किताबें हैं, जिसे काफी लोग पुराना नियम कहते हैं, और मसीही यूनानी शास्त्र की 27 किताबें हैं, जिसे अकसर नया नियम कहा जाता है।