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क्या शादी से पहले लिव-इन में रहना सही होगा?
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ijwhf लेख 34

परिवार के लिए मदद | शादी

क्या शादी से पहले लिव-इन में रहना सही होगा?

क्या शादी से पहले लिव-इन में रहना सही होगा?

 कई लोग शादी से पहले ही साथ रहने लगते हैं। वे सोचते हैं कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने से वे देख पाएँगे कि वे एक-दूसरे के लिए सही हैं या नहीं। इस तरह अगर वे आगे चलकर शादी करें तो खुश रह पाएँगे। क्या ऐसा करना अच्छा है?

इस लेख में हम जानेंगे:

 पवित्र शास्त्र क्या कहता है?

  •   पवित्र शास्त्र में लिखा है कि शादी के बाहर सेक्स करना गलत है। इसमें लिखा है, “नाजायज़ यौन-संबंधों से दूर रहो।” (1 थिस्सलुनीकियों 4:3; 1 कुरिंथियों 6:18) इसका मतलब शादी से पहले साथ रहकर सेक्स करना भी गलत है, भले ही लड़का-लड़की आगे चलकर शादी करने की सोच रहे हों। a पवित्र शास्त्र में लिखी बात मानने से लड़का-लड़की कई खतरों से बच सकते हैं जैसे, शादी से पहले बच्चा होना।

  •   परमेश्‍वर ने ही शादी का इंतज़ाम शुरू किया। उस वक्‍त उसने कहा, “आदमी अपने माता-पिता को छोड़ देगा और अपनी पत्नी से जुड़ा रहेगा और वे दोनों एक तन होंगे।” (उत्पत्ति 2:24) जब एक आदमी और औरत शादी करते हैं और साथ निभाने का वादा करते हैं, तो इससे वे दोनों खुश रह पाते हैं।

 क्या साथ रहने से आप शादीशुदा ज़िंदगी के लिए तैयार हो पाएँगे?

 कुछ कहेंगे, “हाँ।” उन्हें लगता है कि अगर वे एक-दूसरे की आदतें गौर से देखेंगे, रोज़ के काम साथ करेंगे, तो वे एक-दूसरे को अच्छी तरह जान पाएँगे। पर सच तो यह है कि एक-दूसरे को जानना ही काफी नहीं है। एक व्यक्‍ति को भरोसा होना चाहिए कि चाहे जो हो जाए, मेरा साथी मुझे छोड़कर नहीं जाएगा। और यह गारंटी कुछ वक्‍त साथ रहकर नहीं मिलेगी।

 अगर एक लड़का-लड़की बस ट्राय करने के लिए ही साथ रहें, तो वे शायद यही देखते रहें कि दूसरे में कहाँ कमी है और बिना ज़्यादा सोचे उसे छोड़ने की सोचें। इसके बजाय अगर वे एक-दूसरे पर भरोसा करें और शादी का यह वादा करें कि वे हर हाल में एक-दूसरे का साथ निभाएँगे, तो उनका रिश्‍ता मज़बूत होगा। जब वे साथ मिलकर मुश्‍किलों से लड़ेंगे तो वे दूर जाने के बजाय और पास आ जाएँगे।

 सौ बात की एक बात: अगर एक लड़का-लड़की साथ रहकर भी साथ निभाने का वादा ना करें, तो आगे चलकर उनका रिश्‍ता मज़बूत होने के बजाय बिखर जाएगा।

 पवित्र शास्त्र का सिद्धांत: “एक इंसान जो बोता है, वही काटेगा भी।”​—गलातियों 6:7.

 क्या साथ रहने से पैसों की बचत होगी?

 कुछ कहेंगे, “हाँ।” अमरीका में हुए एक सर्वे के मुताबिक, हर दस में से चार लोग शादी से पहले इस वजह से साथ रहने लगे कि वे पैसे बचा सकें। लेकिन साथ रहने के कुछ समय बाद भी, उनमें से कइयों का कहना था कि वे शादी करने के लिए तैयार नहीं हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि उनके पास अब भी इतने पैसे नहीं हैं कि वे शादीशुदा ज़िंदगी के लिए तैयार हों।

 शादी से पहले साथ रहने के और भी बुरे अंजाम हो सकते हैं, खासकर लड़कियों के लिए। जैसे, जब ब्रेकअप हो जाता है, तो अकसर बच्चों की परवरिश करने की ज़िम्मेदारी लड़कियाँ उठाती हैं।

 सौ बात की एक बात: शादी से पहले साथ रहने के अगर कोई फायदे हैं भी, तो उससे कहीं ज़्यादा इसके नुकसान हो सकते हैं।

 पवित्र शास्त्र का सिद्धांत: “मैं ही तेरा परमेश्‍वर यहोवा हूँ, जो तुझे तेरे भले के लिए सिखाता हूँ।”​—यशायाह 48:17.

 क्या साथ रहने से आप गलत व्यक्‍ति से शादी करने से बच पाएँगे?

 कुछ कहेंगे, “हाँ।” लेकिन फाइटिंग फॉर यॉर मैरिज नाम की किताब बताती है, “जो लोग शादी से पहले यह सोचकर साथ रहते हैं कि जब चाहें ब्रेकअप कर सकते हैं, उन्हें यह एहसास नहीं होता कि साथ रहने के बाद ब्रेकअप करना ज़्यादा मुश्‍किल होता है।” ऐसा क्यों? हो सकता है, कुछ समय साथ रहने के बाद उन्हें लगे कि वे एक-दूसरे से बहुत अलग हैं। यह जानते हुए भी वे अलग नहीं हो पाते क्योंकि उन्होंने साथ मिलकर कोई घर लिया है, कोई जानवर पाला है या उन्हें बच्चा होनेवाला है। जानकारों का कहना है कि अकसर लोग चाहते हुए भी अलग नहीं हो पाते क्योंकि उन्हें साथ रहने की आदत हो गयी है। वे जानते हैं कि अलग होना ही उनके लिए अच्छा है, पर वे यह कदम उठा नहीं पाते। फाइटिंग फॉर यॉर मैरिज के मुताबिक अगर वे लिव-इन में नहीं रहते, तो शायद ब्रेकअप करना आसान होता, पर अब क्योंकि वे साथ रहते हैं, इसलिए उन्हें शादी कर लेना ही सही लगता है। वे सोचते हैं कि ब्रेकअप करने से ज़्यादा आसान है कि वे साथ ही रह लें।

 सौ बात की एक बात: शादी से पहले साथ रहकर ज़रूरी नहीं कि आप शादी को लेकर सही फैसला कर पाएँ। इसके बजाय, अगर आप गलत व्यक्‍ति के साथ रहने लगें तो हो सकता है कि उसे छोड़ना और मुश्‍किल हो जाए।

 पवित्र शास्त्र का सिद्धांत: “होशियार इंसान खतरा देखकर छिप जाता है, मगर नादान बढ़ता जाता है और अंजाम भुगतता है।”—नीतिवचन 22:3.

 क्या इससे भी अच्छा कोई तरीका है?

 आप कुछ ऐसा कर सकते हैं जिससे आप ऊपर बताए खतरों से बच पाएँगे और एक बढ़िया शादीशुदा ज़िंदगी जी पाएँगे। वह क्या? पवित्र शास्त्र में दी सलाह मानिए। शादी से पहले एक-दूसरे को अच्छी तरह जानने के लिए वक्‍त निकालिए। कोई जल्दबाज़ी मत कीजिए। वह दिखने में कैसा लगता है या लगती है, इससे ज़्यादा ज़रूरी यह है कि उसकी सोच और उसूल आपके जैसे हैं या नहीं।

 पवित्र शास्त्र में ऐसी सलाह दी गयी है जिससे आपकी शादीशुदा ज़िंदगी खुशियों से भरी हो सकती है। b उदाहरण के लिए इसमें कुछ ऐसे सिद्धांत दिए हैं जिन्हें मानने से आप . . .

 इन विषयों के बारे में और जानने के लिए, jw.org पर “शादी और परिवार” भाग देखें।

 पवित्र शास्त्र का सिद्धांत: “पूरा शास्त्र परमेश्‍वर की प्रेरणा से लिखा गया है और सिखाने . . . के लिए फायदेमंद है।”—2 तीमुथियुस 3:16.

b कुछ संस्कृतियों में माता-पिता अपने बच्चों के लिए जीवन-साथी चुनते हैं। अगर आपके यहाँ ऐसा है, तो पवित्र शास्त्र में लिखी बातों से आपके माता-पिता जान पाएँगे कि आपके जीवन-साथी में कौन-से गुण होने चाहिए।