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क्या मुझे स्कूल छोड़ना चाहिए?

क्या मुझे स्कूल छोड़ना चाहिए?

आपको नीचे दी बातों पर गौर करना चाहिए

आपके इलाके के कानून के मुताबिक एक व्यक्‍ति को कम-से-कम कितनी पढ़ाई पूरी करनी चाहिए? क्या आपने उतनी पढ़ाई पूरी कर ली है? बाइबल हमें सलाह देती है, “हर इंसान अपने ऊपर ठहराए गए उच्च-अधिकारियों के अधीन रहे।” लेकिन अगर आप इस सलाह को नज़रअंदाज़ करके बीच में ही स्कूल छोड़ देते हैं, तो आप हार मान रहे होंगे।—रोमियों 13:1.

क्या आपने अपनी पढ़ाई से अपने लक्ष्य हासिल किए हैं? आप अपनी पढ़ाई से किस तरह के लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं? पता नहीं? आपको पता होना चाहिए! नहीं तो, आप उस यात्री की तरह होंगे, जिसे ट्रेन पर चढ़ने के बाद यह नहीं पता कि वह कहाँ जाना चाहता है। इसलिए अपने माता-पिता के साथ बैठकर नीचे दिए “ मेरी पढ़ाई से जुड़े लक्ष्य” भाग पर चर्चा कीजिए। आपने अपने माता-पिता के साथ मिलकर जो लक्ष्य तय किया है, उस लक्ष्य को पूरा करने से पहले ही अगर आप स्कूल छोड़ देते हैं, तो आप हार मान रहे होंगे।

स्कूल छोड़ना मंज़िल पर पहुँचने से पहले ही ट्रेन से कूदने जैसा है

आप स्कूल क्यों छोड़ना चाहते हैं? एक वजह यह हो सकती है कि आप अपने परिवार को आर्थिक तरीके से मदद करना चाहते हैं या स्वयं-सेवा करना चाहते हैं। अगर आप परीक्षा से या होमवर्क से बचने के लिए ऐसा कर रहे हैं, तो आप खुदगर्ज़ बन रहे हैं। यह पहचानना बहुत मुश्किल है कि आप किस वजह से स्कूल छोड़ना चाहते हैं, अच्छे इरादे से या स्वार्थ की वजह से। अगर आप मुश्किलों से जान छुड़ाने के लिए स्कूल छोड़ना चाहते हैं, तो आप एक बड़ी मुसीबत मोल ले रहे हैं।

स्कूल छोड़ना मंज़िल पर पहुँचने से पहले ही ट्रेन से कूदने जैसा है। हो सकता है, ट्रेन में सफर इतना आरामदायक न हो और दूसरे यात्री इतने मिलनसार न हों, लेकिन अगर आप ट्रेन से कूद जाएँ तो ज़ाहिर है आप अपनी मंज़िल पर नहीं पहुँचेंगे और शायद आप गंभीर तरीके से घायल भी हो जाएँ। उसी तरह, अगर आप स्कूल जाना छोड़ देंगे, तो शायद आपको इतनी आसानी से नौकरी न मिले। और अगर मिले भी, तो शायद आपको उतनी तनख्वाह न मिले जितनी आपको स्कूल पूरा करने पर मिलती।

हार मानने के बजाय सब्र से उन मुश्किलों का हल निकालिए, जिनका आप स्कूल में सामना करते हैं। ऐसा करके, आप खुद में धीरज का गुण बढ़ाएँगे और आप आगे चलकर नौकरी की जगह पर आनेवाली चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार कर पाएँगे।

 मेरी पढ़ाई से जुड़े लक्ष्य

पढ़ाई करने का खास मकसद है, नौकरी करने के काबिल बनना। इससे आप अपनी और अगर आगे चलकर आपका परिवार होता है, तो उनकी ज़रूरतें पूरी कर सकेंगे। (2 थिस्सलुनीकियों 3:10, 12) क्या आपने सोचा है कि आप किस तरह की नौकरी करना चाहते हैं और स्कूल की पढ़ाई आपको इसके लिए कैसे तैयार करेगी? यह जानने के लिए कि आपकी पढ़ाई आपको अपनी मंज़िल तक ले जा रही है या नहीं, नीचे दिए सवालों का जवाब दीजिए:

  • मुझमें क्या-क्या खूबियाँ हैं? (उदाहरण के लिए, क्या आप लोगों से अच्छी तरह बात कर पाते हैं? क्या आपको हाथ का कोई काम करना, कुछ बनाना या मरम्मत करना पसंद है? क्या आप मुश्किलों को अच्छी तरह समझकर उनका हल निकालने में माहिर हैं?)

  • किस तरह की नौकरी से मैं अपनी खूबियों का अच्छी तरह इस्तेमाल कर सकता हूँ?

  • मेरे घर के आस-पास किस तरह की नौकरियाँ उपलब्ध हैं?

  • खुद को नौकरी के लिए तैयार करने के लिए मैं क्या पढ़ रहा हूँ?

  • मैं ऐसा क्या पढ़ सकता हूँ, जिससे मैं अपने लक्ष्य आसानी से हासिल कर सकूँ?

याद रखिए, आपका मकसद है, एक ऐसी शिक्षा हासिल करना जो आपके काम आ सके। इसका मतलब यह नहीं कि आप एक ऐसे विद्यार्थी बने जो “ट्रेन से उतरना ही नहीं चाहता” और सफर करते रहना चाहता है। यानी अपनी ज़िम्मेदारी से बचने के लिए बस पढ़ते ही रहना चाहता है।