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यहोवा के साक्षी

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मैं अपने मम्मी-पापा का भरोसा कैसे जीत सकता हूँ?

मैं अपने मम्मी-पापा का भरोसा कैसे जीत सकता हूँ?

आप क्या कर सकते हैं

सोचिए: क्या आपके व्यवहार की वजह से आपके मम्मी-पापा को आप पर भरोसा करना मुश्किल लगता है?

जैसे बाइबल में लिखा है, “हम सब बातों में ईमानदारी से काम करना चाहते हैं।” (इब्रानियों 13:18) खुद से पूछिए, ‘जब कभी मेरे मम्मी-पापा ने मुझसे पूछा कि मैं कहाँ था या क्या कर रहा था, तो क्या मैंने हमेशा उन्हें सच-सच बताया है?’

लॉरी

मैं एक लड़के को पसंद करती थी और चोरी-छिपे उसे ई-मेल करती थी। यह बात मेरे मम्मी-पापा को पता चल गयी और उन्होंने मुझे ऐसा करने से मना किया। मैंने वादा किया कि मैं उनकी बात मानूँगी, लेकिन मैंने अपना वादा नहीं निभाया। मैं उस लड़के को ई-मेल करती थी और मम्मी-पापा को इस बात का पता चल जाता था। मैं उनसे माफी माँगती थी और ऐसा न करने का वादा करती थी। लेकिन फिर से ऐसा करने लग जाती थी। यह सिलसिला एक साल तक चला। और मेरी आदत इतनी बिगड़ गयी थी कि मम्मी-पापा को किसी भी बात में मुझ पर भरोसा करना मुश्किल लगता था!

आपको क्या लगता है, लॉरी के मम्मी-पापा को उस पर भरोसा करना क्यों मुश्किल लगता था?

अगर आप लॉरी के मम्मी-पापा होते, तो आप क्या करते और क्यों?

जब लॉरी के मम्मी-पापा ने उससे पहली बार बात की थी, तभी से उसे क्या करना चाहिए था?

बेवरली

लड़कों के मामले में मेरे मम्मी-पापा मुझ पर ज़रा भी भरोसा नहीं करते थे। लेकिन अब मैं समझ सकती हूँ कि ऐसा क्यों था। मैं कई लड़कों के साथ इश्कबाज़ी करती थी, जो मुझसे दो साल बड़े थे। और मैं उनके साथ फोन पर घंटों बातें करती थी। स्कूल की पार्टियों में भी मैं शायद ही उनके सिवा किसी और से बात करती थी। मम्मी-पापा ने एक महीने के लिए मेरा फोन ले लिया और वे मुझे ऐसी किसी भी जगह जाने नहीं देते थे, जहाँ वे लड़के भी हों।

अगर आप बेवरली के मम्मी-पापा होते, तो आप क्या करते और क्यों?

क्या आपको लगता है कि बेवरली के मम्मी-पापा ने बेवजह ही उस पर पाबंदियाँ लगायीं? अगर हाँ, तो आपको ऐसा क्यों लगता है?

बेवरली अपने मम्मी-पापा का भरोसा जीतने के लिए क्या कर सकती थी?

दोबारा भरोसा जीतना

आप क्या कर सकते हैं

भरोसेमंद बनने का सिलसिला सीढ़ियाँ चढ़ने जैसा है। बड़े होने तक आपको एक-एक सीढ़ी चढ़ते जाना होगा

पहला, जानिए कि किस मामले में आप कुछ हद तक भरोसा खो चुके हैं।

  • तय किए वक्‍त पर घर वापस आने में

  • अपने वादे निभाने में

  • वक्‍त का पाबंद होने में

  • पैसे के मामले में

  • घर के काम पूरे करने में

  • बिना किसी के जगाए सुबह उठने में

  • अपना कमरा साफ रखने में

  • सच बोलने में

  • फोन और कंप्यूटर का सही इस्तेमाल करने में

  • गलती मानने और माफी माँगने में

  • किसी दूसरे मामले में

दूसरा, एक लक्ष्य रखिए। जिन मामलों में आपने भरोसा खोया है, उनमें खुद को भरोसेमंद साबित करने का लक्ष्य रखिए। बाइबल में दी यह सलाह मानिए, “तुम्हें उस पुरानी शख्सियत को उतार देना चाहिए जो तुम्हारे पिछले चालचलन के मुताबिक है।” (इफिसियों 4:22) समय के चलते, हर कोई और आपके मम्मी-पापा भी देख पाएँगे कि आप तरक्की कर रहे हैं यानी आप सुधर रहे हैं।—1 तीमुथियुस 4:15.

तीसरा, अपने लक्ष्य के बारे में अपने मम्मी-पापा से बात कीजिए। उनसे यह शिकायत मत कीजिए कि उन्हें आप पर ज़्यादा भरोसा करना चाहिए। इसके बजाय, इज़्ज़त से उनसे पूछिए कि उनका भरोसा जीतने के लिए आपको क्या करना चाहिए।

याद रखिए: अपने मम्मी-पापा से यह उम्मीद मत कीजिए कि वे फौरन आपको छूट देना शुरू कर देंगे। बेशक वे यह पक्का करना चाहेंगे कि आप अपने वादों पर खरे उतरें। इस मौके का इस्तेमाल करके खुद को भरोसेमंद साबित कीजिए। समय के चलते, आपके मम्मी-पापा शायद आप पर ज़्यादा भरोसा करने लगें और आपको ज़्यादा छूट देने लगें। कुछ ऐसा ही आगे चलकर बेवरली के साथ भी हुआ, जिसका हमने पहले ज़िक्र किया था। वह कहती है, “भरोसा खोने से ज़्यादा मुश्किल है, भरोसा जीतना।” वह आगे कहती है, “अभी मैं भरोसा जीत रही हूँ और मुझे अच्छा लग रहा है!”

सौ बात की एक बात: आप जितना ज़्यादा भरोसेमंद होंगे, आप उतना ही ज़्यादा भरोसा जीत पाएँगे।