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नौजवानों के सवाल

बोर होने पर मैं क्या करूँ?

बोर होने पर मैं क्या करूँ?

बारिश के दिन अगर घर से निकलना मुश्‍किल हो जाए या करने के लिए कुछ न हो, तो कुछ लोग एकदम बेचैन हो जाते हैं। उनके लिए इससे बुरा और कुछ नहीं हो सकता। रॉबर्ट नाम का लड़का कहता है,“ऐसे में मैं सिर्फ बैठा रहता हूँ। मुझे समझ में नहीं आता कि क्या करूँ।”

क्या आपको भी कभी ऐसा लगा है? अगर हाँ,तो इस लेख से आप जान पाएँगे कि ऐसे हालात में आप क्या कर सकते हैं ताकि आप बोर न हो जाएँ।

 आपको क्या पता होना चाहिए?

  • फोन या टैबलेट शायद काम न आएँ।

    अपना समय बिताने का एक तरीका है इंटरनेट चलाना। लेकिन अगर आप सारा वक्‍त इंटरनेट ही चलाते रहेंगे, तो आप कुछ नया करने की नहीं सोचेंगे और कुछ समय बाद बोर हो जाएँगे।  इक्कीस साल का जेरमी कहता है,“आपको ऐसा लगेगा जैसे आप बिना कुछ सोचे-समझे बस स्क्रीन देख रहे हैं।”

    एलेना नाम की एक लड़की को भी यही लगता है। वह कहती है,“हम एक हद तक ही फोन या टैबलेट का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर हम इन्हीं से चिपके रहें, तो हमें पता नहीं होगा कि हमारे चारों तरफ क्या हो रहा है। इसलिए फोन या टैबलेट बंद करने के बाद हम पहले से ज़्यादा बोर हो जाएँगे।”

  • सही नज़रिया रखना ज़रूरी है।

    बोरियत से बचने के लिए बहुत सारा काम करना काफी नहीं है। इसके लिए आपको हर काम मन लगाकर करना होगा। उदाहरण के लिए,कैरन नाम की एक लड़की अपने स्कूल के दिनों को याद करके कहती है, “स्कूल में मेरे पास करने के लिए बहुत सारा काम होता था,फिर भी मैं बोर हो जाती थी, क्योंकि मैं कोई काम मन लगाकर नहीं करती थी। अगर आप बोर नहीं होना चाहते, तो हर काम मन लगाकर कीजिए।”

क्या आप जानते थे? खाली समय बेकार बैठे रहने के लिए नहीं है बल्कि इससे कुछ नया सीखने का मौका मिलता है। खाली समय उपजाऊ मिट्टी जैसा है जिससे कुछ नया उग सकता है। आप समय का सही इस्तेमाल करके कुछ नया सीख सकते हैं।

जैसे उपजाऊ मिट्टी में कुछ नया उग सकता है, वैसे ही खाली समय में आप कुछ नया सीख सकते हैं

 आप क्या कर सकते हैं?

कुछ नया कीजिए। नए दोस्त बनाइए। कुछ नया सीखिए। नयी-नयी चीज़ों के बारे में जानकारी लीजिए। जो लोग तरह-तरह की बातों में दिलचस्पी लेते हैं,वे न तो खुद बोर होते हैं और ना ही दूसरों को बोर करते हैं।

पवित्र शास्त्र का सिद्धांत: “तू जो भी करे उसे जी-जान से कर।”—सभोपदेशक 9:10.

“मैंने हाल ही में मैंडरिन चीनी भाषा सीखनी शुरू की है। हर दिन इसकी प्रैक्टिस करने से मुझे एहसास हुआ कि काश मैंने बहुत पहले अपना दिमाग ऐसी बातों में लगाया होता। मुझे यह भाषा सीखने में बहुत मज़ा आता है। अब मेरा मन इसमें लगा रहता है और मैं अपने समय का सही इस्तेमाल भी कर पाती हूँ।”—मेलिन्डा।

सोचिए कि आप कोई काम क्यों कर रहे हैं। जब आप यह सोचेंगे कि आप कोई काम क्यों कर रहे हैं और उसे करने से क्या फायदा होगा,तो आपको उसे करने में मज़ा आएगा। यहाँ तक कि स्कूल का काम करते हुए भी आप बोर नहीं होंगे।

पवित्र शास्त्र का सिद्धांत: ‘इंसान के लिए इससे अच्छा और क्या हो सकता है कि वह अपनी मेहनत से खुशी पाए।’—सभोपदेशक 2:24.

“इम्तहान होने से पहले मैंने कुछ भी पढ़ाई नहीं की थी, इसलिए मैं हर दिन आठ घंटे पढ़ती थी। लेकिन इतनी पढ़ाई करने पर भी मैं बोर नहीं हुई क्योंकि मैंने ठान लिया था कि मुझे इम्तहान में पास होना है। इसी वजह से मैं मेहनत करना चाहती थी।”—हैन्‍ना।

जो आपके बस में नहीं है, उसके बारे में सोचकर परेशान मत होइए। कुछ काम बहुत मज़ेदार होते हैं, मगर उनके कुछ पहलू भी बहुत उबाऊ होते हैं। ऐसे में परेशान मत होइए। हो सकता है आपने और कुछ दोस्तों ने मिलकर कुछ करने का प्लैन किया था और वे अचानक प्लैन कैंसल कर देते हैं जिस वजह से आपके पास करने के लिए कुछ नहीं होता। ऐसे में उदास मत होइए बल्कि खुश रहिए।

पवित्र शास्त्र का सिद्धांत: “जिसका मन खुश रहता है,उसके लिए तो हर दिन दावत है।”—नीतिवचन 15:15.

“मेरी एक सहेली ने मुझसे कहा कि मैं अपनी तन्हाई के पल खुशी से बिताना सीखूँ। उसने कहा कि हमें न सिर्फ दूसरों के साथ वक्‍त बिताना चाहिए बल्कि अकेले में भी कुछ समय बिताना चाहिए। यह हर किसी को सीखना चाहिए, क्योंकि यह ज़िंदगी में बहुत काम आता है।”—आइवी।