डेटिंग किसे कहते हैं?

  • आप हर बार एक ही लड़की के साथ घूमने जाते हैं। * क्या इसे डेटिंग कहते हैं?

  • आप किसी लड़की की तरफ आकर्षित होते हैं और वह भी आपकी तरफ आकर्षित होती है। आप दिन में कई बार उसे मेसेज करते हैं और फोन पर उससे बात करते हैं। क्या इसे डेटिंग कहते हैं?

  • जब-जब आप अपने दोस्तों के साथ इकट्ठा होते हैं, आप अपना पूरा समय एक ही लड़की के साथ बिता देते हैं। क्या इसे डेटिंग कहते हैं?

आपने शायद पहले सवाल का जवाब सीधे-सीधे हाँ में दिया होगा। लेकिन दूसरे और तीसरे सवाल ने आपको सोच में डाल दिया होगा। देखा जाए तो असल में डेटिंग किसे कहते हैं?

डेटिंग का मतलब है, किसी एक ही व्यक्‍ति के साथ घूमना-फिरना या मिलना-जुलना जिसे आप पसंद करते हैं और उसे भी आपमें दिलचस्पी है।

तो उन तीनों सवालों के जवाब हाँ है। अगर आप और आपका दोस्त एक-दूसरे को पसंद करते हैं और रोज़ एक-दूसरे से बातें करते हैं, फिर चाहे फोन पर या आमने-सामने, चाहे चोरी-छिपे या खुल्लम-खुल्ला, तो इसे डेटिंग कहते हैं।

 डेटिंग करने का क्या मकसद होता है?

डेट करने का एक नेक मकसद होना चाहिए: एक लड़का और लड़की एक-दूसरे को अच्छी तरह जानने की कोशिश करते हैं और यह तय करते हैं कि वे एक-दूसरे से शादी करना चाहते हैं या नहीं।

माना कि आपकी उम्र के लड़के-लड़कियाँ शादी करने के इरादे से डेटिंग न करें। उन्हें शायद किसी खास दोस्त के साथ सिर्फ वक्‍त बिताना अच्छा लगे। यहाँ तक कि कुछ नौजवान ऐसे दोस्त को ट्रॉफी समझते हैं जो उन्होंने जीत लिया है या ऐसी कोई चीज़ मानते हैं जिसकी सबके सामने नुमाइश करने से उनका आत्म-विश्‍वास बढ़ता है।

लेकिन ऐसे रिश्‍तों की उम्र अकसर लंबी नहीं होती। हेदर नाम की एक लड़की कहती है, “कई नौजवान एक-दो हफ्ते तक डेटिंग करते हैं फिर ब्रेकअप कर लेते हैं। वे यह मानने लगते हैं कि सभी रिश्‍ते सिर्फ पल-भर के लिए होते हैं। और यह सोच उन्हें शादी के लिए नहीं बल्कि तलाक के लिए तैयार करती है।”

ज़ाहिर-सी बात है कि जब आप किसी को डेट करते हैं, तो उसके दिल में आपके लिए भावनाएँ पैदा होती हैं। इसलिए इस बात का ध्यान रखिए कि आपके इरादे नेक हों।—लूका 6:31.

अगर आप डेटिंग करते हैं मगर शादी का आपका कोई इरादा नहीं है, तो आप ऐसे बच्चे की तरह हैं जो एक नए खिलौने के साथ जी-भर खेलता है, फिर उसे उठाकर फेंक देता है

ज़रा सोचिए: क्या आप चाहते हैं कि कोई आपके जज़्बातों के साथ ऐसे खेले जैसे ये कोई खिलौना हों कि जब चाहा उससे मन बहला लिया और जब चाहा उसे उठाकर फेंक दिया? नहीं ना! तो फिर दूसरों के साथ ऐसा मत कीजिए! बाइबल कहती है कि प्यार “बदतमीज़ी से पेश नहीं आता।”—1 कुरिंथियों 13:4, 5.

चेल्सी नाम की एक लड़की कहती है, “कभी-कभी मैं सोचती हूँ कि हमें सिर्फ मज़े के लिए डेटिंग करनी चाहिए। लेकिन जब एक व्यक्‍ति इसे एक खेल समझता है और दूसरा नहीं, तो फिर उसे मज़े के लिए करना सही नहीं।”

इसे आज़माइए: अगर आप डेटिंग करने और शादी करने के बारे में सोच रहे हैं, तो पहले 2 पतरस 1:5-7 पढ़िए और कोई एक गुण चुनिए जिसे आप अपने अंदर बढ़ाना चाहेंगे। फिर एक महीने बाद देखिए कि आपने उस गुण के बारे में क्या सीखा है और उसे बढ़ाने में कितनी तरक्की की है।

 क्या डेटिंग करने की मेरी यह उम्र है?

  • आप क्या सोचते हैं, एक नौजवान के लिए कौन-सी उम्र में डेटिंग करना सही होगा?

  • अब यही सवाल अपने मम्मी या पापा से पूछिए।

मुमकिन है कि आपका जवाब आपके मम्मी-पापा से अलग होगा। ऐसा भी हो सकता है कि आप दोनों का एक ही जवाब हो! आप शायद उन जवानों में से एक हों जो समझदारी दिखाते हुए डेटिंग के मामले में जल्दबाज़ी नहीं करना चाहते। आप पहले खुद को अच्छी तरह जानना चाहते हैं, फिर यह कदम उठाना चाहते हैं।

सत्रह साल की डेन्येल ने यही करने का फैसला किया। वह कहती है, “दो साल पहले मैं अपने होनेवाले साथी में जो बात देखना चाहती थी और आज मैं जो बात देखना चाहती हूँ, उनमें कितना फर्क है! देखा जाए तो आज भी मैं जो बात देखना चाहती हूँ, वह शायद आगे चलकर बदल जाए। इसलिए जब मुझे यकीन हो जाएगा कि मुझे एक जीवन-साथी में क्या चाहिए, तब मैं डेटिंग के बारे में सोचूँगी।”

इस मामले में जल्दबाज़ी न करने की एक और वजह है। बाइबल “जवानी की कच्ची उम्र” की बात करती है। यह एक ऐसा दौर है जब यौन-इच्छाएँ और प्यार-मुहब्बत जैसे जज़्बात बहुत ज़बरदस्त होते हैं। (1 कुरिंथियों 7:36) इस उम्र में किसी लड़की के साथ बार-बार समय बिताने से ये इच्छाएँ और भी ज़ोर पकड़ सकती हैं और आप गलत काम कर बैठेंगे।

यह सच है कि इस बात से आपकी उम्र के लड़के-लड़कियों को कोई फर्क नहीं पड़ता। उनमें से कई नौजवान शायद सेक्स करने के लिए बेताब हो। लेकिन आप उनसे ज़्यादा समझदार बन सकते हैं! (रोमियों 12:2) बाइबल आपको यह भी बढ़ावा देती है: “व्यभिचार से दूर भागो!” (1 कुरिंथियों 6:18) जवानी की कच्ची उम्र पार करने के बाद डेटिंग के बारे में सोचने से आप खुद पर ‘दुख लाने से दूर’ रहेंगे।—सभोपदेशक 11:10.

 डेटिंग करने में जल्दबाज़ी क्यों न करें?

डेटिंग करने का दबाव ऐसा है जैसे आप अभी एक नयी क्लास में गए हों और किसी एक सब्जेक्ट पर फाइनल की परीक्षा देने के लिए आप पर दबाव डाला जाता है। क्या आप परीक्षा देंगे? नहीं, यह तो सरासर नाइंसाफी होगी! अपने सब्जेक्ट को अच्छी तरह पढ़ने के लिए आपको समय चाहिए ताकि आप उन मुश्‍किलों से वाकिफ हो जाएँ जो परीक्षा में आएँगी।

डेटिंग के बारे में भी यह बात सच है।

डेटिंग करना भी कोई खेल नहीं है। इससे पहले कि आप किसी एक व्यक्‍ति के साथ डेटिंग करना शुरू करें, आपको समय चाहिए कि आप एक अहम “सब्जेक्ट” को अच्छी तरह पढ़ लें और वह है, दोस्ती करना सीखना।

फिर बाद में, जब आपकी मुलाकात किसी ऐसे व्यक्‍ति से होती है जो आपके लिए ठीक रहेगा, तो आप उसके साथ एक मज़बूत रिश्‍ता बना पाओगे। क्योंकि एक कामयाब शादी ऐसे दो लोगों का मिलन है जो अच्छे दोस्त होते हैं।

डेटिंग के लिए रुकने से आपकी आज़ादी में खलल नहीं पड़ेगा। उलटा, आपको ‘अपनी जवानी में आनन्द करने’ की और भी आज़ादी मिलेगी। (सभोपदेशक 11:9) इसके अलावा, अपनी शख्सियत निखारने और सबसे बढ़कर यहोवा के साथ अपने रिश्‍ते को बढ़ाने के लिए आपके पास समय भी होगा और इस तरह आप खुद को तैयार कर सकते हैं।—विलापगीत 3:27.

इस बीच आप लड़कियों की संगति का मज़ा उठा सकते हैं। ऐसा करने का सबसे सही तरीका क्या होगा? ऐसे समूह में उनके साथ वक्‍त बिताइए जिनमें लड़के-लड़कियाँ दोनों हों और कुछ बड़े लोग भी हों। टेमी नाम की एक लड़की कहती है, “मेरा मानना है कि इस तरह मेल-जोल रखना और भी मज़ेदार होता है। एक ही व्यक्‍ति के बजाय बहुत-से लोगों के साथ दोस्ती करना ज़्यादा अच्छा है।” मोनिका भी कुछ यही बात कहती है, “समूह में कई लोगों के साथ मेल-जोल करना अच्छी बात है क्योंकि हम अलग-अलग स्वभाव के लोगों को जान पाते हैं।”

वहीं दूसरी तरफ, अगर आप एक ही इंसान को जानने में जल्दबाज़ी करते हैं तो आगे चलकर आपको दुख उठाना पड़ सकता है। इसलिए जल्दबाज़ी मत कीजिए। ज़िंदगी के इस दौर में दोस्ती करना और उसे कायम रखना सीखिए। जब बाद में आप डेटिंग करने का फैसला करते हैं, तब उस वक्‍त आप खुद को अच्छी तरह जान पाएँगे और आपको पता होगा कि आप अपने जीवन-साथी में कौन-से गुण देखना चाहते हैं।

^ पैरा. 8 हालाँकि इस लेख में हमने ज़्यादातर जगहों पर नौजवान के लिए पुल्लिंग इस्तेमाल किया है, लेकिन यहाँ दी बातें लड़के-लड़की दोनों पर लागू होती हैं।