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मैं अकेलापन कैसे दूर करूँ?

मैं अकेलापन कैसे दूर करूँ?

आप क्या कर सकते हैं

1. अपनी खूबियों पर ध्यान दीजिए। (2 कुरिंथियों 11:6) हालाँकि अपनी कमज़ोरियों के बारे में पता होना अच्छी बात है, लेकिन आपमें बहुत-से अच्छे गुण भी हैं। अपनी खूबियों को पहचानने से आप अपनी काबिलीयतों को कम नहीं आँकेंगे, बल्कि खुद पर भरोसा रख पाएँगे और अकेलेपन से उबर पाएँगे। खुद से पूछिए, ‘मुझमें क्या खूबियाँ हैं?’ आपमें कौन-से अच्छे गुण या हुनर हैं, इस बारे में सोचिए।

2. दूसरों में सच्ची दिलचस्पी लीजिए। शुरू-शुरू में आप कुछ लोगों में दिलचस्पी लेने की कोशिश कर सकते हैं। होरहे नाम का एक नौजवान कहता है, “बस इतना पूछने से ही कि आप कैसे हैं, आपका काम कैसा चल रहा है, आपको लोगों के बारे में और भी अच्छी तरह जानने में मदद मिलती है।”

आप अपने और दूसरों के बीच के फासले कम कर सकते हैं

इसे आज़माइए: हमउम्र के लोगों के साथ ही मेल-जोल मत रखिए। पवित्र शास्त्र में ऐसे लोगों की गहरी दोस्ती की दास्तान दर्ज़ है, जिनकी उम्र में काफी साल का फर्क था। जैसे, रूत और नाओमी, दाविद और योनातान, और तीमुथियुस और पौलुस। (रूत 1:16, 17; 1 शमूएल 18:1; 1 कुरिंथियों 4:17) याद रखिए, बातचीत सिर्फ एक तरफा नहीं होती, बल्कि इसमें दोनों शामिल होते हैं। और जो ध्यान से सुनता है, उसे लोग पसंद करते हैं। इसलिए अगर आप शर्मीले स्वभाव के हैं, तो याद रखिए कि आपको अकेले पूरी बातचीत नहीं करनी है!

3. अपने अंदर “एक-दूसरे का दर्द महसूस” करने की काबिलीयत बढ़ाइए। (1 पतरस 3:8) अगर आप सामनेवाले की बात से राज़ी न भी हों, तो भी उसकी बात खत्म होने तक इंतज़ार कीजिए। ऐसी चीज़ों के बारे में बात कीजिए, जिनसे आप राज़ी हैं। अगर आप किसी बात से राज़ी नहीं हैं, तो अपनी राय बताते वक्‍त कोमलता और समझदारी से पेश आइए।

इसे आज़माइए: दूसरों से इस तरह बात कीजिए, जिस तरह आप चाहते हैं कि वे आपसे करें। बेवजह छोटी-छोटी बात पर झगड़ा करने या मज़ाक उड़ाने, बेइज़्ज़ती करने या खुद को बहुत शरीफ समझकर दूसरों का नुक्स निकालनेवालों से लोग दूर रहने लगते हैं। अगर आपके “बोल हमेशा मन को भानेवाले, सलोने” होंगे, तो लोग आपको बहुत पसंद करेंगे।—कुलुस्सियों 4:6.