एपिसोड 4
“मैं इसीलिए आया हूँ”
(समय: 54:56)
यीशु बीमार लोगों को ठीक करता है, दुष्ट स्वर्गदूतों को निकालता है, चेले बनाता है और अपने 12 प्रेषितों को चुनता है। इस एपिसोड में ये किस्से दिखाए गए हैं:
यीशु कफरनहूम के सभा-घर में सिखाता है; एक दुष्ट स्वर्गदूत को निकालता है (मरकुस 1:21-29; लूका 4:31-37)
यीशु पतरस की सास को ठीक करता है (लूका 4:38, 39; मत्ती 8:14, 15; मरकुस 1:30, 31)
यीशु दूसरे कई लोगों को ठीक करता है (लूका 4:40, 41; मत्ती 8:16, 17; मरकुस 1:32-34)
यीशु एकांत जगह में प्रार्थना करता है (मरकुस 1:35-38; लूका 4:42, 43)
यीशु प्रचार करता है, सिखाता है और बीमारों को ठीक करता है (मत्ती 4:23-25; मरकुस 1:39)
यीशु एक कोढ़ी को ठीक करता है (मरकुस 1:40-45; मत्ती 8:1-4; लूका 5:12-15)
यीशु प्रार्थना करने के लिए एकांत जगह ढूँढ़ता है (लूका 5:16)
यीशु कफरनहूम में एक लकवे के मारे आदमी के पाप माफ करता है और उसे ठीक करता है (मरकुस 2:1-12; मत्ती 9:1-8; लूका 5:17-26)
यीशु मत्ती को अपना चेला बनने के लिए बुलाता है (मरकुस 2:13, 14; मत्ती 9:9; लूका 5:27-28)
यीशु मत्ती के घर कर-वसूलनेवालों के साथ खाना खाता है (मरकुस 2:15-17; मत्ती 9:10-13; लूका 5:29-32)
उपवास करने के बारे में सवाल (मत्ती 9:14-17; लूका 5:33-39; मरकुस 2:18-22)
यीशु यहूदिया के सभा-घरों में प्रचार करता है (लूका 4:44)
यीशु सब्त के दिन बेतहसदा कुंड के पास एक बीमार आदमी को ठीक करता है (यूहन्ना 5:1-9)
यहूदी ठीक हुए आदमी पर सवाल उठाते हैं (यूहन्ना 5:10-13)
यीशु मंदिर में ठीक हुए आदमी से मिलता है (यूहन्ना 5:14, 15)
यीशु अपने पिता से मिले अधिकार के बारे में बताता है (यूहन्ना 5:16-24)
जो लोग यहोवा से दूर जाकर मानो मर चुके हैं, अगर यीशु की आवाज़ सुनें तो जीएँगे (यूहन्ना 5:25-27)
जो स्मारक कब्रों में हैं उन्हें ज़िंदा किया जाएगा (यूहन्ना 5:28-30)
यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला, यीशु के काम, पिता और शास्त्र यीशु के बारे में गवाही देते हैं (यूहन्ना 5:31-47)
यीशु, “सब्त के दिन का भी प्रभु है” (मरकुस 2:23-28; मत्ती 12:1-8; लूका 6:1-5)
यीशु सब्त के दिन सूखे हाथवाले आदमी को ठीक करता है (लूका 6:6-11; मत्ती 12:9-14; मरकुस 3:1-6)
झील के किनारे एक बड़ी भीड़; यीशु, परमेश्वर का प्यारा सेवक; कई लोगों को ठीक किया जाता है (मरकुस 3:7-12; मत्ती 12:15-21)
12 प्रेषितों को चुना जाता है (लूका 6:12-16; मरकुस 3:13-19क)

