3 यूहन्‍ना 1:1-14

 मैं, एक प्राचीन, अपने प्यारे गयुस को लिख रहा हूँ, जिसे मैं सचमुच प्यार करता हूँ।  प्यारे भाई गयुस, मैं यही दुआ करता हूँ कि जैसे तेरी ज़िंदगी खुशहाल है, वैसे ही तू हर बात में खुशहाल रहे और सेहतमंद हो।  जब भाइयों ने आकर तेरे बारे में मुझे यह गवाही दी कि तू सच्चाई को थामे हुए है, तो मुझे बेहद खुशी हुई। हाँ, मैं जानता हूँ कि तू वाकई सच्चाई की राह पर चल रहा है।  मेरे लिए शुक्रगुज़ार होने की इससे बड़ी और क्या वजह होगी कि मैं यह सुनूं कि मेरे बच्चे सच्चाई की राह पर चलना जारी रखे हुए हैं।  मेरे प्यारे, तू उन भाइयों के लिए जिन्हें तू पहले से नहीं जानता, जो कुछ कर रहा है उसमें विश्‍वासयोग्य है।  इन भाइयों ने मंडली * के सामने तेरे प्यार की गवाही दी है। मेहरबानी से तू उन्हें सफर के लिए इस तरह से विदा कर जैसा परमेश्‍वर अपने सेवकों के लिए चाहता है।  क्योंकि वे उसी के नाम की खातिर निकले हैं और दुनिया के लोगों से कुछ नहीं लेते।  इसलिए, हमारा यह फर्ज़ बनता है कि हम ऐसे भाइयों का आदर-सत्कार करें और उन्हें मेहमान-नवाज़ी दिखाएँ, जिससे कि हम भी सच्चाई के लिए उनके सहकर्मी बनें।  मैंने मंडली को कुछ लिखा था, मगर दियुत्रिफेस जो मंडली में सबसे बड़ा बनना चाहता है, वह हमारी किसी भी बात की इज़्ज़त नहीं करता। 10  इसलिए, अगर मैं आया तो उसके वे काम ज़ाहिर करूँगा जो वह कर रहा है और हमें बदनाम करने के लिए बुरी-बुरी बातें कहता फिर रहा है। और वह इतने से खुश नहीं है। वह न तो खुद भाइयों का आदर के साथ सत्कार करता है, बल्कि जो सत्कार करना चाहते हैं उन्हें भी रोकने, यहाँ तक कि मंडली से बेदखल कर देने की कोशिश करता है। 11  प्यारे भाई, बुरी मिसालों पर नहीं बल्कि अच्छी मिसालों पर चल। जो अच्छा करता है वह परमेश्‍वर से है। लेकिन जो बुरा करता है उसने परमेश्‍वर को नहीं देखा। 12  देमेत्रियुस के अच्छे गुणों के बारे में सभी भाइयों ने गवाही दी है और जिस तरह वह सच्चाई के मुताबिक जी रहा है उससे भी यही साबित होता है। दरअसल, हम भी यही गवाही देते हैं और तू जानता है कि हमारी गवाही सच्ची है। 13  मैं तुझे और भी बहुत सारी बातें लिखना चाहता था, मगर मैं नहीं चाहता कि स्याही और कलम से तुझे सारी बातें लिख दूँ, 14  बल्कि मुझे उम्मीद है कि मैं बहुत जल्द आकर तुझसे मिलूँगा और तब हम आमने-सामने बैठकर बात कर सकेंगे। मेरी दुआ है कि तुझे शांति मिले। यहाँ के सभी दोस्त तुझे नमस्कार कहते हैं। वहाँ के सभी दोस्तों को एक-एक कर मेरी तरफ से नमस्कार कहना।

कई फुटनोट

3यूह 6  मत्ती 16:18 दूसरा फुटनोट देखें।