सारांश चलाएँ नमस्कार और प्रार्थना (1-4) गयुस की तारीफ (5-8) दियुत्रिफेस में बड़ा बनने का जुनून (9, 10) देमेत्रियुस की तारीफ (11, 12) उनसे मिलने की उम्मीद और नमस्कार (13, 14) पिछला अगला इस प्रकाशन की कॉपीराइट Copyright © 2026 Watch Tower Bible and Tract Society of Pennsylvania. इस्तेमाल की शर्तें | गोपनीयता नीति | PRIVACY SETTINGS