सपन्याह 1:1-18

1  यहोवा का संदेश सपन्याह* के पास पहुँचा जो कूशी का बेटा था, कूशी गदल्याह का, गदल्याह अमरयाह का और अमरयाह हिजकियाह का बेटा था। यहूदा के राजा योशियाह के दिनों में,+ जो आमोन+ का बेटा था, सपन्याह को यह संदेश मिला:   यहोवा ऐलान करता है, “मैं धरती पर से हर चीज़ का सफाया कर दूँगा।”+   “मैं इंसान और जानवर का सफाया कर दूँगा। आकाश के पंछियों और समुंदर की मछलियों का सफाया कर दूँगा,+ठोकर खिलानेवाली बाधाओं*+ और दुष्टों को मिटा दूँगा,मैं धरती से सभी इंसानों को नाश कर दूँगा।” यहोवा का यह ऐलान है।   “मैं यहूदा के खिलाफ औरयरूशलेम के सभी निवासियों के खिलाफ अपना हाथ बढ़ाऊँगा,मैं इस जगह से बाल की हर निशानी मिटा दूँगा,+पराए देवताओं के पुजारियों के साथ-साथ याजकों के नाम मिटा दूँगा,+   मैं उन सबको मिटा दूँगा जो छत पर आकाश की सेनाओं को दंडवत करते हैं,+जो यहोवा को दंडवत करने और उसके वफादार रहने की शपथ खाने+ के साथ-साथमलकाम के वफादार रहने की भी शपथ खाते हैं,+   जो यहोवा के पीछे चलना छोड़ देते हैं+और न यहोवा की खोज करते हैं न ही उसकी मरज़ी पूछते हैं।”+   सारे जहान के मालिक यहोवा के सामने चुप रहो क्योंकि यहोवा का दिन करीब है।+ यहोवा ने एक बलिदान तैयार किया है, उसने मेहमानों को तैयार किया है।   “जिस दिन मैं यहोवा बलिदान चढ़ाऊँगा उस दिन मैं हाकिमों से,राजा के बेटों से और उन सबसे हिसाब माँगूँगा+ जो विदेशी कपड़े पहनते हैं।   उस दिन मैं उन सभी से हिसाब माँगूँगा जो मंच* पर चढ़ते हैं,अपने मालिक का घर हिंसा और धोखाधड़ी से भर देते हैं।” 10  यहोवा ऐलान करता है, “उस दिन मछली फाटक+ से होहल्ला सुनायी देगा,शहर के नए हिस्से+ से रोने-पीटने की आवाज़ें आएँगीऔर पहाड़ियों से ज़ोरदार धमाका सुनायी देगा। 11  मक्‍तेश* के निवासियो, ज़ोर-ज़ोर से रोओक्योंकि सारे व्यापारी* मारे गए,चाँदी तौलनेवाले सभी नाश हो गए। 12  उस समय मैं दीए लेकर यरूशलेम का कोना-कोना छान मारूँगा,मैं उनसे हिसाब माँगूँगा जो बेफिक्र रहते हैं* और अपने दिल में कहते हैं,‘यहोवा न भला करेगा न बुरा।’+ 13  उनकी दौलत लूट ली जाएगी और उनके घर तहस-नहस कर दिए जाएँगे।+ वे घर बनाएँगे मगर उनमें नहीं रह पाएँगे,अंगूरों के बाग लगाएँगे मगर उनकी दाख-मदिरा नहीं पी पाएँगे।+ 14  यहोवा का महान दिन करीब है!+ वह करीब है और बड़ी तेज़ी से नज़दीक आ रहा है!+ यहोवा के दिन के आने की आवाज़ भयानक है।+ उस दिन सूरमा दुख के मारे चिल्लाता है।+ 15  वह दिन जलजलाहट का दिन है,+मुसीबतों और चिंताओं का दिन,+आँधी और तबाही का दिन,घोर अंधकार का दिन,+काले घने बादलों का दिन,+ 16  किलेबंद शहरों और कोने की ऊँची मीनारों के खिलाफ+नरसिंगा फूँकने और युद्ध का ऐलान करने का दिन है।+ 17  मैं सभी इंसानों पर विपत्ति लाऊँगाऔर वे अंधों की तरह चलेंगे,+क्योंकि उन्होंने यहोवा के खिलाफ पाप किया है।+ उनका खून धूल की तरहऔर उनकी लाशें गोबर की तरह पड़ी रहेंगी।+ 18  यहोवा की जलजलाहट के दिन उनके सोने-चाँदी से उनका बचाव नहीं होगा,+उसके क्रोध की आग से पूरी धरती भस्म हो जाएगी,+क्योंकि वह धरती के सब निवासियों का सफाया कर देगा, वाकई, भयानक तरीके से सफाया कर देगा।”+

कई फुटनोट

मतलब “यहोवा ने छिपाया (या संजोए रखा) है।”
ज़ाहिर है, मूर्तिपूजा से जुड़ी चीज़ें या काम।
या “दहलीज़।” शायद यह राजा की राजगद्दी का मंच था।
ज़ाहिर है, यरूशलेम का एक हिस्सा जो मछली फाटक के पास था।
या “सौदागर।”
शा., “दाख-मदिरा के तलछट की तरह बैठे हुए हैं।”

अध्ययन नोट

तसवीर और ऑडियो-वीडियो