यहेजकेल 23:1-49

23  यहोवा का संदेश एक बार फिर मेरे पास पहुँचा। उसने मुझसे कहा,  “इंसान के बेटे, सुन। दो औरतें थीं जो एक ही माँ की बेटियाँ थीं।+  वे मिस्र में वेश्‍या बन गयीं+ और जवानी से ही वेश्‍या का काम करने लगीं। वहाँ उन्होंने बदचलनी की और अपनी पवित्रता पूरी तरह खो दी।  उनमें से बड़ी बहन का नाम ओहोला* था और छोटी का ओहोलीबा।* वे मेरी हो गयीं और उन्होंने बेटे-बेटियों को जन्म दिया। ओहोला दरअसल सामरिया है+ और ओहोलीबा, यरूशलेम।  ओहोला जब मेरी थी तभी वेश्‍या बन बैठी।+ अपनी वासना पूरी करने के लिए वह अपने पड़ोसियों के पास जाया करती थी, अपने अश्‍शूरी यारों+ के पास जो उस पर मरते थे।+  उसके यार नीले लिबास पहने अश्‍शूर के राज्यपाल और अधिकारी थे, सुंदर-सजीले जवान थे जो बड़ी शान से घोड़ों पर सवारी करते थे।  वह अश्‍शूर के बड़े-बड़े आदमियों के साथ बदचलनी करती रही और उन लोगों की घिनौनी मूरतों* से खुद को दूषित करती रही+ जिनके लिए वह कामातुर रहती थी।  उसने मिस्र में जो वेश्‍या के काम शुरू किए थे उन्हें नहीं छोड़ा। जब वह जवान थी तब मिस्र के आदमी उसके साथ सोया करते थे और उन्होंने उसे पूरी तरह भ्रष्ट कर दिया। वे उसके पास जाकर अपनी हवस पूरी करते थे।+  इसलिए मैंने उसे अश्‍शूरी आदमियों को दे दिया जो उस पर मरते थे,+ क्योंकि वह उन्हीं के लिए कामातुर रहती थी। 10  उन्होंने उसे पूरी तरह नंगा कर दिया,+ उसके बेटे-बेटियों को उससे छीन लिया+ और उसे तलवार से मार डाला। वह औरतों में सबसे बदनाम हो गयी थी और उन्होंने उसे सज़ा दी। 11  जब उसकी बहन ओहोलीबा ने उसे देखा तो उसने अपनी वासना पूरी करने के लिए उससे भी बढ़-चढ़कर बदचलनी की। वेश्‍या के काम करने में वह अपनी बहन से भी बदतर निकली।+ 12  अपनी वासना पूरी करने के लिए वह पड़ोस के अश्‍शूरी राज्यपालों और अधिकारियों के पास जाने लगी,+ उन सुंदर-सजीले जवानों के पास जो बढ़िया-बढ़िया लिबास पहने घोड़ों पर सवारी करते थे। 13  इस तरह ओहोलीबा ने भी खुद को दूषित कर लिया और मैंने दोनों बहनों को एक ही राह पर चलते देखा।+ 14  ओहोलीबा और भी बढ़-चढ़कर बदचलनी करती गयी। उसने दीवार पर सिंदूरी लाल रंग से रंगी कसदी आदमियों की नक्काशियाँ देखीं, 15  जो कमरबंद बाँधे थे और सिर पर लहराती सुंदर पगड़ियाँ पहने थे। ये सारी-की-सारी नक्काशियाँ कसदिया में पैदा हुए बैबिलोनी आदमियों की थीं और उनका रंग-रूप सूरमाओं जैसा था। 16  उसने जैसे ही उन्हें देखा, वह उनके साथ संबंध बनाने के लिए मचलने लगी और उसने अपने दूतों को उन आदमियों के पास कसदिया भेजा।+ 17  फिर बैबिलोन के आदमी उस पर प्यार लुटाने उसके बिस्तर पर आते रहे और उन्होंने अपनी हवस पूरी करके* उसे दूषित कर दिया। जब वह उन आदमियों से दूषित हो गयी तो वह उनसे घिन करने लगी और उनसे मुँह फेर लिया। 18  जब वह शर्म-हया की सारी हदें पार करके वेश्‍या के काम करने लगी और अपने तन की नुमाइश करने लगी,+ तो मुझे उससे घिन होने लगी और मैंने उससे मुँह फेर लिया, जैसे मैंने उसकी बहन से भी मुँह फेर लिया था।+ 19  वह जवानी के उन दिनों को याद करती जब वह मिस्र में वेश्‍या के काम करती थी+ और पहले से भी बढ़-चढ़कर बदचलनी करती।+ 20  वह उन आदमियों की रखैलियों की तरह उनके पास जाने लगी जिनके लिंग गधे और घोड़े के लिंग जैसे होते हैं। 21  ओहोलीबा, तू ऐसे अश्‍लील काम करने के लिए बेताब रहती है जो तूने मिस्र में रहते वक्‍त जवानी में किए थे।+ जवानी में वहाँ के आदमियों ने तुझे भ्रष्ट कर दिया था।+ 22  इसलिए ओहोलीबा सुन, सारे जहान का मालिक यहोवा तुझसे क्या कहता है, ‘मैं तेरे यारों को तेरे खिलाफ भड़काने जा रहा हूँ+ जिनसे तूने घिन करके अपना मुँह फेर लिया था। मैं उन्हें चारों तरफ से तेरे खिलाफ ले आऊँगा।+ 23  मैं बैबिलोन के आदमियों+ को और सारे कसदियों को,+ पकोद, शोआ और कोआ के आदमियों को,+ साथ ही अश्‍शूर के सारे आदमियों को तेरे खिलाफ खड़ा करूँगा। हाँ, उन सभी राज्यपालों, अधिकारियों और चुने हुए सूरमाओं को जो एक-से-बढ़कर-एक सुंदर-सजीले जवान हैं और घोड़ों पर बड़ी शान से सवारी करते हैं। 24  वे रथों की तेज़ घड़घड़ाहट के साथ और एक बड़ी सेना लेकर तुझ पर टूट पड़ेंगे जो बड़ी ढालों, छोटी ढालों* और टोप से पूरी तरह लैस होगी। वे तुझे चारों तरफ से घेर लेंगे और मैं उन्हें तेरा न्याय करने का अधिकार दूँगा और वे अपने तरीके से तुझे सज़ा देंगे।+ 25  मैं तुझ पर अपनी जलजलाहट प्रकट करूँगा और वे गुस्से में आकर तेरा बहुत बुरा हश्र करेंगे। वे तेरी नाक और तेरे कान काट डालेंगे। तेरे लोगों में से जो बच जाएँगे वे तलवार से मारे जाएँगे। वे तेरे बेटे-बेटियों को तुझसे छीन लेंगे और तेरे लोगों में से जो बच जाएँगे वे आग में भस्म कर दिए जाएँगे।+ 26  वे तेरे कपड़े उतार लेंगे+ और तेरे सुंदर गहने* छीन लेंगे।+ 27  मैं तेरे अश्‍लील कामों और तेरे वेश्‍या के कामों का अंत कर दूँगा+ जो तूने मिस्र में शुरू किए थे।+ तू उन्हें फिर कभी न देख सकेगी और न ही मिस्र को कभी याद कर पाएगी।’ 28  सारे जहान का मालिक यहोवा कहता है, ‘देख, मैं तुझे उन सबके हवाले करने पर हूँ जिनसे तू नफरत करती है, जिनसे तूने घिन करके अपना मुँह फेर लिया है।+ 29  वे तुझसे नफरत करेंगे, तेरे पसीने की सारी कमाई लूट लेंगे+ और तुझे पूरी तरह नंगा छोड़ जाएँगे। तेरी बदचलनी के शर्मनाक कामों का, तेरे अश्‍लील कामों और तेरे वेश्‍या के कामों का परदाफाश हो जाएगा।+ 30  तुझ पर यह नौबत इसलिए आएगी क्योंकि तू एक वेश्‍या की तरह दूसरे राष्ट्रों के पीछे भागती रही+ और तूने उनकी घिनौनी मूरतों से खुद को दूषित कर लिया।+ 31  तूने भी अपनी बहन के रंग-ढंग अपना लिए हैं,+ इसलिए उसका प्याला तेरे हाथ में दूँगा।’+ 32  सारे जहान का मालिक यहोवा कहता है, ‘तू अपनी बहन के चौड़े, गहरे प्याले से पीएगी,+तू एक मज़ाक बनकर रह जाएगी और तेरी हँसी उड़ायी जाएगी, क्योंकि उस प्याले में यही सब भरा है।+ 33  तू अपनी बहन सामरिया का प्याला पीएगी,जो खौफ और तबाही का प्याला है,तू पी-पीकर मदहोश हो जाएगी और तेरा दुख बरदाश्‍त के बाहर होगा।* 34  तुझे यह प्याला पीना ही होगा, इसकी एक-एक बूँद पीनी होगी,+तुझे प्याले के टुकड़े तक चबाने होंगे और तू मारे दुख के अपनी छातियाँ चीरेगी। “यह मैंने खुद कहा है,” सारे जहान के मालिक यहोवा का यह ऐलान है।’ 35  सारे जहान का मालिक यहोवा कहता है, ‘तू मुझे भूल गयी है। तूने मेरी बिलकुल भी कदर नहीं की।+ इसलिए तुझे अपने अश्‍लील कामों का और अपने वेश्‍या के कामों का अंजाम भुगतना ही होगा।’” 36  इसके बाद यहोवा ने मुझसे कहा, “इंसान के बेटे, क्या तू ओहोला और ओहोलीबा+ को मेरा फैसला सुनाएगा और उनके घिनौने कामों के लिए उन्हें दोषी ठहराएगा? 37  उन्होंने व्यभिचार किया है*+ और उनके हाथ खून से रंगे हैं। उन्होंने न सिर्फ घिनौनी मूरतों को पूजा* है बल्कि मेरे लिए उन्होंने जो बेटे पैदा किए थे, उन्हें भी मूरतों के आगे भोग चढ़ाने के लिए आग में होम कर दिया है।+ 38  और-तो-और उन्होंने मेरे साथ यह सब किया: उन्होंने उस दिन मेरे पवित्र-स्थान को दूषित कर दिया और मेरे सब्तों को अपवित्र कर दिया। 39  अपने बेटों को घिनौनी मूरतों के आगे बलि चढ़ाने के बाद,+ उन्होंने उसी दिन मेरे पवित्र-स्थान में आकर उसे दूषित कर दिया।+ उन्होंने मेरे भवन के अंदर ऐसा किया। 40  इतना ही नहीं, उन्होंने दूर-दूर से आदमियों को बुलाने के लिए एक दूत भी भेजा।+ जब वे आदमी आ रहे थे तो तूने नहा-धोकर अपनी आँखों को सँवारा और सुंदर गहनों से अपना सिंगार किया+ 41  और जाकर एक आलीशान दीवान पर बैठ गयी।+ तेरे आगे एक मेज़ थी+ जिस पर तूने मेरा धूप और मेरा तेल रखा।+ 42  वहाँ मस्ती में डूबे आदमियों की भीड़ का शोरगुल सुनायी दिया, जिनमें वीराने से लाए गए शराबी भी थे। उन्होंने इन दोनों औरतों के हाथों में कंगन पहनाए और सिर पर खूबसूरत ताज रखे। 43  इसके बाद मैंने उस औरत के बारे में, जो व्यभिचार करते-करते पस्त हो गयी है, यह कहा: ‘अब भी यह औरत वेश्‍या के कामों से बाज़ नहीं आएगी।’ 44  वे आदमी उसके पास जाते रहे जैसे कोई किसी वेश्‍या के पास बार-बार जाता है। वे ओहोला और ओहोलीबा के पास इसी तरह जाते रहे जो अश्‍लील कामों के लिए बदनाम हैं। 45  मगर नेक आदमी उन दोनों को व्यभिचार और कत्ल की वह सज़ा देंगे जिसकी वे लायक हैं।+ उन्होंने व्यभिचार किया है और उनके हाथ खून से रंगे हैं इसलिए उनका यही अंजाम होगा।+ 46  सारे जहान का मालिक यहोवा कहता है, ‘उनके खिलाफ एक सेना लायी जाएगी और उनका ऐसा हश्र किया जाएगा कि देखनेवालों का दिल दहल जाएगा और उन्हें लूट लिया जाएगा।+ 47  सेना उन पर पत्थर फेंकेगी+ और तलवारों से उन्हें काट डालेगी। वह उनके बेटे-बेटियों को मार डालेगी+ और उनके घर आग से फूँक देगी।+ 48  मैं देश में अश्‍लील कामों का अंत कर दूँगा और सारी औरतें तुमसे सबक सीखेंगी और कोई भी औरत तुम्हारी तरह अश्‍लील काम नहीं करेगी।+ 49  तुमने जो अश्‍लील काम किए हैं और अपनी घिनौनी मूरतों को पूजकर जो पाप किया है, उसकी सज़ा वे ज़रूर तुम्हें देंगे और तुम्हें जानना होगा कि मैं सारे जहान का मालिक यहोवा हूँ।’”+

कई फुटनोट

मतलब “उसका तंबू।”
मतलब “मेरा तंबू उसमें है।”
इनका इब्रानी शब्द शायद “मल” के लिए इस्तेमाल होनेवाले शब्द से संबंध रखता है और यह बताने के लिए इस्तेमाल होता है कि किसी चीज़ से कितनी घिन की जा रही है।
या “नाजायज़ संबंध रखकर।”
ये ढालें अकसर तीरंदाज़ ढोते थे।
या “सजावट की चीज़ें।”
शा., “मदहोशी और दुख से भर जाएगी।”
यानी परमेश्‍वर से विश्‍वासघात किया है।
या “मूरतों के साथ व्यभिचार किया।”

अध्ययन नोट

तसवीर और ऑडियो-वीडियो