यहूदा की चिट्ठी 1:1-25

 मैं यहूदा जो यीशु मसीह का दास और याकूब का भाई हूँ,+ उन्हें लिख रहा हूँ जिन्हें बुलावा मिला है।+ परमेश्‍वर हमारा पिता उनसे प्यार करता है और उनकी हिफाज़त करता है ताकि वे यीशु मसीह के साथ रहें।+  परमेश्‍वर की तरफ से तुम्हें और ज़्यादा दया, शांति और प्यार मिले।  प्यारे भाइयो, मैं तुम्हें उस उद्धार के बारे में लिखने की पूरी कोशिश कर रहा था जो हम सबको मिल रहा है,+ मगर फिर मैंने यह ज़रूरी समझा कि तुम्हें उस विश्‍वास की खातिर जी-जान से लड़ने का बढ़ावा दूँ+ जो पवित्र लोगों को एक ही बार हमेशा के लिए सौंपा गया है।  मेरे लिखने की वजह यह है कि हमारे बीच कुछ ऐसे आदमी दबे पाँव घुस आए हैं जिनके लिए शास्त्र में बहुत पहले से यह सज़ा ठहरायी जा चुकी है। ये ऐसे भक्‍तिहीन आदमी हैं जो हमारे परमेश्‍वर की महा-कृपा को निर्लज्ज काम*+ करने का बहाना बना रहे हैं और अपने एकमात्र मालिक और प्रभु यीशु मसीह के साथ विश्‍वासघात करनेवाले साबित हो रहे हैं।+  तुम यह सब पहले से जानते हो, फिर भी मैं तुम्हें याद दिलाना चाहता हूँ कि हालाँकि यहोवा* ने अपने लोगों को मिस्र देश से छुड़ाया था,+ फिर भी बाद में जिन लोगों ने विश्‍वास नहीं किया उन्हें उसने नाश कर दिया।+  और जो स्वर्गदूत उस जगह पर कायम न रहे जो उन्हें दी गयी थी और जिन्होंने वह जगह छोड़ दी जहाँ उन्हें रहना था,+ उन्हें उसने हमेशा के बंधनों में जकड़कर रखा है ताकि वे उसके महान दिन में सज़ा पाने तक घोर अंधकार में रहें।+  उसी तरह, सदोम और अमोरा और उनके आस-पास के शहरों के लोगों ने भी नाजायज़ यौन-संबंध* रखने में सारी हदें पार कर दीं और वे शरीर की अस्वाभाविक इच्छाएँ पूरी करने में लगे रहे।+ उन्हें सज़ा दी गयी और आग से हमेशा के लिए नाश कर दिया गया और वे हमारे लिए एक चेतावनी ठहरे कि हम उनसे सबक सीखें।+  फिर भी ये आदमी सपनों में खोए रहते हैं, दूसरों के शरीर को भ्रष्ट करते हैं, अधिकार रखनेवालों को तुच्छ समझते हैं और उन लोगों के बारे में बुरी बातें कहते हैं जिन्हें परमेश्‍वर ने महिमा दी है।+  लेकिन जब मूसा की लाश के बारे में प्रधान स्वर्गदूत+ मीकाएल+ की शैतान* के साथ बहस हुई,+ तो उसने शैतान को बुरा-भला कहकर उसे दोषी ठहराने की जुर्रत नहीं की+ बल्कि यह कहा, “यहोवा* तुझे डाँटे।”+ 10  मगर ये आदमी जिन बातों की बिलकुल समझ नहीं रखते उन सबके बारे में बुरी-बुरी बातें कहते हैं।+ और वे निर्बुद्धि जानवरों की तरह जो बातें अपने स्वभाव से समझते हैं,+ उनके मुताबिक काम करके खुद को भ्रष्ट करते जा रहे हैं। 11  उनका बहुत बुरा होगा क्योंकि वे कैन की राह पर निकल पड़े हैं+ और इनाम पाने के लिए बिलाम की गलत राह पर दौड़ रहे हैं+ और कोरह+ की तरह बगावती बातें+ करके नाश हो गए हैं! 12  वे तुम्हारे साथ दावतों* में खाते-पीते हैं मगर पानी में छिपी चट्टानों जैसे हैं।+ वे ऐसे चरवाहे हैं जो सिर्फ अपना पेट भरते हैं और ऐसा करने से नहीं डरते।+ वे बिन पानी के ऐसे बादल हैं जिन्हें हवा यहाँ-वहाँ उड़ा ले जाती है।+ वे ऐसे पेड़ हैं जिनमें मौसम आने पर भी फल नहीं लगते। वे पूरी तरह मर चुके हैं* और उन्हें जड़ से उखाड़ दिया गया है। 13  वे समुंदर की भयानक लहरें हैं जो बेशर्मी का झाग उछालते हैं।+ वे भटकते तारे हैं जो हमेशा तक घोर अंधकार में रहेंगे।+ 14  हाँ, हनोक+ भी जो आदम से सातवीं पीढ़ी में था, उसने इन लोगों के बारे में यह भविष्यवाणी की थी: “देखो! यहोवा* अपने लाखों पवित्र स्वर्गदूतों के साथ आया+ 15  ताकि उन सबको सज़ा दे+ और उन सब भक्‍तिहीन लोगों को उन भक्‍तिहीन कामों के लिए दोषी ठहराए जो उन्होंने परमेश्‍वर के खिलाफ जाकर किए थे और उन सभी घिनौनी बातों के लिए जो उन पापियों ने उसके खिलाफ कही थीं, उन्हें सज़ा दे।”+ 16  वे आदमी कुड़कुड़ाते हैं+ और अपने हालात को कोसते हैं। वे अपनी इच्छाओं के मुताबिक चलते हैं+ और अपने मुँह से बड़ी-बड़ी डींगें मारते हैं और अपने फायदे के लिए दूसरों की चापलूसी करते हैं।*+ 17  लेकिन प्यारे भाइयो, तुम वे बातें याद करो जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के प्रेषितों ने पहले बतायी थीं, 18  किस तरह वे तुम्हें बताया करते थे, “आखिरी वक्‍त में खिल्ली उड़ानेवाले आएँगे जो अपनी बुरी इच्छाओं के मुताबिक काम करेंगे।”+ 19  यही वे आदमी हैं जो फूट डालते हैं,+ शारीरिक सोच रखते* हैं और जिनमें परमेश्‍वर की पवित्र शक्‍ति नहीं है। 20  मगर प्यारे भाइयो, तुम अपने पवित्र विश्‍वास की बुनियाद पर खुद को मज़बूत करो और पवित्र शक्‍ति के मार्गदर्शन के मुताबिक प्रार्थना करो+ 21  ताकि हमारे प्रभु यीशु मसीह की दया पाने का इंतज़ार करते हुए जिससे तुम्हें हमेशा की ज़िंदगी मिलेगी,+ तुम खुद को परमेश्‍वर के प्यार के लायक बनाए रखो।+ 22  साथ ही, ऐसे लोगों को दया दिखाते रहो+ जो शक करते हैं+ 23  और झपटकर उन्हें विनाश की आग से बाहर निकालो और बचा लो।+ मगर दूसरों पर भी दया करते रहो और एहतियात बरतो और इस दौरान उनके बुरे कामों से नफरत करो जिनसे उन्होंने खुद को दागदार कर लिया है।*+ 24  परमेश्‍वर तुम्हें ठोकर खाने से बचा सकता है और अपनी महिमा के सामने* निष्कलंक खड़ा कर सकता है+ और तुम्हें बहुत खुशी दे सकता है। 25  हमारे प्रभु यीशु मसीह के ज़रिए बीते युगों से और आज और युग-युग तक महिमा, ऐश्‍वर्य, शक्‍ति और अधिकार उस एकमात्र परमेश्‍वर और हमारे उद्धारकर्ता के हों। आमीन।

कई फुटनोट

या “शर्मनाक बरताव।” शब्दावली देखें।
अति. क5 देखें।
शब्दावली देखें।
शा., “इबलीस।” शब्दावली देखें।
अति. क5 देखें।
शा., “प्यार की दावतों।”
शा., “दो बार मर चुके हैं।”
अति. क5 देखें।
या “खास लोगों की वाह-वाही करते हैं।”
या “जानवरों जैसे।”
शा., “यहाँ तक कि उनके कपड़े से भी नफरत करो जिस पर उनके शरीर का दाग लगा है।”
या “अपनी महिमावान मौजूदगी में।”

अध्ययन नोट

तसवीर और ऑडियो-वीडियो