भजन 94:1-23

94  हे बदला लेनेवाले परमेश्‍वर यहोवा,+हे बदला लेनेवाले परमेश्‍वर, अपनी रौशनी चमका!   हे पृथ्वी के न्यायी, उठ।+ मगरूरों को सज़ा दे, जिसके वे लायक हैं।+   हे यहोवा, दुष्ट कब तक आनंद मनाते रहेंगे,कब तक?+   वे बड़बड़ाते रहते हैं, हेकड़ी से भरी बातें करते हैं,सारे गुनहगार अपने बारे में शेखी बघारते हैं।   हे यहोवा, वे तेरे लोगों को कुचल देते हैं,+तेरी विरासत पर ज़ुल्म ढाते हैं।   वे विधवा और परदेसी का खून कर देते हैं,अनाथों* को मार डालते हैं।   उनका कहना है, “याह नहीं देखता,+याकूब का परमेश्‍वर इस पर ध्यान नहीं देता।”+   निर्बुद्धि लोगो, इस बात को समझो,मूर्खो, तुम कब अंदरूनी समझ से काम लोगे?+   जिस परमेश्‍वर ने कान बनाया है, क्या वह सुन नहीं सकता? जिस परमेश्‍वर ने आँख रची, क्या वह देख नहीं सकता?+ 10  जो परमेश्‍वर राष्ट्रों को सुधारता है, क्या वह तुम्हें फटकार नहीं सकता?+ वही परमेश्‍वर लोगों को ज्ञान देता है!+ 11  यहोवा इंसानों के विचार जानता हैकि वे बस एक साँस हैं।+ 12  हे याह, सुखी है वह इंसान जिसे तू सुधारता है,+जिसे तू अपने कानून से सिखाता है+ 13  ताकि तू उसे संकट के दिनों में चैन देता रहे,जब तक कि दुष्टों के लिए गड्‌ढा नहीं खोदा जाता।+ 14  यहोवा अपने लोगों को नहीं त्यागेगा,+अपनी विरासत को नहीं छोड़ेगा।+ 15  क्योंकि एक बार फिर नेकी से फैसला सुनाया जाएगाऔर सीधे-सच्चे मनवाले उस फैसले को मानेंगे। 16  कौन मेरी खातिर दुष्टों के खिलाफ उठेगा? कौन मेरी खातिर गुनहगारों के खिलाफ खड़ा होगा? 17  अगर यहोवा मेरा मददगार न होता,तो मैं पल-भर में मिट गया होता।*+ 18  जब मैंने कहा, “मेरा पैर फिसल रहा है,” तब हे यहोवा, तेरा अटल प्यार मुझे सँभाले रहा।+ 19  जब चिंताएँ* मुझ पर हावी हो गयीं,*तब तूने मुझे दिलासा दिया, सुकून दिया।+ 20  क्या भ्रष्टाचार की राजगद्दी* तेरे साथ साझेदारी कर सकती हैजो कानून की आड़ में* मुसीबत खड़ी करती है?+ 21  वे नेक जन पर वहशियाना हमले करते हैं+और बेगुनाह को मौत की सज़ा सुनाते हैं।+ 22  मगर यहोवा मेरे लिए एक ऊँचा गढ़ बन जाएगा,मेरा परमेश्‍वर मुझे पनाह देनेवाली चट्टान है।+ 23  वह उन्हीं के दुष्ट कामों में उन्हें फँसा देगा+उन्हीं के बुरे कामों के ज़रिए उनका सफाया कर देगा। हमारा परमेश्‍वर यहोवा उनका सफाया कर देगा।+

कई फुटनोट

या “जिनके पिता की मौत हो गयी है।”
शा., “में खामोशी में निवास करता।”
या “परेशान करनेवाले विचार।”
या “मेरे अंदर बढ़ गयीं।”
या “शासक; न्यायी।”
या “फरमान जारी करके।”

अध्ययन नोट

तसवीर और ऑडियो-वीडियो