भजन 84:1-12

कोरह के वंशजों का सुरीला गीत।+ गित्तीत* के सिलसिले में निर्देशक के लिए हिदायत। 84  हे सेनाओं के परमेश्‍वर यहोवा,तेरा महान डेरा कितना प्यारा है!+  2  मेरा मन यहोवा के आँगनों में जाने के लिए तरस रहा है,आस लगाते-लगाते मैं पस्त हो गया हूँ।+ मेरा तन और मन खुशी से जीवित परमेश्‍वर की जयजयकार करता है।  3  हे सेनाओं के परमेश्‍वर यहोवा,मेरे राजा और मेरे परमेश्‍वर,देख! पंछी तेरी महान वेदी के पास आशियाना बनाता है,अबाबील अपना घोंसला बनाती है,जहाँ वह अपने बच्चों की देखभाल करती है!  4  सुखी हैं वे जो तेरे भवन में निवास करते हैं!+ वे लगातार तेरी तारीफ करते हैं।+ (सेला )  5  सुखी हैं वे जो तुझसे ताकत पाते हैं,+जिनका मन तेरे भवन को जानेवाली राहों पर लगा है।  6  जब वे बाका घाटी* से होकर गुज़रते हैं,तो वे उसे सोतों का इलाका समझते हैंऔर शुरू की बारिश उसे आशीषों का ओढ़ना ओढ़ाती है।*  7  वे चलते जाते हैं, उनका दमखम बढ़ता ही रहता है,+हर कोई सिय्योन में परमेश्‍वर के सामने हाज़िर होता है।  8  हे सेनाओं के परमेश्‍वर यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन,हे याकूब के परमेश्‍वर, मेरी दुआ सुन। (सेला )  9  हे हमारी ढाल+ और हमारे परमेश्‍वर,*अपने अभिषिक्‍त के चेहरे पर नज़र डाल।+ 10  क्योंकि तेरे आँगनों में एक दिन बिताना, कहीं और हज़ार दिन बिताने से कहीं बेहतर है!+ दुष्टों के तंबुओं में निवास करने के बजायअपने परमेश्‍वर के भवन की दहलीज़ पर खड़ा रहना मुझे ज़्यादा पसंद है। 11  क्योंकि यहोवा परमेश्‍वर हमारा सूरज+ और हमारी ढाल है,+वह हम पर कृपा करता है, हमारा सम्मान बढ़ाता है। जो निर्दोष चाल चलते हैं,उन्हें यहोवा कोई भी अच्छी चीज़ देने से पीछे नहीं हटेगा।+ 12  हे सेनाओं के परमेश्‍वर यहोवा,सुखी है वह इंसान जो तुझ पर भरोसा रखता है।+

कई फुटनोट

^ शब्दावली देखें।
^ या शायद, “शिक्षक आशीषों का ओढ़ना ओढ़ता है।”
^ या “बाका झाड़ियों की घाटी।”
^ या शायद, “हे परमेश्‍वर, हमारी ढाल देख।”

अध्ययन नोट

तसवीर और ऑडियो-वीडियो