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पवित्र शास्त्र का नयी दुनिया अनुवाद (अध्ययन बाइबल)

क7-ज

यीशु की ज़िंदगी की खास घटनाएँ​—यरूशलेम में यीशु की सेवा के आखिरी दिन (भाग 1)

वक्‍त

जगह

घटना

मत्ती

मरकुस

लूका

यूहन्‍ना

33, नीसान 8

बैतनियाह

यीशु फसह के त्योहार से छः दिन पहले वहाँ पहुँचता है

     

11:55–12:1

नीसान 9

बैतनियाह

मरियम उसके सिर और पैर पर तेल उँडेलती है

26:6-13

14:3-9

 

12:2-11

बैतनियाह-बैतफगे-यरूशलेम

गधे पर सवार होकर राजा की हैसियत से यरूशलेम में दाखिल

21:1-11, 14-17

11:1-11

19:29-44

12:12-19

नीसान 10

बैतनियाह-यरूशलेम

अंजीर के पेड़ को शाप देता है; एक बार फिर मंदिर को शुद्ध करता है

21:18, 19; 21:12, 13

11:12-17

19:45, 46

 

यरूशलेम

प्रधान याजक और शास्त्री यीशु को मार डालने की साज़िश रचते हैं

 

11:18, 19

19:47, 48

 

यहोवा की आवाज़; यीशु अपनी मौत की भविष्यवाणी करता है; यहूदी विश्‍वास नहीं करते जिससे यशायाह की भविष्यवाणी पूरी होती है

     

12:20-50

नीसान 11

बैतनियाह-यरूशलेम

सूखे हुए अंजीर के पेड़ से सबक

21:19-22

11:20-25

   

यरूशलेम का मंदिर

उसके अधिकार पर सवाल उठाया जाता है; दो बेटों की मिसाल

21:23-32

11:27-33

20:1-8

 

मिसालें: खून करनेवाले बागबान, शादी की दावत

21:33–22:14

12:1-12

20:9-19

 

परमेश्‍वर, सम्राट, मरे हुओं के ज़िंदा होने और सबसे बड़ी आज्ञा के बारे में सवालों के जवाब देता है

22:15-40

12:13-34

20:20-40

 

भीड़ से पूछता है, क्या मसीह दाविद का वंशज है

22:41-46

12:35-37

20:41-44

 

शास्त्रियों और फरीसियों को धिक्कारता है

23:1-39

12:38-40

20:45-47

 

विधवा के दान पर ध्यान देता है

 

12:41-44

21:1-4

 

जैतून पहाड़

अपनी मौजूदगी की निशानी बताता है

24:1-51

13:1-37

21:5-38

 

मिसालें: दस कुँवारियाँ, तोड़े, भेड़ें और बकरियाँ

25:1-46

     

नीसान 12

यरूशलेम

यहूदी अगुवे उसे मार डालने की साज़िश रचते हैं

26:1-5

14:1, 2

22:1, 2

 

यहूदा, यीशु को पकड़वाने की बात करके आता है

26:14-16

14:10, 11

22:3-6

 

नीसान 13 (गुरुवार दोपहर)

यरूशलेम में और उसके आस-पास

आखिरी फसह की तैयारियाँ करता है

26:17-19

14:12-16

22:7-13

 

नीसान 14

यरूशलेम

प्रेषितों के साथ फसह का खाना खाता है

26:20, 21

14:17, 18

22:14-18

 

प्रेषितों के पैर धोता है

     

13:1-20