इस जानकारी को छोड़ दें

विषय-सूची को छोड़ दें

मुश्‍किलों से भरी दुनिया में

4 | आशा की लौ जलाए रखें

4 | आशा की लौ जलाए रखें

यह क्यों ज़रूरी है?

दुनिया की समस्याएँ देखकर ज़्यादातर लोग बहुत चिंता करने लगते हैं। इसका उनकी सेहत पर असर पड़ता है और वे बहुत निराश हो जाते हैं। कई लोगों को कोई उम्मीद नज़र नहीं आती। ऐसे में वे क्या करते हैं?

  • कुछ लोग भविष्य के बारे में सोचना ही नहीं चाहते।

  • कई लोग अपनी चिंताएँ भुलाने के लिए शराब या ड्रग्स का सहारा लेते हैं।

  • कुछ ऐसे भी हैं जिनमें जीने की इच्छा ही खत्म हो जाती है। वे सोचते हैं, ‘जीकर क्या करें?’

किन बातों का ध्यान रखें?

  • हो सकता है आगे चलकर आपकी कुछ समस्याएँ कम हो जाएँ या पूरी तरह खत्म हो जाएँ।

  • अगर आपकी समस्याएँ दूर ना भी हों, तो भी आप उनका सामना करने के लिए कुछ कर सकते हैं।

  • बाइबल में एक अच्छे कल की आशा दी गयी है कि बहुत जल्द हमारी समस्याएँ हमेशा के लिए खत्म हो जाएँगी।

अभी से क्या करें?

पवित्र शास्त्र में लिखा है, “अगले दिन की चिंता कभी न करना क्योंकि अगले दिन की अपनी ही चिंताएँ होंगी। आज के लिए आज की परेशानियाँ काफी हैं।”​—मत्ती 6:34.

कल की चिंता में अपना आज खराब ना करें। कल के बारे में सोचते रहने से आप आज के कामों को अच्छे-से नहीं कर पाएँगे।

अगर आप यही सोचते रहेंगे कि यह हो जाएगा, वह हो जाएगा, तो इससे सिर्फ आपका तनाव बढ़ेगा और आप अच्छे कल की उम्मीद खो बैठेंगे।

बाइबल से मिलती है सच्ची आशा

पुराने ज़माने में परमेश्‍वर के एक सेवक ने उससे कहा, “तेरा वचन मेरे पाँव के लिए एक दीपक है, मेरी राह के लिए रौशनी है।” (भजन 119:105) इसका क्या मतलब है?

रात के अँधेरे में अगर हमारे पास दीपक हो, तो चलना आसान हो जाता है। उसी तरह, अगर हम परमेश्‍वर के वचन बाइबल में दी सलाह मानें तो हम ज़िंदगी में सही फैसले ले पाएँगे।

जिस तरह रौशनी की मदद से हम दूर का रास्ता देख पाते हैं, उसी तरह बाइबल की मदद से हम जान पाते हैं कि दूर भविष्य में क्या होनेवाला है।