इस जानकारी को छोड़ दें

विषय-सूची को छोड़ दें

1 समस्याओं से कैसे बचें?

1 समस्याओं से कैसे बचें?

बाइबल में लिखा है कि इसमें दी गयी सलाह परमेश्‍वर की तरफ से है और इसे मानने से हम सही राह पर चलना ‘सीखेंगे और टेढ़ी बातों को सीध में ला सकेंगे।’ (2 तीमुथियुस 3:16) क्या यह बात सच है? आइए कुछ ऐसे लोगों के बारे में देखें, जो बाइबल की सलाह मानने की वजह से बड़ी-बड़ी समस्याओं में उलझने से बच गए।

शराब की लत

पिछले लेख में हमने डायना नाम की जिस स्त्री की बात की थी, वह अपना गम भुलाने के लिए बहुत ज़्यादा शराब पीने लगी। बाइबल यह नहीं कहती कि शराब बिलकुल नहीं पीनी चाहिए, लेकिन यह ज़रूर कहती है, “उनके जैसा मत बन जो बहुत दाख-मदिरा पीते हैं।” (नीतिवचन 23:20) ज़्यादा शराब पीने से गंभीर बीमारियाँ होती हैं, दूसरों के साथ रिश्‍ता बिगड़ जाता है, यहाँ तक कि हर साल लाखों लोगों की मौत भी हो जाती है। अगर लोग बाइबल की सलाह मानकर हद-से-ज़्यादा शराब न पीएँ, तो वे कई समस्याओं से बच सकते हैं।

डायना ने बाइबल की सलाह मानी। वह बताती है, “शराब पीने से मेरा दुख कम नहीं हो रहा था। फिर मैंने फिलिप्पियों 4:6, 7 में लिखी यह बात पढ़ी, ‘किसी भी बात की चिंता मत करो, मगर परमेश्‍वर से बिनतियाँ करो।’ मैंने यह सलाह मानी। हर रात जब चिंताओं से मेरा मन बेचैन हो उठता, तो मैं यहोवा से गिड़गिड़ाकर बिनती करती, उसे साफ बताती कि मुझे कैसा महसूस हो रहा है। कभी मुझे बहुत गुस्सा आता, तो कभी मैं बहुत दुखी और मायूस हो जाती। मैं यहोवा को सबकुछ बताती और बिनती करती कि अच्छी बातों पर ध्यान लगाने में वह मेरी मदद करे। सुबह उठने पर मैं पूरी कोशिश करती कि मैं अपनी तकलीफों के बारे में न सोचूँ। प्रार्थना करने की आदत बनाने से मैं अच्छी बातों पर ध्यान देने लगी। मैंने जो खो दिया था, उस बारे में सोचते रहने के बजाय मेरे पास जो है, उस पर ध्यान देने लगी। मैंने ठान लिया कि मैं फिर कभी नहीं पीऊँगी। मैंने बड़ी मुश्‍किल से मन की शांति पायी थी और मैं उसे किसी भी हाल में खोना नहीं चाहती थी।”

अनैतिकता

अनैतिकता दुख-तकलीफों और मुसीबतों की बहुत बड़ी वजह है। बाइबल के सिद्धांतों पर ध्यान देने से हम जान पाएँगे कि हमें किस तरह के काम नहीं करने चाहिए ताकि हम अनैतिकता में न फँसे, जैसे फ्लर्ट करना या अश्‍लील फिल्में देखना। सैमुएल कहता है, “फ्लर्ट करना मेरे बाएँ हाथ का खेल था। कुछ लड़कियाँ मुझे इतनी अच्छी नहीं लगती थीं, मगर मुझे पता था कि वे मुझे चाहती हैं। खासकर उनके साथ फ्लर्ट करने में मज़ा आता था।” लोग सैमुएल को टोकने लगे कि यह आदत ठीक नहीं है। कई बार तो फ्लर्ट करने का उसका इरादा नहीं होता, तब भी लोग उसे टोक देते। पर वह नहीं बदला, बल्कि लड़कियों की भावनाओं के साथ जानबूझकर खेलने लगा। मगर फिर उसे लगने लगा कि वह जो कर रहा है, वह सही नहीं है। अब उसका कहना है, “यह आदत बहुत बुरी है। यह एक इंसान को स्वार्थी बना देती है।”

सैमुएल ने jw.org वेबसाइट पर नौजवानों के लिए प्रकाशित एक लेख पढ़ा। उसमें बाइबल की यह बात लिखी थी, ‘एक लड़का अपने कामों से दिखा देता है कि वह सीधी चाल चल रहा है या नहीं।’ (नीतिवचन 20:11) उसने इस बारे में काफी सोचा। फिर उसे एहसास हुआ कि वह सीधी चाल नहीं चल रहा है। वह कहता है, “मैंने यह भी सीखा कि जो लड़का फ्लर्ट करता है, उसमें कई बुराइयाँ पैदा हो जाती हैं। आगे चलकर जब वह शादी करेगा, तो वह अच्छा पति नहीं बन पाएगा। मैं सोचने लगा कि अगर कल को मेरी पत्नी मुझे किसी परायी औरत के साथ फ्लर्ट करते देखे, तो उसे कैसा लगेगा। तब मुझे एहसास हुआ कि यह कोई मज़ाक नहीं है। फ्लर्ट करना भले ही आसान है, लेकिन यह सही नहीं है।” सैमुएल ने फ्लर्ट करना छोड़ दिया, इसलिए वह अनैतिक काम करने से बच गया।

ऐन्टोन्यो नाम के शादीशुदा आदमी को एक ऐसी लत लग गयी थी, जो फ्लर्ट करने की आदत से भी बुरी है। वह अशलील चीज़ें देखा करता था। इससे एक व्यक्‍ति नाजायज़ संबंधों की तरफ और भी आसानी से लुभाया जाता है। ऐन्टोन्यो अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता था, इसलिए वह इस लत से छुटकारा पाना चाहता था। पर लाख कोशिशों के बावजूद वह इस लत को छोड़ नहीं पा रहा था। फिर उसने बाइबल में एक बात पढ़ी, जिस पर गहराई से सोचने से वह अपनी कमज़ोरी पर काबू पा सका। वह बात 1 पतरस 5:8 में लिखी है, “अपने होश-हवास बनाए रखो, चौकन्‍ने रहो! तुम्हारा दुश्‍मन शैतान, गरजते हुए शेर की तरह इस ताक में घूम रहा है कि किसे फाड़ खाए।” ऐन्टोन्यो कहता है, “आज अश्‍लील तसवीरें हर कहीं पायी जाती हैं। ये हमारे दिमाग पर गहरी छाप छोड़ सकती हैं। जब मैंने बाइबल में वह बात पढ़ी, तो मैं समझ गया कि ऐसी गंदी चीज़ें फैलानेवाला असल में शैतान है। मैंने ठान लिया कि जब भी मेरे मन में अश्‍लील तसवीरें देखने की इच्छा जगेगी, तो मैं तुरंत खुद को याद दिलाऊँगा कि ये शैतान की तरफ से हैं। अब मैं जानता हूँ कि सिर्फ यहोवा की मदद से मैं अपने ‘होश-हवास बनाए रख सकता हूँ और चौकन्‍ना रह सकता हूँ,’ ताकि शैतान का विरोध कर पाऊँ और वह मेरे दिलो-दिमाग को भ्रष्ट न करे और मेरी शादीशुदा ज़िंदगी को तबाह न करे।” ऐन्टोन्यो को बाइबल से ठीक वही सलाह मिली, जिसकी उसे ज़रूरत थी। आखिरकार उसने अपनी बुरी आदत से पीछा छुड़ा लिया और वह इससे भी बड़ी समस्याओं में पड़ने से बच गया।

तो जैसा हमने देखा, बाइबल की सलाह मानने से हम गंभीर समस्याओं में पड़ने से बच सकते हैं। अब सवाल यह है कि हम जिन समस्याओं में पहले ही फँसे हुए हैं और जो दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं, उनसे हम कैसे निपट सकते हैं? आइए देखें कि इस मामले में बाइबल में क्या सलाह दी गयी है।

बाइबल की सलाह मानने से हम कई समस्याओं में पड़ने से बच सकते हैं