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 पाठ 6

मरे हुओं के लिए क्या आशा है?

मरे हुओं के लिए क्या आशा है?

1. मरे हुओं के बारे में क्या खुशखबरी है?

यीशु का एक दोस्त लाज़र, यरूशलेम के करीब बैतनियाह नाम के गाँव में रहता था। जब यीशु वहाँ पहुँचा, तो उसे पता चला कि लाज़र को मरे चार दिन हो चुके हैं। यीशु मारथा और मरियम के साथ उस जगह गया जहाँ उनका भाई लाज़र दफनाया गया था। जल्द ही वहाँ एक भीड़ इकट्ठी हो गयी। यीशु ने लाज़र को फिर से ज़िंदा कर दिया! ज़रा सोचिए, यह देखकर मारथा और मरियम को कितनी खुशी हुई होगी!—यूहन्‍ना 11:21-24, 38-44 पढ़िए।

मारथा यह खुशखबरी जानती थी कि यहोवा एक दिन मरे हुओं को ज़िंदा करेगा और वे धरती पर दोबारा जीएँगे।—अय्यूब 14:14, 15 पढ़िए।

2. मरे हुए किस दशा में हैं?

परमेश्‍वर ने आदम से कहा: “तू मिट्टी ही है और वापस मिट्टी में मिल जाएगा।”—उत्पत्ति 3:19.

इंसान को मिट्टी से बनाया गया है। (उत्पत्ति 2:7; 3:19) जब हम मरते हैं, तब हमारा दिमाग काम करना बंद कर देता है और हमारे सोचने-समझने की शक्‍ति खत्म हो जाती है; यानी हम पूरी तरह से नष्ट हो जाते हैं। हमारे अंदर कोई अमर-आत्मा नहीं होती। जब लाज़र को दोबारा ज़िंदा किया गया तब उसने इस बारे में कुछ नहीं बताया कि मरने के बाद उसके साथ क्या हुआ। इसका मतलब है कि मरे हुए इंसान कुछ भी नहीं जानते।—भजन 146:4; सभोपदेशक 9:5, 6, 10 पढ़िए।

क्या परमेश्‍वर मरे हुओं को आग में तड़पाता है? हमने देखा कि मरे हुए कुछ भी नहीं जानते। इसका मतलब है कि मरे हुओं को नरक में तड़पाने की शिक्षा झूठी है। यह शिक्षा परमेश्‍वर को बदनाम करती है। इंसानों को आग में तड़पाने के खयाल से ही परमेश्‍वर को घृणा आती है।—यिर्मयाह 7:31 पढ़िए।

मरे हुए लोग किस हाल में हैं? वीडियो देखिए

 3. क्या मरे हुए हमसे बात कर सकते हैं?

मरे हुए ना तो बात कर सकते हैं, ना ही सुन सकते हैं। (भजन 115:17) मगर कुछ स्वर्गदूत दुष्ट हैं और वे इंसानों से इस तरह बात करते हैं मानों वे मरे हुए लोग हों। (2 पतरस 2:4) यहोवा ने साफ हिदायत दी है कि हमें ऐसों से बात करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।—व्यवस्थाविवरण 18:10, 11 पढ़िए।

4. किन लोगों को दोबारा ज़िंदा किया जाएगा?

मरे हुओं में से लाखों लोगों को दोबारा धरती पर जीवन दिया जाएगा। इनमें से कई तो ऐसे होंगे जो यहोवा परमेश्‍वर को नहीं जानते थे और जो बुरे काम करते थे।—लूका 23:43; प्रेषितों 24:15 पढ़िए।

इन्हें परमेश्‍वर के बारे में सच्चाई सीखने और यीशु की बात मानकर उस पर विश्‍वास दिखाने का मौका दिया जाएगा। (प्रकाशितवाक्य 20:11-13) जी उठाए जाने के बाद जो लोग अच्छे काम करेंगे, वे धरती पर हमेशा की ज़िंदगी का लुत्फ उठाएँगे।—यूहन्‍ना 5:28, 29 पढ़िए।

5. मरे हुओं को दोबारा ज़िंदा करने के इंतज़ाम से हम यहोवा के बारे में क्या सीखते हैं?

परमेश्‍वर ने हमारी खातिर अपने बेटे की कुरबानी दी। इस इंतज़ाम की  बिनाह पर ही मरे हुओं को दोबारा जी उठाया जाएगा। यह आशा परमेश्‍वर के प्यार और उसकी महा-कृपा का सबूत है। जब मरे हुओं को दोबारा ज़िंदगी दी जाएगी, तब आप पहले किसे देखना चाहेंगे?—यूहन्‍ना 3:16; रोमियों 6:23 पढ़िए।