(मत्ती 24:13)

  1. 1. वादे याह के पक्के तभी

    धीरज हम रख पाते।

    उसके वचन से सीखी और

    परखी हैं सारी बातें।

    दिन दूर नहीं यहोवा का

    रखें मन में हरदम आस;

    आज़माइशें निखारेंगी

    मज़बूत रहे गर विश्वास।

  2. 2. हाँ, पहला प्यार याह के लिए

    ना कम हो ध्यान रखना।

    चाहे परीक्षा हो कठिन

    हर हाल में उसे सहना।

    घबराएँ ना, करीब है याह,

    वो निकालेगा रस्ता;

    करता है सच्चा प्यार हमें,

    इस पे नहीं शक करना।

  3.  3. आखिर तक जो धीरज धरें

    सिर्फ उनकी जान बचे।

    जीवन की उस किताब में

    नाम फिर उनका वो लिखे।

    तो है ज़रूरी, करने दें

    हम धीरज को पूरा काम।

    तब याह की मंज़ूरी मिले,

    पाएँ खुशियाँ तमाम।