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यहोवा के साक्षी

हिंदी

ऑनलाइन बाइबल | पवित्र शास्त्र का नयी दुनिया अनुवाद

पहला इतिहास 26:1-32

सारांश

  • पहरेदारों के दल (1-19)

  • खज़ानची और दूसरे अधिकारी (20-32)

26  पहरेदारों के दल+ ये थे: कोरहवंशियों में से मेशेलेम्याह+ जो कोरे का बेटा था और कोरे आसाप के बेटों में से था।  मेशेलेम्याह के बेटे ये थे: पहलौठा जकरयाह, दूसरा यदीएल, तीसरा जबद्याह, चौथा यतनीएल,  पाँचवाँ एलाम, छठा यहोहानान और सातवाँ एल्यहो-एनै।  ओबेद-एदोम के बेटे ये थे: पहलौठा शमायाह, दूसरा यहोजाबाद, तीसरा योआह, चौथा सकार, पाँचवाँ नतनेल,  छठा अम्मीएल, सातवाँ इस्साकार और आठवाँ पुल्लतै। परमेश्‍वर की आशीष से उसके ये बेटे हुए थे।  ओबेद-एदोम के बेटे शमायाह के बेटे अपने-अपने पिता के घराने के प्रधान थे क्योंकि वे ताकतवर और काबिल आदमी थे।  शमायाह के बेटे ये थे: ओत्नी, रपाएल, ओबेद और एलजाबाद। शमायाह के भाई एलीहू और समक्याह भी काबिल आदमी थे।  ये सभी ओबेद-एदोम के बेटे थे। वे और उनके बेटे और भाई, सभी सेवा के लिए पूरी तरह काबिल और बिलकुल सही थे। ओबेद-एदोम के घराने से आए इन सभी की गिनती 62 थी।  मेशेलेम्याह+ के बेटे और भाई कुल मिलाकर 18 काबिल आदमी थे। 10  मरारी के बेटों में से होसा के बेटे थे: शिम्री प्रधान था। हालाँकि वह पहलौठा नहीं था, फिर भी उसके पिता ने उसे परिवार का प्रधान ठहराया था। 11  दूसरा हिलकियाह, तीसरा तबल्याह और चौथा जकरयाह। होसा के सभी बेटों और भाइयों की गिनती 13 थी। 12  पहरेदारों के इन दलों में मुखियाओं को यहोवा के भवन में सेवा करने के लिए वही काम सौंपा गया था जो उनके भाइयों को दिया गया था। 13  इसलिए उन सबने, फिर चाहे उनका घराना छोटा था या बड़ा, अलग-अलग फाटकों की ज़िम्मेदारियाँ तय करने के लिए चिट्ठियाँ डालीं।+ 14  पूरब के फाटक के लिए चिट्ठी शेलेम्याह के नाम निकली। उन्होंने उसके बेटे जकरयाह के लिए चिट्ठियाँ डालीं और उसकी चिट्ठी उत्तर के फाटक के लिए निकली। जकरयाह एक सूझ-बूझवाला सलाहकार था। 15  दक्षिण के फाटक के लिए चिट्ठी ओबेद-एदोम के नाम निकली और उसके बेटों+ को भंडार-घरों का काम सौंपा गया। 16  पश्‍चिम के फाटक के लिए चिट्ठी शुप्पीम और होसा+ के नाम निकली। यह फाटक शल्लेकेत नाम फाटक के पास ऊपर जानेवाले राजमार्ग के पास था। पहरेदारों के दल पास-पास तैनात किए गए थे। 17  पूरब के फाटक के पास छ: लेवी ठहराए गए और उत्तर की तरफ हर दिन चार और दक्षिण की तरफ हर दिन चार ठहराए गए थे। भंडार-घरों के लिए दो पहरेदारों के पास दो पहरेदार तैनात किए गए।+ 18  पश्‍चिम में खंभोंवाले बरामदे के लिए, राजमार्ग के पास चार+ और खंभोंवाले बरामदे के पास दो पहरेदार तैनात किए गए। 19  कोरह और मरारी के वंशजों में से पहरेदारों के दल ये थे। 20  सच्चे परमेश्‍वर के भवन के खज़ानों पर और पवित्र ठहरायी गयी* चीज़ों के खज़ानों पर लेवियों में से अहियाह को अधिकार सौंपा गया।+ 21  लादान के बेटे ये थे: लादान से निकले गेरशोनियों यानी लादान से निकले पिताओं के घरानों के मुखियाओं में से यहोएली+ 22  और उसके बेटे जेताम और योएल। उन्हें यहोवा के भवन के खज़ानों+ पर अधिकार सौंपा गया था। 23  अमरामियों, यिसहारियों, हेब्रोनियों और उज्जीएलियों+ में से 24  शबूएल, जो मूसा के बेटे गेरशोम का बेटा था। शबूएल एक अगुवा था और उसे भंडार-घरों पर अधिकार सौंपा गया था। 25  शबूएल के भाई, यानी एलीएज़ेर+ के वंशज ये थे: एलीएज़ेर का बेटा रहबयाह+ और रहबयाह के वंशज यशाया, योराम, जिक्री और शलोमोत। 26  इसी शलोमोत को और उसके भाइयों को पवित्र ठहरायी गयी चीज़ों के सभी खज़ानों+ पर अधिकार सौंपा गया था। इन चीज़ों को राजा दाविद,+ पिताओं के घरानों के मुखियाओं,+ हज़ारों और सैकड़ों के प्रधानों और सेनापतियों ने पवित्र ठहराया था। 27  युद्धों और लूट से मिली चीज़ों+ को उन्होंने पवित्र ठहराया था ताकि यहोवा के भवन का रख-रखाव हो सके। 28  वे उन चीज़ों के भी अधिकारी थे जिन्हें शमूएल दर्शी,+ कीश के बेटे शाऊल, नेर के बेटे अब्नेर+ और सरूयाह के बेटे योआब+ ने पवित्र ठहराया था। पवित्र ठहरायी गयी हर चीज़ शलोमीत और उसके भाइयों के अधिकार में सौंपी गयी थी। 29  यिसहारियों+ में से कनन्याह और उसके बेटों को परमेश्‍वर के भवन के बाहर, प्रशासन का काम दिया गया था। वे इसराएल में अधिकारी और न्यायी थे।+ 30  हेब्रोनियों+ में से हशब्याह और उसके भाई, जो कुल मिलाकर 1,700 काबिल आदमी थे, इसराएल में यरदन के पश्‍चिम के इलाके के प्रशासन के अधिकारी थे। यहोवा के काम और राजा के काम में उनकी यही ज़िम्मेदारियाँ थीं। 31  हेब्रोनियों में से यरियाह+ अपने पिता के घराने से निकले हेब्रोनियों का मुखिया था। दाविद के राज के 40वें साल में+ हेब्रोनियों में ताकतवर काबिल आदमी ढूँढ़े गए और वे गिलाद के याजेर+ में पाए गए। 32  यरियाह के भाइयों की गिनती 2,700 थी। वे सभी काबिल आदमी थे जो अपने पिताओं के घरानों के मुखिया थे। इसलिए राजा दाविद ने उन्हें रूबेनियों, गादियों और मनश्‍शे के आधे गोत्र का अधिकारी ठहराया ताकि वे सच्चे परमेश्‍वर के काम और राजा के काम से जुड़े हर मामले की देखरेख करें।

कई फुटनोट

या “समर्पित की हुई।”