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यहोवा के साक्षी

हिंदी

ऑनलाइन बाइबल | पवित्र शास्त्र का नयी दुनिया अनुवाद

पहला इतिहास 25:1-31

सारांश

  • भवन के लिए संगीतकार और गायक (1-31)

25  इसके अलावा, दाविद और मंदिर में सेवा करनेवाले समूहों के प्रधानों ने मिलकर आसाप, हेमान और यदूतून के कुछ बेटों+ को अलग किया ताकि वे सुरमंडल, तारोंवाले बाजों+ और झाँझ की धुन पर+ भविष्यवाणी करें। इस सेवा के लिए चुने गए आदमियों की सूची यह थी:  आसाप के बेटों में से जक्कूर, यूसुफ, नतन्याह और अशरेला। आसाप के ये बेटे उसके निर्देशन में सेवा करते थे और आसाप राजा के निर्देशन में भविष्यवाणी करता था।  यदूतून+ के बेटों में से गदल्याह, सरी, यशाया, शिमी, हशब्याह और मतित्याह।+ ये छ: अपने पिता यदूतून के निर्देशन में सेवा करते थे। यदूतून सुरमंडल की धुन पर भविष्यवाणी करता और यहोवा का शुक्रिया अदा करता और उसकी तारीफ करता था।+  हेमान+ के बेटों में से बुक्कियाह, मत्तन्याह, उज्जीएल, शबूएल, यरीमोत, हनन्याह, हनानी, एलीयाता, गिद्दलती, रोममती-एज़ेर, योशबकाशा, मल्लोती, होतीर और महजीओत।  ये सभी हेमान के बेटे थे। हेमान राजा का एक दर्शी था, जो सच्चे परमेश्‍वर की महिमा के लिए उसका संदेश सुनाता था। इसलिए सच्चे परमेश्‍वर ने हेमान को 14 बेटे और 3 बेटियाँ दीं।  ये सभी अपने पिता के निर्देशन में सेवा करते थे और यहोवा के भवन में झाँझ, तारोंवाले बाजों और सुरमंडल की धुन पर गीत गाते थे।+ सच्चे परमेश्‍वर के भवन में उनकी यही सेवा थी। आसाप, यदूतून और हेमान राजा के निर्देशन में सेवा करते थे।  इनकी और इनके भाइयों की गिनती 288 थी, जिन्हें यहोवा के लिए गीत गाने की तालीम दी गयी थी और वे सभी कुशल गायक थे।  उन सबने अपनी ज़िम्मेदारी तय करने के लिए चिट्ठियाँ डालीं,+ फिर चाहे वे छोटे थे या बड़े, गाने में कुशल थे या नौसिखिए।  पहली चिट्ठी आसाप के बेटे यूसुफ के नाम निकली,+ दूसरी गदल्याह के नाम+ (उसकी, उसके भाइयों और बेटों की गिनती 12 थी) 10  तीसरी जक्कूर,+ उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 11  चौथी यिसरी, उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 12  पाँचवीं नतन्याह,+ उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 13  छठी बुक्कियाह, उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 14  सातवीं यसरेला, उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 15  आठवीं यशाया, उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 16  नौवीं मत्तन्याह, उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 17  दसवीं शिमी, उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 18  11वीं अजरेल, उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 19  12वीं हशब्याह, उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 20  13वीं शूबाएल,+ उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 21  14वीं मतित्याह, उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 22  15वीं यरेमोत, उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 23  16वीं हनन्याह, उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 24  17वीं योशबकाशा, उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 25  18वीं हनानी, उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 26  19वीं मल्लोती, उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 27  20वीं एलीयाता, उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 28  21वीं होतीर, उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 29  22वीं गिद्दलती,+ उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी, 30  23वीं महजीओत,+ उसके बेटों और भाइयों के नाम, जिनकी गिनती 12 थी 31  और 24वीं रोममती-एज़ेर,+ उसके बेटों और भाइयों के नाम निकली जिनकी गिनती 12 थी।

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