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यहोवा के साक्षी

हिंदी

ऑनलाइन बाइबल | पवित्र शास्त्र का नयी दुनिया अनुवाद

लैव्यव्यवस्था 11:1-47

सारांश

  • शुद्ध और अशुद्ध जानवर (1-47)

11  फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा,  “इसराएलियों से कहना, ‘तुम ज़मीन पर रहनेवाले ये जीव-जंतु खा सकते हो:+  ऐसा हर जानवर जिसके खुर दो भागों में बँटे होते हैं और जो जुगाली भी करता है।  मगर तुम ये जानवर नहीं खा सकते जो या तो जुगाली करते हैं या जिनके खुर दो भागों में बँटे होते हैं: ऊँट, जो जुगाली तो करता है मगर उसके खुर दो भागों में नहीं बँटे होते। वह तुम्हारे लिए अशुद्ध है।+  चट्टानी बिज्जू,+ जो जुगाली तो करता है मगर उसके खुर दो भागों में नहीं बँटे होते। वह तुम्हारे लिए अशुद्ध है।  खरगोश, जो जुगाली तो करता है मगर उसके खुर दो भागों में नहीं बँटे होते। वह तुम्हारे लिए अशुद्ध है।  और सूअर,+ जिसके खुर तो दो भागों में बँटे होते हैं मगर वह जुगाली नहीं करता। वह तुम्हारे लिए अशुद्ध है।  तुम इनमें से किसी भी जानवर का गोश्‍त न खाना और न ही इसकी लाश छूना। ये सभी जानवर तुम्हारे लिए अशुद्ध हैं।+  तुम पानी में रहनेवाले ये जीव-जंतु खा सकते हो: नदी या समुंदर का ऐसा हर जीव जिसके पंख और छिलके होते हैं।+ 10  लेकिन नदी या समुंदर के ऐसे जीवों को खाना मना है जिनके पंख और छिलके नहीं होते, फिर चाहे वे झुंड में रहनेवाले जीव हों या दूसरे किस्म के जीव। वे तुम्हारे लिए घिनौने हैं। 11  हाँ, तुम्हारी नज़र में वे सभी घिनौने हों। तुम ऐसे किसी भी जीव को न खाना।+ अगर तुम्हें ऐसा मरा हुआ जीव मिले तो उससे घिन करना। 12  पानी के अंदर रहनेवाला ऐसा हर जीव तुम्हारे लिए घिनौना है जिसके पंख और छिलके नहीं होते। 13  आकाश में उड़नेवाले ये सभी जीव तुम्हारे लिए घिनौने हैं और इन्हें तुम मत खाना क्योंकि ये घिनौने हैं: उकाब,+ समुद्री बाज़, काला गिद्ध, 14  लाल चील और हर किस्म की काली चील, 15  हर किस्म का कौवा, 16  शुतुरमुर्ग, उल्लू, धोमरा, हर किस्म का बाज़, 17  छोटा उल्लू, पन-कौवा, लंबे कानोंवाला उल्लू, 18  हंस, हवासिल, गिद्ध, 19  लगलग, हर किस्म का बगुला, हुदहुद और चमगादड़। 20  पंखवाला ऐसा हर कीट-पतंगा तुम्हारे लिए घिनौना है जो झुंड में उड़ता है और चार पैरों के बल चलता है। 21  जो पंखवाले कीट-पतंगे झुंड में उड़ते हैं और चार पैरों के बल चलते हैं, उनमें से सिर्फ ऐसे कीट-पतंगे तुम खा सकते हो जिनके कूदने-फाँदने के पैर भी होते हैं। 22  इस किस्म के कीट-पतंगों में से तुम इन्हें खा सकते हो: उड़नेवाली तरह-तरह की टिड्डियाँ, आम टिड्डी,+ झींगुर और टिड्डा। 23  मगर पंखवाले बाकी सभी कीट-पतंगे जो झुंड में उड़ते हैं और जिनके चार पैर होते हैं, वे तुम्हारे लिए घिनौने हों। 24  उन्हें खाने से तुम अशुद्ध हो जाओगे। जो कोई ऐसे मरे हुए कीट-पतंगों को छूता है वह शाम तक अशुद्ध रहेगा।+ 25  जो कोई ऐसे मरे हुए कीट-पतंगों को उठाता है, उसे अपने कपड़े धोने चाहिए।+ वह शाम तक अशुद्ध रहेगा। 26  ऐसा हर जानवर तुम्हारे लिए अशुद्ध है जिसके खुर फटे तो होते हैं, मगर दो भागों में नहीं बँटे होते, साथ ही वह जुगाली भी नहीं करता। जो कोई उसे छुएगा वह अशुद्ध हो जाएगा।+ 27  चार पैरोंवाले जो जीव-जंतु पंजों के सहारे चलते हैं वे सब तुम्हारे लिए अशुद्ध हैं। जो कोई उनकी लाश छुएगा वह शाम तक अशुद्ध रहेगा। 28  जो कोई उनकी लाश उठाता है, उसे अपने कपड़े धोने चाहिए।+ वह शाम तक अशुद्ध रहेगा।+ ऐसे जीव-जंतु तुम्हारे लिए अशुद्ध हैं। 29  ज़मीन पर जो जीव झुंड में रहते हैं, उनमें से ये तुम्हारे लिए अशुद्ध हैं: छछूँदर, चूहा,+ हर किस्म की छिपकली, 30  घरेलू छिपकली, गोह, सरटिका, सांडा और गिरगिट। 31  झुंड में रहनेवाले ये सभी जीव तुम्हारे लिए अशुद्ध हैं।+ जो कोई उनकी लाश छुएगा वह शाम तक अशुद्ध रहेगा।+ 32  अगर इनमें से कोई मरा हुआ जीव किसी चीज़ पर गिरता है, चाहे लकड़ी के बरतन पर या कपड़े या खाल या टाट पर, तो वह चीज़ अशुद्ध हो जाएगी। रोज़ाना के काम में इस्तेमाल होनेवाला जो बरतन अशुद्ध हो जाता है उसे पानी में डुबोकर रखना चाहिए। वह बरतन शाम तक अशुद्ध रहेगा और उसके बाद वह शुद्ध होगा। 33  अगर मरा हुआ जीव किसी मिट्टी के बरतन में गिरता है तो तुम उस बरतन को चूर-चूर कर देना और उसके अंदर जो भी था वह अशुद्ध हो जाएगा।+ 34  अगर ऐसे अशुद्ध बरतन में रखा पानी किसी खाने की चीज़ पर पड़े तो वह चीज़ अशुद्ध हो जाएगी। ऐसे बरतन में पीने के लिए जो भी रखा हो, वह अशुद्ध हो जाएगा। 35  ये मरे हुए जीव चाहे किसी भी चीज़ पर गिरें वह चीज़ अशुद्ध हो जाएगी। अगर तंदूर या चूल्हे पर ये जीव गिरते हैं तो उसे चूर-चूर कर देना चाहिए। वह अशुद्ध है और तुम्हारे लिए अशुद्ध बना रहेगा। 36  लेकिन अगर पानी के सोते या कुंड में ऐसा मरा हुआ जीव गिर जाए तो वह सोता या कुंड शुद्ध रहेगा। मगर जो कोई उस मरे हुए जीव को पानी से निकालता है वह अशुद्ध हो जाएगा। 37  अगर मरा हुआ जीव किसी ऐसे बीज पर गिरता है जो बोने के लिए रखा हुआ है तो वह बीज शुद्ध ही रहेगा। 38  लेकिन अगर मरे हुए जीव का कोई हिस्सा भिगोए हुए बीज पर गिरता है तो वह बीज तुम्हारे लिए अशुद्ध हो जाएगा। 39  अगर ऐसा कोई जानवर जिसे खाने की तुम्हें इजाज़त है, मरा हुआ पाया जाए तो जो उसकी लाश छुएगा वह शाम तक अशुद्ध रहेगा।+ 40  अगर किसी ने ऐसे मरे हुए जानवर का गोश्‍त खा लिया तो उसे अपने कपड़े धोने चाहिए। वह शाम तक अशुद्ध रहेगा।+ जो कोई ऐसे जानवर की लाश उठाता है उसे अपने कपड़े धोने चाहिए। वह शाम तक अशुद्ध रहेगा। 41  धरती के वे सभी जीव घिनौने हैं जो झुंड में रहते हैं।+ इन्हें खाना मना है। 42  तुम ऐसा कोई भी जीव मत खाना जो पेट के बल रेंगता है, चार पैरों के सहारे चलता है या जो झुंड में रहता है और जिसके बहुत-से पैर होते हैं, क्योंकि ये घिनौने हैं।+ 43  तुम झुंड में रहनेवाले किसी भी जीव की वजह से घिनौने मत बनना। तुम उनकी वजह से दूषित और अशुद्ध मत हो जाना।+ 44  मैं तुम्हारा परमेश्‍वर यहोवा हूँ।+ तुम्हें शुद्ध और पवित्र बने रहना है+ क्योंकि मैं पवित्र हूँ।+ तुम धरती के ऐसे किसी भी जीव की वजह से खुद को अशुद्ध मत करना जो झुंड में रहता है। 45  मैं यहोवा हूँ और तुम्हें इसलिए मिस्र देश से निकालकर ले जा रहा हूँ ताकि यह साबित करूँ कि मैं तुम्हारा परमेश्‍वर हूँ।+ तुम्हें पवित्र बने रहना है+ क्योंकि मैं पवित्र हूँ।+ 46  ये सभी नियम जानवरों, उड़नेवाले जीवों, पानी के जीव-जंतुओं और झुंड में रहनेवाले धरती के जीवों के बारे में हैं। 47  ये नियम इसलिए दिए गए हैं ताकि तुम शुद्ध और अशुद्ध चीज़ के बीच और जो जीव खाए जा सकते हैं और जो नहीं खाए जा सकते, उनके बीच फर्क कर सको।’”+

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