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यहोवा के साक्षी

हिंदी

ऑनलाइन बाइबल | पवित्र शास्त्र का नयी दुनिया अनुवाद

यिर्मयाह 50:1-46

सारांश

  • बैबिलोन के खिलाफ भविष्यवाणी (1-46)

    • बैबिलोन से भाग जाओ (8)

    • इसराएल वापस लाया जाएगा (17-19)

    • बैबिलोन की नदी सूख जाएगी (38)

    • बैबिलोन फिर आबाद नहीं होगी (39, 40)

50  यहोवा ने भविष्यवक्‍ता यिर्मयाह के ज़रिए बैबिलोन और कसदियों के देश के बारे में जो संदेश दिया,+ वह यह है:   “राष्ट्रों में इसका ऐलान करो, इसके बारे में सुनाओ। झंडा खड़ा करो और इसके बारे में सुनाओ। कुछ भी मत छिपाओ! बताओ, ‘बैबिलोन पर कब्ज़ा कर लिया गया है।+ बेल को शर्मिंदा किया गया है।+ मरोदक खौफ में है। बैबिलोन की मूरतें शर्मिंदा की गयी हैं। उसकी घिनौनी मूरतें* खौफ में हैं।’   क्योंकि उस पर उत्तर के एक राष्ट्र ने हमला किया है।+ उसने उसके देश का ऐसा हाल कर दिया है कि देखनेवालों का दिल दहल जाता है,उसमें कोई नहीं रहता। इंसान और जानवर, दोनों भाग गए हैं,वे वहाँ से चले गए हैं।”  यहोवा ऐलान करता है, “उन दिनों इसराएल के लोग और यहूदा के लोग एक-साथ आएँगे।+ वे रोते-रोते चलेंगे+ और मिलकर अपने परमेश्‍वर यहोवा की खोज करेंगे।+  वे सिय्योन की तरफ मुँह करके उसका रास्ता पूछेंगे+ और कहेंगे, ‘आओ, हम सब मिलकर यहोवा के साथ सदा का करार करें जो कभी नहीं भुलाया जाएगा।’+  मेरे लोग उन भेड़ों की तरह हो गए हैं जो खो गयी हैं।+ उनके चरवाहों ने उन्हें भटका दिया है।+ वे उन्हें पहाड़ों पर ले गए। भेड़ें एक पहाड़ से दूसरे पहाड़ पर भटक रही हैं। वे अपने आराम की जगह भूल गयी हैं।  जिन-जिन को वे मिलीं, उन्होंने उन्हें खा लिया+ और उनके दुश्‍मनों ने कहा, ‘हम दोषी नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने यहोवा के खिलाफ पाप किया जिसमें नेकी वास करती है। उन्होंने यहोवा के खिलाफ पाप किया है जो उनके पुरखों की आशा है।’”   “बैबिलोन से भाग जाओ,कसदियों के देश से निकल जाओ+और झुंड के आगे-आगे चलनेवाले बकरों और मेढ़ों जैसे बन जाओ।   मैं उत्तर से बड़े-बड़े राष्ट्रों से मिलकर बनी एक सेना को उभार रहा हूँ,उसे बैबिलोन पर हमला करने के लिए ला रहा हूँ।+ वे दल बाँधकर उस पर हमला करेंगे। वहाँ से वह कब्ज़ा कर ली जाएगी। उनके तीर एक योद्धा के तीर जैसे हैं,जो माँ-बाप से उनके बच्चे छीन लेते हैं।+ वे कभी निशाने से नहीं चूकते। 10  कसदिया लूट का माल बन जाएगा।+ उसका माल लूटनेवाले पूरी तरह संतुष्ट होंगे।”+ यहोवा का यह ऐलान है। 11  “क्योंकि जब तुमने मेरी विरासत लूटी,+तब तुम खुशी से झूमते रहे,+ जश्‍न मनाते रहे। तुम कलोर की तरह घास पर उछलते रहे,घोड़ों की तरह हिनहिनाते रहे। 12  तुम्हारी माँ शर्मिंदा की गयी है।+ तुम्हारी जननी निराश हो गयी है। देखो! वह राष्ट्रों में सबसे कमतर है,एक सूखा वीराना है, रेगिस्तान है।+ 13  यहोवा की जलजलाहट की वजह से वह दोबारा आबाद नहीं की जाएगी,+वह पूरी तरह उजड़ जाएगी।+ बैबिलोन पर ढाए सारे कहर देखकर उसके पास से गुज़रनेवाला हर कोई डर के मारे देखता रह जाएगाऔर सीटी बजाएगा।+ 14  तुम सभी जो कमान चढ़ाते हो,दल बाँधकर हर दिशा से आओ और बैबिलोन पर हमला करो। उस पर तीर चलाओ, अपना तरकश खाली कर दो,+क्योंकि उसने यहोवा के खिलाफ पाप किया है।+ 15  हर दिशा से उसके खिलाफ युद्ध का ऐलान करो। उसने हथियार डाल दिया है। उसके खंभे गिर गए हैं, उसकी शहरपनाह ढा दी गयी है,+क्योंकि यहोवा उससे बदला ले रहा है।+ तुम उससे अपना बदला लो। उसने जैसा किया था वैसा ही तुम उसके साथ करो।+ 16  बैबिलोन से बीज बोनेवालों को,कटाई के समय हँसिया चलानेवालों को मिटा दो।+ उस भयानक तलवार की वजह से हर कोई अपने लोगों के पास लौट जाएगा,हर कोई अपने देश भाग जाएगा।+ 17  इसराएल के लोग तितर-बितर की गयी भेड़ें हैं।+ शेरों ने उनका यह हाल किया है।+ पहले, अश्‍शूर का राजा आकर उन्हें खा गया,+ फिर बैबिलोन के राजा नबूकदनेस्सर* ने उनकी हड्डियाँ चबा डालीं।+ 18  इसलिए सेनाओं का परमेश्‍वर और इसराएल का परमेश्‍वर यहोवा कहता है, ‘मैं बैबिलोन के राजा और उसके देश को वही सिला दूँगा जो मैंने अश्‍शूर के राजा को दिया था।+ 19  मैं इसराएल को उसके चरागाह में वापस ले आऊँगा।+ वह करमेल और बाशान पर चरेगा,+ एप्रैम+ और गिलाद+ के पहाड़ों पर जी-भरकर खाएगा।’” 20  यहोवा ऐलान करता है, “उन दिनों और उस समय,इसराएल में दोष ढूँढ़ने पर भी नहीं मिलेगा,यहूदा में कोई पाप नहीं पाया जाएगा,क्योंकि मैं उन्हें माफ कर दूँगा जिन्हें मैंने ज़िंदा छोड़ दिया।”+ 21  यहोवा ऐलान करता है, “मरातैम देश पर और पकोद के निवासियों पर हमला कर।+ उनका कत्लेआम कर दे, पूरी तरह नाश कर दे।* मैंने तुझे जो-जो करने की आज्ञा दी है, वह सब कर। 22  देश में युद्ध का शोर सुनायी दे रहा है,बड़ी तबाही का शोर सुनायी दे रहा है। 23  देख, सब राष्ट्रों को चूर-चूर करनेवाला हथौड़ा कैसे काट डाला गया है, तोड़ दिया गया है!+ देख, राष्ट्रों के बीच बैबिलोन का क्या हश्र हुआ है, देखनेवालों का दिल दहल जाता है।+ 24  हे बैबिलोन, मैंने तेरे लिए एक फंदा बिछाया है, तू पकड़ी गयी,तुझे पता भी नहीं चला। तुझे ढूँढ़कर बंदी बना लिया गया है,+क्योंकि तूने यहोवा का विरोध किया। 25  यहोवा ने अपना हथियार-घर खोला है,वह अपनी जलजलाहट के हथियार बाहर निकालता है।+ क्योंकि सारे जहान के मालिक, सेनाओं के परमेश्‍वर यहोवा कोकसदियों के देश में एक काम करना है। 26  दूर-दूर की जगहों से आकर उस पर हमला करो।+ उसके भंडार खोल दो।+ अनाज के ढेर की तरह उसका ढेर लगा दो। उसे पूरी तरह नाश कर दो।*+ उसका एक भी इंसान ज़िंदा न बचे। 27  उसके सारे बैल काट डालो,+उन्हें हलाल के लिए भेज दो। उनका बहुत बुरा होनेवाला है, क्योंकि उनका दिन आ गया है,उनसे हिसाब लेने का समय आ गया है! 28  भागनेवालों की आवाज़ सुनायी दे रही है,बैबिलोन से बचकर भागनेवालों की आवाज़ सुनायी दे रही है,वे सिय्योन में ऐलान करने जा रहे हैं कि हमारे परमेश्‍वर यहोवा ने बदला चुका दिया है,अपने मंदिर के लिए बदला चुका दिया है।+ 29  बैबिलोन को नाश करने के लिए तीरंदाज़ों को बुलाओ,उन सबको बुलाओ जो कमान चढ़ाते हैं।+ उसके चारों तरफ छावनी डालो, किसी को बचकर भागने मत दो। उसे उसके कामों का सिला दो।+ उसने जैसा किया था, वैसा ही उसके साथ करो।+ क्योंकि उसने घमंड में आकर यहोवा के खिलाफ काम किया,इसराएल के पवित्र परमेश्‍वर के खिलाफ।+ 30  उस दिन उसके चौकों पर उसके जवान ढेर हो जाएँगे,+सारे सैनिक नाश* हो जाएँगे।” यहोवा का यह ऐलान है। 31  सारे जहान का मालिक और सेनाओं का परमेश्‍वर यहोवा ऐलान करता है, “हे गुस्ताख बैबिलोन,+ देख! मैं तुझे सज़ा दूँगा,+क्योंकि तेरा वह दिन ज़रूर आएगा, जब मैं तुझसे हिसाब माँगूँगा। 32  हे गुस्ताख बैबिलोन, तू ठोकर खाकर गिरेगी,तुझे उठानेवाला कोई न होगा।+ मैं तेरे शहरों को आग लगा दूँगा,यह आग तेरे आस-पास का सबकुछ भस्म कर देगी।” 33  सेनाओं का परमेश्‍वर यहोवा कहता है, “इसराएल और यहूदा के लोगों को सताया जा रहा है,जिन लोगों ने उन्हें बंदी बनाया है, वे उन्हें पकड़े हुए हैं।+ उन्होंने उन्हें छोड़ने से इनकार कर दिया है।+ 34  मगर उनका छुड़ानेवाला ताकतवर है।+ उसका नाम सेनाओं का परमेश्‍वर यहोवा है।+ वह ज़रूर उनके मुकदमे की पैरवी करेगा+ताकि उनके देश को चैन दिलाए+और बैबिलोन के निवासियों में खलबली मचाए।”+ 35  यहोवा ऐलान करता है, “कसदियों पर एक तलवार चलेगी,बैबिलोन के निवासियों, उसके हाकिमों और ज्ञानियों पर तलवार चलेगी।+ 36  खोखली बातें करनेवालों* पर तलवार चलेगी और वे मूर्खों जैसा बरताव करेंगे। उसके योद्धाओं पर तलवार चलेगी और वे घबरा जाएँगे।+ 37  उनके घोड़ों और युद्ध-रथों पर तलवार चलेगी,उसमें रहनेवाले परदेसियों की मिली-जुली भीड़ पर तलवार चलेगीऔर वे औरतों जैसे बन जाएँगे।+ उसके खज़ानों पर तलवार चलेगी और वे लूट लिए जाएँगे।+ 38  उसकी नदी की धाराएँ तबाह कर दी जाएँगी, वे सूख जाएँगी।+ क्योंकि यह खुदी हुई मूरतों से भरा देश है+और वे डरावने दर्शन देखने की वजह से पागलों जैसा बरताव करते हैं। 39  इसलिए वह सूखे इलाके के जानवरों और हुआँ-हुआँ करते जानवरों का अड्डा बन जाएगीऔर वहाँ शुतुरमुर्ग रहा करेंगे।+ वह फिर कभी आबाद नहीं होगी,पीढ़ी-दर-पीढ़ी उसमें कोई नहीं बसेगा।”+ 40  यहोवा ऐलान करता है, “सदोम, अमोरा और उनके आस-पास के नगरों के नाश के बाद जो हाल हुआ,+ वही उसका भी होगा। उसमें कोई नहीं रहेगा, कोई वहाँ जाकर नहीं बसेगा।+ 41  देख! उत्तर से एक देश आ रहा है,एक महान राष्ट्र और बड़े-बड़े राजाओं को+धरती के छोर से उभारा जाएगा।+ 42  वे तीर-कमान और बरछी से लैस रहते हैं।+ वे खूँखार हैं, किसी पर दया नहीं करते।+ जब वे अपने घोड़ों पर सवार होकर आते हैं,तो उनका शोर समुंदर के गरजन जैसा होता है।+ हे बैबिलोन की बेटी, वे सब एक होकर, दल बाँधकर तुझ पर हमला करने को तैयार हैं।+ 43  बैबिलोन के राजा ने उनके बारे में खबर सुनी है,+उसके हाथ ढीले पड़ गए हैं।+ उस पर डर और चिंता हावी हो गयी है,वह दर्द से ऐसे तड़प रहा है जैसे बच्चा जननेवाली औरत तड़पती है। 44  देख! इन महफूज़ चरागाहों पर हमला करने कोई आएगा। वह ऐसे आएगा जैसे यरदन के पासवाली घनी झाड़ियों में से एक शेर निकलकर आता है। मैं उन्हें एक ही पल में उसके सामने से भगा दूँगा। मैं अपने चुने हुए जन को उस पर ठहराऊँगा।+ क्योंकि मेरे जैसा कौन है और कौन मुझे चुनौती दे सकता है? कौन चरवाहा मेरे सामने टिक पाएगा?+ 45  इसलिए लोगो, सुनो कि यहोवा ने बैबिलोन के खिलाफ क्या फैसला* किया है+ और कसदियों के देश के साथ क्या करने की सोची है। बेशक, झुंड के मेम्नों को घसीटकर ले जाया जाएगा। वह उनकी वजह से उनका चरागाह उजाड़ देगा।+ 46  बैबिलोन पर कब्ज़ा किए जाने का हाहाकार सुनकर धरती काँप उठी है,उसकी चीख-पुकार राष्ट्रों में सुनायी देगी।”+

कई फुटनोट

इनका इब्रानी शब्द शायद “मल” के लिए इस्तेमाल होनेवाले शब्द से संबंध रखता है और यह बताने के लिए इस्तेमाल होता है कि किसी चीज़ से कितनी घिन की जा रही है।
शा., “नबूकदरेस्सर।” यह एक अलग वर्तनी है।
या “उन्हें नाश के हवाले कर दे।”
या “उसे नाश के हवाले कर दो।”
शा., “खामोश।”
या “झूठे भविष्यवक्‍ताओं।”
या “मकसद।”