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यहोवा के साक्षी

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यहोशू 21:1-45

सारांश

  • लेवियों को दिए शहर (1-42)

    • हारून के वंशजों को (9-19)

    • बाकी कहातियों को (20-26)

    • गेरशोनियों को (27-33)

    • मरारियों को (34-40)

  • यहोवा के वादे पूरे हुए (43-45)

21  लेवियों के घरानों के मुखियाओं ने याजक एलिआज़र,+ नून के बेटे यहोशू और इसराएल गोत्र के कुलों के मुखियाओं के पास  कनान देश के शीलो+ में आकर उनसे कहा, “यहोवा ने मूसा के ज़रिए आज्ञा दी थी कि हमें रहने के लिए शहर दिए जाएँ और हमारे जानवरों के लिए चरागाह दिए जाएँ।”+  यहोवा के आदेश के मुताबिक इसराएलियों ने अपनी विरासत की ज़मीन में से लेवियों को शहर+ और चरागाह दिए।+  पहली चिट्ठी कहातियों के घरानों+ के नाम निकली। और उन लेवियों को जो याजक हारून के वंशज थे, यहूदा,+ शिमोन+ और बिन्यामीन के इलाके में से 13 शहर दिए गए।*+  बाकी कहातियों को एप्रैम+ और दान के और मनश्‍शे के आधे गोत्र के इलाके में से दस शहर दिए गए।*+  गेरशोनियों+ को इस्साकार, आशेर और नप्ताली गोत्रों और बाशान में रहनेवाले मनश्‍शे के आधे गोत्र के इलाके में से 13 शहर दिए गए।+  मरारियों+ को उनके घरानों के हिसाब से रूबेन, गाद और जबूलून गोत्रों के इलाके में से 12 शहर दिए गए।+  इस तरह इसराएलियों ने चिट्ठियाँ डालकर लेवियों को शहर और उनके चरागाह दिए, ठीक जैसा यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी।+  ये उन शहरों के नाम हैं जो उन्होंने यहूदा और शिमोन गोत्रों के इलाके से दिए।+ 10  ये शहर हारून के बेटों को मिले जो लेवी गोत्र के कहाती घराने से थे क्योंकि पहली चिट्ठी उन्हीं के नाम निकली थी। 11  इसराएलियों ने उन्हें यहूदा के पहाड़ी प्रदेश में किरयत-अरबा+ (अरबा, अनाक का पिता था) यानी हेब्रोन+ और उसके आस-पास के चरागाह दिए। 12  मगर उन्होंने उस शहर का खेत और उसकी बस्तियाँ यपुन्‍ने के बेटे कालेब को दीं ताकि वे उसकी जागीर बन जाएँ।+ 13  याजक हारून के बेटों को हेब्रोन और उसके चरागाह दिए गए। हेब्रोन+ खून के दोषी इंसान के लिए शरण नगर था।+ इसके अलावा उन्हें लिब्ना+ और उसके चरागाह,  14  यत्तीर+ और उसके चरागाह, एश्‍तमोआ+ और उसके चरागाह,   15  होलोन+ और उसके चरागाह, दबीर+ और उसके चरागाह,   16  ऐन+ और उसके चरागाह, युत्ता+ और उसके चरागाह और बेत-शेमेश और उसके चरागाह भी दिए गए। शिमोन और यहूदा के इलाके में से उन्हें नौ शहर मिले। 17  बिन्यामीन के इलाके में से उन्हें ये शहर दिए गए: गिबोन+ और उसके चरागाह, गेबा और उसके चरागाह,+ 18  अनातोत+ और उसके चरागाह और अल्मोन और उसके चरागाह; कुल चार शहर। 19  हारून के वंशज जो याजक थे, उन्हें कुल मिलाकर 13 शहर और उनके चरागाह+ दिए गए। 20  लेवी गोत्र में कहातियों के बाकी घरानों के लिए चिट्ठियाँ डाली गयीं और उन्हें एप्रैम गोत्र के इलाके में से शहर दिए गए। 21  इसराएलियों ने उन्हें एप्रैम के पहाड़ी प्रदेश में शेकेम और उसके चरागाह दिए। शेकेम+ खून के दोषी इंसान के लिए शरण नगर था।+ इसके अलावा उन्हें गेजेर+ और उसके चरागाह, 22  किबसैम और उसके चरागाह और बेत-होरोन+ और उसके चरागाह भी दिए गए; कुल चार शहर। 23  दान गोत्र के इलाके में से उन्हें एल-तके और उसके चरागाह, गिब्बतोन और उसके चरागाह, 24  अय्यालोन+ और उसके चरागाह और गत-रिम्मोन और उसके चरागाह दिए गए; कुल चार शहर। 25  उन्हें मनश्‍शे के आधे गोत्र के इलाके में से तानाक+ और उसके चरागाह और गत-रिम्मोन और उसके चरागाह दिए गए; कुल दो शहर। 26  कहातियों के बाकी घरानों को कुल मिलाकर दस शहर और उनके चरागाह मिले। 27  लेवियों के कुल में गेरशोनियों+ को, मनश्‍शे के आधे गोत्र के इलाके में से (बाशान का) गोलान+ और उसके चरागाह मिले। गोलान खून के दोषी इंसान के लिए शरण नगर था। इसके अलावा, उन्हें बेशतरा और उसके चरागाह भी मिले; कुल दो शहर। 28  इस्साकार गोत्र के इलाके में से+ उन्हें किश्‍योन और उसके चरागाह, दाबरात+ और उसके चरागाह, 29  यरमूत और उसके चरागाह और एन-गन्‍नीम और उसके चरागाह दिए गए; कुल चार शहर। 30  आशेर गोत्र के इलाके में से+ उन्हें मिशाल और उसके चरागाह, अब्दोन और उसके चरागाह, 31  हेलकत+ और उसके चरागाह और रहोब+ और उसके चरागाह दिए गए; कुल चार शहर। 32  नप्ताली गोत्र के इलाके में उन्हें गलील में केदेश+ और उसके चरागाह दिए गए। केदेश खून के दोषी इंसान के लिए शरण नगर था।+ इसके अलावा, उन्हें हम्मोत-दोर और उसके चरागाह और करतान और उसके चरागाह दिए गए; कुल तीन शहर। 33  गेरशोनियों को उनके घरानों के हिसाब से कुल मिलाकर 13 शहर और उनके चरागाह दिए गए। 34  बाकी लेवियों को यानी मरारियों के घरानों+ को जबूलून गोत्र के इलाके में से+ योकनाम+ और उसके चरागाह, कर्ता और उसके चरागाह, 35  दिम्ना और उसके चरागाह और नहलाल+ और उसके चरागाह दिए गए; कुल चार शहर। 36  रूबेन गोत्र के इलाके में से उन्हें बेसेर+ और उसके चरागाह, यहस और उसके चरागाह,+ 37  कदेमोत और उसके चरागाह और मेपात और उसके चरागाह दिए गए; कुल चार शहर। 38  गाद गोत्र के इलाके में से+ उन्हें गिलाद में रामोत और उसके चरागाह दिए गए। रामोत खून के दोषी इंसान के लिए शरण नगर था।+ इसके अलावा उन्हें महनैम+ और उसके चरागाह, 39  हेशबोन+ और उसके चरागाह और याजेर+ और उसके चरागाह दिए गए। कुल चार शहर। 40  लेवियों के बाकी घरानों यानी मरारियों को उनके घरानों के हिसाब से कुल मिलाकर 12 शहर दिए गए। 41  इसराएलियों के बीच लेवियों के हिस्से में कुल मिलाकर 48 शहर और उनके चरागाह आए।+ 42  इनमें से हर शहर के आस-पास चरागाह था। 43  इस तरह यहोवा ने इसराएलियों को वह सारा देश दिया, जिसे देने का वादा उसने उनके पुरखों से किया था।+ और इसराएलियों ने उस देश को अपने अधिकार में कर लिया और उसमें बस गए।+ 44  जैसे यहोवा ने उनके पुरखों से वादा किया था,+ उसने इसराएलियों को चारों तरफ से चैन दिया और उनका एक भी दुश्‍मन उनके खिलाफ खड़ा न रह सका।+ यहोवा ने उनके सब दुश्‍मनों को उनके हाथ कर दिया।+ 45  यहोवा ने इसराएल के घराने से जितने भी बेहतरीन वादे किए थे वे सब-के-सब पूरे हुए, एक भी वादा बिना पूरा हुए नहीं रहा।+

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या “चिट्ठियाँ डालकर दिए गए।”
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