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यहोवा के साक्षी

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यहोशू 11:1-23

सारांश

  • उत्तरी शहरों पर कब्ज़ा (1-15)

  • यहोशू ने इलाके जीते (16-23)

11  जब हासोर के राजा याबीन ने यह खबर सुनी तो उसने फौरन मादोन के राजा+ योबाब को, शिमरोन और अक्षाप के राजाओं+ को  और जो-जो राजा उत्तर के पहाड़ी प्रदेश में, किन्‍नेरेत के दक्षिणी मैदानी इलाकों* में, शफेलाह और पश्‍चिम में दोर+ की पहाड़ियों पर रहते थे, उन सबको संदेश भेजा।  उसने पूरब-पश्‍चिम दोनों तरफ के कनानियों+ को, पहाड़ों में रहनेवाले एमोरियों,+ हित्तियों, परिज्जियों, यबूसियों को और मिसपा में हेरमोन पहाड़+ के नीचे रहनेवाले हिव्वियों+ को भी संदेश भेजा।  तब वे सब अपनी-अपनी सेना लेकर निकल पड़े। उनकी गिनती इतनी थी कि वे समुंदर किनारे की बालू के किनकों जितने लग रहे थे। वे अपने साथ बेहिसाब घोड़े और युद्ध-रथ लाए।  इन सभी राजाओं ने साथ मिलकर इसराएल से युद्ध करने का फैसला किया और उन्होंने मेरोम के सोते के पास छावनी डाली।  तब यहोवा ने यहोशू से कहा, “तू उनसे मत डरना+ क्योंकि कल इस समय तक मैं उन सबको इसराएल के हाथ कर दूँगा और तुम उनको मार डालोगे। तुम उनके घोड़ों की घुटनस काट देना+ और उनके रथों को आग में जला देना।”  फिर यहोशू अपने सभी सैनिकों को साथ लेकर गया और उसने मेरोम के सोते के पास दुश्‍मनों पर अचानक हमला बोल दिया।  यहोवा ने उन्हें इसराएल के हाथ कर दिया+ और इसराएलियों ने उन्हें हरा दिया। वे महानगर सीदोन+ और मिस्रपोत-मैम+ तक और पूरब में मिसपे घाटी तक उन्हें मारते गए और एक को भी ज़िंदा नहीं छोड़ा।+  यहोशू ने वही किया जो यहोवा ने उसे बताया था, उसने दुश्‍मनों के घोड़ों की घुटनस काट दी और रथों को आग में जला दिया।+ 10  इतना ही नहीं, यहोशू ने हासोर जाकर उस पर कब्ज़ा कर लिया और वहाँ के राजा को तलवार से मार डाला+ क्योंकि अब तक हासोर वहाँ के सभी राज्यों का मुख्य शहर था। 11  इसराएलियों ने हासोर के सभी लोगों को तलवार से मारकर उनका पूरी तरह नाश कर दिया,+ एक को भी ज़िंदा नहीं छोड़ा।+ इसके बाद, यहोशू ने हासोर को जला डाला। 12  यहोशू ने उन सभी राजाओं के शहरों पर कब्ज़ा कर लिया और उन्हें हराकर तलवार से मार डाला।+ उसने उन सबका नाश कर दिया,+ ठीक जैसे यहोवा के सेवक मूसा ने आज्ञा दी थी। 13  मगर इसराएलियों ने उन शहरों को नहीं जलाया जो टीलों पर बसे थे। सिर्फ हासोर ही ऐसा शहर था जिसे यहोशू ने जला दिया था। 14  इसराएली उन शहरों से लूट का सारा माल और सारे मवेशी अपने लिए ले गए।+ मगर वहाँ के सभी इंसानों को उन्होंने तलवार से मार डाला,+ एक को भी ज़िंदा नहीं छोड़ा।+ 15  यहोवा ने अपने सेवक मूसा को जो-जो आज्ञा दी थी वह सब मूसा ने यहोशू को बतायी थी+ और यहोशू ने ठीक वैसा ही किया। उसने ऐसा कोई भी काम अधूरा नहीं छोड़ा जिसकी आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी थी।+ 16  यहोशू ने ये सारे इलाके जीत लिए: यहूदा का पहाड़ी प्रदेश, पूरा नेगेब,+ पूरा गोशेन प्रदेश, शफेलाह,+ अराबा,+ इसराएल का पहाड़ी प्रदेश और उसका निचला हिस्सा। 17  उसने सेईर के पास हालाक पहाड़ से लेकर ऊपर तक का वह सारा इलाका जीत लिया, जो दूर हेरमोन पहाड़+ के नीचे लबानोन घाटी में बालगाद+ तक फैला है। उसने वहाँ के सभी राजाओं को हरा दिया और उन्हें मार डाला। 18  उन सभी राजाओं से युद्ध करते-करते यहोशू को काफी समय लगा। 19  गिबोन शहर के हिव्वियों को छोड़ किसी और शहर के लोगों ने इसराएलियों के साथ शांति का करार नहीं किया।+ उन शहरों को इसराएलियों ने युद्ध करके जीत लिया।+ 20  यहोवा ने उन लोगों का दिल कठोर होने दिया,+ जिस वजह से उन्होंने इसराएल से युद्ध किया और परमेश्‍वर ने उन सबका पूरी तरह नाश कर दिया, उन पर कोई रहम नहीं किया।+ जैसा यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी, उन सबका नाश किया जाना था।+ 21  उस समय यहोशू ने पहाड़ी प्रदेश, हेब्रोन, दबीर, अनाब और यहूदा और इसराएल के पहाड़ी प्रदेशों से अनाकियों का सफाया कर दिया।+ यहोशू ने उन्हें और उनके शहरों को पूरी तरह नाश कर दिया।+ 22  इसके बाद इसराएलियों के देश में एक भी अनाकी नहीं बचा। सिर्फ गाज़ा,+ गत+ और अशदोद+ में कुछ अनाकी रह गए।+ 23  इस तरह यहोशू ने यह सारा देश अपने कब्ज़े में कर लिया, ठीक जैसे यहोवा ने मूसा से वादा किया था।+ फिर यहोशू ने यह देश इसराएलियों को दिया ताकि सभी गोत्रों को अपना-अपना हिस्सा मिले और यह उनकी विरासत ठहरे।+ इसके बाद युद्ध खत्म हो गया और देश में शांति बनी रही।+

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या “अराबा।”