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यहोवा के साक्षी

हिंदी

ऑनलाइन बाइबल | पवित्र शास्त्र का नयी दुनिया अनुवाद

यहेजकेल 48:1-35

सारांश

  • देश की ज़मीन का बँटवारा (1-29)

  • शहर के 12 फाटक (30-35)

    • शहर का नाम, “यहोवा वहाँ है” (35)

48  “ये गोत्रों के नाम हैं जो उत्तरी छोर से शुरू होते हैं: दान का हिस्सा+ हेतलोन जानेवाले रास्ते से लेबो-हमात*+ तक, लेबो-हमात से हसर-एनान तक और दमिश्‍क की सरहद के किनारे-किनारे उत्तर की तरफ और हमात के पास+ तक फैला होगा। दान का हिस्सा पूर्वी सरहद से पश्‍चिमी सरहद तक होगा।  आशेर का हिस्सा+ दान के दक्षिण में होगा। यह पूर्वी सरहद से पश्‍चिमी सरहद तक होगा।  नप्ताली का हिस्सा+ आशेर के दक्षिण में होगा। यह पूर्वी सरहद से पश्‍चिमी सरहद तक होगा।  मनश्‍शे का हिस्सा+ नप्ताली के दक्षिण में होगा। यह पूर्वी सरहद से पश्‍चिमी सरहद तक होगा।  एप्रैम का हिस्सा मनश्‍शे के दक्षिण में होगा।+ यह पूर्वी सरहद से पश्‍चिमी सरहद तक होगा।  रूबेन का हिस्सा एप्रैम के दक्षिण में होगा।+ यह पूर्वी सरहद से पश्‍चिमी सरहद तक होगा।  यहूदा का हिस्सा रूबेन के दक्षिण में होगा।+ यह पूर्वी सरहद से पश्‍चिमी सरहद तक होगा।  तुम यहूदा के दक्षिण में, 25,000 हाथ* चौड़ी ज़मीन पवित्र भेंट के लिए अलग रखना।+ यह टुकड़ा जिस ज़मीन में होगा, उसकी लंबाई पूरब से पश्‍चिम तक दूसरे गोत्रों की ज़मीन की लंबाई के बराबर होगी। पवित्र भेंट की ज़मीन के बीचों-बीच पवित्र-स्थान होगा।  तुम्हें यहोवा को भेंट करने के लिए जो ज़मीन अलग रखनी है, उसकी लंबाई 25,000 हाथ और चौड़ाई 10,000 हाथ होगी। 10  पवित्र भेंट की यह ज़मीन याजकों के लिए होगी।+ उसकी लंबाई उत्तर में 25,000 हाथ और दक्षिण में 25,000 हाथ होगी और चौड़ाई पूरब में 10,000 हाथ और पश्‍चिम में 10,000 हाथ होगी। यहोवा का पवित्र-स्थान इस ज़मीन के बीचों-बीच होगा। 11  यह ज़मीन सादोक वंश के याजकों के लिए होगी जिन्हें पवित्र ठहराया गया है,+ क्योंकि मेरी तरफ उनकी जो ज़िम्मेदारी बनती है, वह उन्होंने पूरी की और जब बाकी इसराएली और लेवी मेरी राह से फिरकर दूर चले गए, तब ये याजक मुझसे दूर नहीं गए।+ 12  उन्हें भेंट की गयी उस ज़मीन में हिस्सा मिलेगा जिसे अलग किया गया है और जो बहुत पवित्र है। उनका हिस्सा लेवियों के हिस्से के दक्षिण में होगा। 13  याजकों के इलाके के बिलकुल पास लेवियों का हिस्सा होगा। उनकी ज़मीन की लंबाई 25,000 हाथ और चौड़ाई 10,000 हाथ होगी। (ज़मीन की पूरी लंबाई 25,000 हाथ और चौड़ाई 10,000 हाथ होगी।) 14  देश की सबसे बढ़िया ज़मीन में से यह जो हिस्सा लेवियों को दिया जाएगा, उन्हें उसका कोई भी टुकड़ा न तो बेचना चाहिए, न किसी से अदला-बदली करनी चाहिए और न ही किसी के नाम करना चाहिए क्योंकि यह ज़मीन यहोवा की नज़र में पवित्र है। 15  बाकी ज़मीन, जो 5,000 हाथ चौड़ी और 25,000 हाथ लंबी सीमा से लगी है, शहर के आम इस्तेमाल के लिए होगी।+ उसमें घर और चरागाह होंगे। और उस ज़मीन के बीचों-बीच शहर होगा।+ 16  शहर की नाप यह होगी: उत्तरी सीमा 4,500 हाथ, दक्षिणी सीमा 4,500 हाथ, पूर्वी सीमा 4,500 हाथ और पश्‍चिमी सीमा 4,500 हाथ होगी। 17  शहर की चराई की ज़मीन उत्तर में 250 हाथ, दक्षिण में 250 हाथ, पूरब में 250 हाथ और पश्‍चिम में 250 हाथ चौड़ी होगी। 18  बाकी ज़मीन की लंबाई पवित्र भेंट की ज़मीन की लंबाई के बराबर होगी,+ पूरब की तरफ 10,000 हाथ और पश्‍चिम की तरफ 10,000 हाथ। यह ज़मीन पवित्र भेंट की ज़मीन के बराबर होगी और इस ज़मीन की उपज शहर में सेवा करनेवालों के खाने के लिए होगी। 19  शहर में सेवा करनेवाले सब गोत्रों के लोग इस ज़मीन पर जुताई-बोआई करेंगे।+ 20  भेंट की पूरी ज़मीन चौकोर होगी और उसकी लंबाई 25,000 हाथ और चौड़ाई 25,000 हाथ होगी। तुम यह ज़मीन पवित्र भेंट और शहर के लिए अलग रखना। 21  पवित्र भेंट की ज़मीन और शहर की ज़मीन के दोनों तरफ जो ज़मीन बचेगी वह प्रधान की होगी।+ यह ज़मीन, 25,000 हाथ लंबी पवित्र भेंट की ज़मीन के पूरब और पश्‍चिम में होगी। यह ज़मीन आस-पास के दोनों गोत्रों की ज़मीन के बराबर में होगी और यह प्रधान के लिए होगी। पवित्र भेंट की ज़मीन और मंदिर का पवित्र-स्थान इस ज़मीन के बीचों-बीच होंगे। 22  लेवियों की ज़मीन और शहर की ज़मीन, प्रधान की ज़मीन के बीच होगी। प्रधान का इलाका, यहूदा की सरहद+ और बिन्यामीन की सरहद के बीच होगा। 23  बाकी गोत्रों की ज़मीन का बँटवारा इस तरह किया जाएगा: बिन्यामीन का हिस्सा पूर्वी सरहद से पश्‍चिमी सरहद तक होगा।+ 24  शिमोन का हिस्सा बिन्यामीन के दक्षिण में होगा।+ यह पूर्वी सरहद से पश्‍चिमी सरहद तक होगा। 25  इस्साकार का हिस्सा+ शिमोन के दक्षिण में होगा। यह पूर्वी सरहद से पश्‍चिमी सरहद तक होगा। 26  जबूलून का हिस्सा इस्साकार के दक्षिण में होगा।+ यह पूर्वी सरहद से पश्‍चिमी सरहद तक होगा।+ 27  गाद का हिस्सा जबूलून के दक्षिण में होगा।+ यह पूर्वी सरहद से पश्‍चिमी सरहद तक होगा। 28  दक्षिणी सरहद, जो गाद की सरहद से लगी हुई है, तामार+ से लेकर मरीबोत-कादेश के सोतों+ तक, फिर वहाँ से घाटी*+ तक और वहाँ से महासागर* तक होगी। 29  यही वह देश है जिसे तुम इसराएल के गोत्रों को विरासत में बाँटना+ और ये उनके हिस्से होंगे।”+ सारे जहान के मालिक यहोवा का यह ऐलान है। 30  “शहर से निकलने के लिए ये रास्ते होंगे: उत्तरी सीमा 4,500 हाथ लंबी होगी।+ 31  शहर के फाटकों के नाम इसराएल के गोत्रों के नाम पर रखे जाएँगे। उत्तर में तीन फाटक होंगे, एक रूबेन का, एक यहूदा का और एक लेवी का। 32  पूर्वी सीमा 4,500 हाथ लंबी होगी और उस सीमा पर तीन फाटक होंगे, एक यूसुफ का, एक बिन्यामीन का और एक दान का। 33  दक्षिणी सीमा 4,500 हाथ लंबी होगी और उस सीमा पर तीन फाटक होंगे, एक शिमोन का, एक इस्साकार का और एक जबूलून का। 34  पश्‍चिमी सीमा 4,500 हाथ लंबी होगी और उस सीमा पर तीन फाटक होंगे, एक गाद का, एक आशेर का और एक नप्ताली का। 35  शहर की चारों सीमाओं की कुल नाप 18,000 हाथ होगी। उस दिन से शहर का नाम होगा, ‘यहोवा वहाँ है।’”+

कई फुटनोट

या “हमात के प्रवेश।”
यह लंबे हाथ का माप है। अति. ख14 देखें।
यानी मिस्र घाटी।
यानी भूमध्य सागर।