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यहोवा के साक्षी

हिंदी

ऑनलाइन बाइबल | पवित्र शास्त्र का नयी दुनिया अनुवाद

भजन 59:1-17

सारांश

  • परमेश्‍वर, एक ढाल और पनाह

    • ‘गद्दारों पर तरस न खा’ (5)

    • ‘मैं तेरी ताकत का गुणगान करूँगा’ (16)

दाविद की रचना। निर्देशक के लिए हिदायत: “नाश न होने दे” के मुताबिक। मिकताम।* यह गीत उस समय का है जब शाऊल ने अपने आदमियों को दाविद के घर पर नज़र रखने भेजा था ताकि वे उसे मार डालें।+ 59  हे मेरे परमेश्‍वर, मुझे दुश्‍मनों से छुड़ा ले,+हमलावरों से बचा ले।+   मुझे दुष्ट काम करनेवालों से छुड़ा ले,खूँखार* आदमियों से बचा ले।   देख! वे मेरे लिए घात लगाए बैठे हैं,+ताकतवर आदमी मुझ पर हमला करते हैं,जबकि हे यहोवा, मैंने न बगावत की है, न कोई पाप किया है।+   मैंने कुछ बुरा नहीं किया, फिर भी वे मुझ पर हमला करने दौड़े चले आते हैं। मेरी पुकार सुनकर उठ और देख।   क्योंकि हे सेनाओं के परमेश्‍वर यहोवा, तू इसराएल का परमेश्‍वर है।+ उठकर सब राष्ट्रों पर ध्यान दे। गद्दारी करनेवाले दुष्टों पर ज़रा भी तरस न खा।+ (सेला )   वे हर शाम लौट आते हैं,+कुत्तों की तरह गुर्राते* हैं,+ शिकार पकड़ने दबे पाँव सारा शहर घूमते हैं।+   देख, उनका मुँह कैसी बातें उगलता है,उनके होंठ तलवार जैसे हैं,+क्योंकि वे कहते हैं, “कौन सुनता है?”+   मगर हे यहोवा, तू उन पर हँसेगा,+सब राष्ट्रों का मज़ाक उड़ाएगा।+   हे मेरी ताकत, मैं तेरी राह तकूँगा,+क्योंकि हे परमेश्‍वर, तू मेरा ऊँचा गढ़ है।+ 10  मुझ पर अटल प्यार ज़ाहिर करनेवाला परमेश्‍वर मेरी मदद के लिए आएगा,+वह मुझे अपने दुश्‍मनों की हार दिखाएगा।+ 11  उन्हें मार न डाल ताकि मेरे लोग भूल न जाएँ। अपनी शक्‍ति से उन्हें दर-दर भटकने पर मजबूर कर,हे यहोवा, हमारी ढाल, तू उन्हें गिरा दे।+ 12  वे अपने मुँह से, अपने होंठों से पाप करते हैं।वे अपने ही घमंड में फँस जाएँ,+क्योंकि वे शाप देते हैं और छल की बातें करते हैं। 13  तू क्रोध से भरकर उनका नाश कर देना,+उनका नाश कर देना ताकि वे मिट जाएँ,उन्हें जता देना कि परमेश्‍वर याकूब पर और धरती के छोर तक राज करता है।+ (सेला ) 14  लौटने दे उन्हें शाम को,कुत्तों की तरह गुर्राने* दे, शिकार पकड़ने दबे पाँव सारा शहर घूमने दे।+ 15  उनका ऐसा हाल कर दे कि वे एक निवाले के लिए दर-दर भटकें,+उन्हें न भरपेट खाना मिले, न सिर छिपाने की जगह। 16  मगर मैं तो तेरी ताकत का गुणगान करूँगा,+सुबह मैं तेरे अटल प्यार का खुशी-खुशी बखान करूँगा। क्योंकि तू मेरा ऊँचा गढ़ है,+मेरे लिए ऐसी जगह है जहाँ मैं मुसीबत की घड़ी में भागकर जा सकता हूँ।+ 17  हे मेरी ताकत, मैं तेरी तारीफ में गीत गाऊँगा,*+क्योंकि परमेश्‍वर मेरा ऊँचा गढ़ है, मुझसे प्यार* करनेवाला परमेश्‍वर है।+

कई फुटनोट

शब्दावली देखें।
या “खून के प्यासे।”
या “भौंकते।”
या “भौंकने।”
या “संगीत बजाऊँगा।”
या “अटल प्यार।”