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यहोवा के साक्षी

हिंदी

ऑनलाइन बाइबल | पवित्र शास्त्र का नयी दुनिया अनुवाद

निर्गमन 35:1-35

सारांश

  • सब्त के बारे में हिदायतें (1-3)

  • पवित्र डेरे के लिए दान (4-29)

  • बसलेल और ओहोलीआब पवित्र शक्‍ति से भर गए (30-35)

35  बाद में मूसा ने इसराएलियों की पूरी मंडली को इकट्ठा किया और उनसे कहा, “यहोवा ने हमें ये सारी आज्ञाएँ दी हैं जिनका हमें पालन करना है:+  तुम छ: दिन तक अपना काम-काज कर सकते हो, मगर सातवें दिन को तुम पवित्र मानना। यह यहोवा को समर्पित सब्त का दिन होगा, पूरे विश्राम का दिन।+ अगर कोई सब्त के दिन काम करे, तो उसे मार डाला जाए।+  सब्त के दिन तुम अपने रहने की जगह पर आग तक मत जलाना।”  फिर मूसा ने इसराएलियों की पूरी मंडली से कहा, “यहोवा ने यह आज्ञा दी है,  ‘यहोवा के लिए लोगों से दान इकट्ठा करना।+ हर कोई जो दिल से देना चाहता है+ वह यहोवा के लिए दान में ये चीज़ें लाकर दे: सोना, चाँदी, ताँबा,  नीला धागा, बैंजनी ऊन, सुर्ख लाल धागा, बढ़िया मलमल, बकरी के बाल,+  लाल रंग से रंगी हुई मेढ़े की खाल, सील मछली की खाल, बबूल की लकड़ी,  दीयों के लिए तेल, अभिषेक के तेल और सुगंधित धूप के लिए बलसाँ,+  एपोद और सीनेबंद में जड़ने के लिए सुलेमानी पत्थर और दूसरे रत्न।+ 10  तुम्हारे बीच जितने भी कुशल कारीगर हैं,*+ वे सब आएँ और यहोवा ने जो-जो चीज़ें बनाने की आज्ञा दी है, वह सब बनाएँ, 11  यानी पवित्र डेरा, उसका सारा सामान, उसे ढकने के लिए कपड़े, उसकी चिमटियाँ और चौखटें, चौखटों के डंडे, तंबू के खंभे और खाँचेदार चौकियाँ, 12  संदूक,+ उसका ढकना+ और उसके डंडे,+ संदूक के सामने लगाया जानेवाला परदा,+ 13  मेज़,+ उसके डंडे, उसकी सारी चीज़ें और नज़राने की रोटी,+ 14  रौशनी के लिए दीवट,+ उसके साथ इस्तेमाल होनेवाली सारी चीज़ें, उसके दीए और उन्हें जलाने के लिए तेल,+ 15  धूप की वेदी+ और उसके डंडे, अभिषेक का तेल और सुगंधित धूप,+ डेरे के द्वार के लिए परदा, 16  होम-बलि की वेदी,+ उसके लिए ताँबे की जाली, वेदी के डंडे और वेदी के साथ इस्तेमाल होनेवाली सारी चीज़ें, हौद और उसकी टेक,+ 17  आँगन के घेरे के लिए कनातें,+ आँगन के लिए खंभे, खाँचेदार चौकियाँ और आँगन के द्वार के लिए परदा, 18  पवित्र डेरे के लिए खूँटियाँ और आँगन के लिए खूँटियाँ और रस्सियाँ,+ 19  पवित्र-स्थान में सेवा करनेवालों के लिए बढ़िया तरीके से बुनी हुई पोशाकें,+ हारून याजक के लिए पवित्र पोशाक+ और उसके बेटों के लिए पोशाकें जिन्हें पहनकर वे याजक का काम करेंगे।’” 20  फिर इसराएलियों की पूरी मंडली मूसा के सामने से लौट गयी। 21  फिर जिस-जिसके दिल ने उसे उभारा,+ जिसके मन* ने उसे उभारा, वह यहोवा के लिए दान ले आया। लोगों ने वे सारी चीज़ें दान कीं जो भेंट का तंबू बनाने, पवित्र पोशाकें तैयार करने और तंबू की सेवा में इस्तेमाल होतीं। 22  दान देनेवालों का ताँता लग गया, आदमी-औरत सब खुशी-खुशी अपनी चीज़ें लाकर देते रहे। उन्होंने अपने जड़ाऊ पिन, कान की बालियाँ, छल्ले, दूसरे गहने और सोने की तरह-तरह की चीज़ें लाकर दीं। उन सबने अपने सोने के चढ़ावे* यहोवा को अर्पित किए।+ 23  जिनके पास नीला धागा, बैंजनी ऊन, सुर्ख लाल धागा, बढ़िया मलमल, बकरी के बाल, लाल रंग से रंगी हुई मेढ़े की खाल और सील मछली की खाल थी, उन सबने ये चीज़ें लाकर दीं। 24  जितनों के पास चाँदी और ताँबा था उन सबने वह लाकर यहोवा के लिए दान में दिया और जितनों के पास बबूल की लकड़ी थी उन्होंने भी लाकर पवित्र डेरे के लिए दे दी। 25  और जिन औरतों के हाथ में हुनर था,+ वे सब सूत कातकर नीला धागा, बैंजनी ऊन, सुर्ख लाल धागा और बढ़िया मलमल तैयार करके ले आयीं। 26  और जिन हुनरमंद औरतों के दिल ने उन्हें उभारा, वे सब बकरी के बालों से धागे बनाकर ले आयीं। 27  इसराएलियों के प्रधान, एपोद और सीनेबंद में जड़ने के लिए सुलेमानी पत्थर और दूसरे रत्न ले आए+ 28  और बलसाँ और तेल भी ले आए, जो दीए जलाने और अभिषेक का तेल+ और सुगंधित धूप तैयार करने में इस्तेमाल होते।+ 29  सभी आदमी-औरत जिनके दिल ने उन्हें उभारा, उस काम के लिए कुछ-न-कुछ ले आए जिसे करने की आज्ञा यहोवा ने मूसा के ज़रिए दी थी। इसराएलियों ने अपनी खुशी से ये सारी चीज़ें लाकर यहोवा के लिए अर्पित कीं।+ 30  फिर मूसा ने इसराएलियों से कहा, “सुनो, यहोवा ने यहूदा गोत्र के बसलेल को चुना है, जो ऊरी का बेटा और हूर का पोता है।+ 31  परमेश्‍वर ने बसलेल को अपनी पवित्र शक्‍ति से भर दिया है और उसे हर तरह की कारीगरी में कुशल होने के लिए बुद्धि, समझ और ज्ञान दिया है 32  ताकि वह बेहतरीन नमूने तैयार करने में, सोने, चाँदी और ताँबे के काम में, 33  कीमती रत्नों को तराशने और जड़ने में और लकड़ी की हर तरह की खूबसूरत चीज़ें तैयार करने में माहिर हो जाए। 34  और परमेश्‍वर ने बसलेल को और दान गोत्र के ओहोलीआब को,+ जो अहीसामाक का बेटा है, दूसरों को काम सिखाने की भी काबिलीयत दी है। 35  परमेश्‍वर ने इन दोनों आदमियों को ऐसी काबिलीयत दी है*+ ताकि वे हर तरह की कारीगरी में, कढ़ाई के काम में, नीले धागे, बैंजनी ऊन और सुर्ख लाल धागे और बढ़िया मलमल से बुनाई करने में और जुलाहे के काम में कुशल बन जाएँ। ये आदमी परमेश्‍वर का बताया हर तरह का नमूना तैयार करेंगे और हर तरह का काम करेंगे।”

कई फुटनोट

शा., “जो दिल से बुद्धिमान हैं।”
शब्दावली में “रुआख; नफ्मा” देखें।
या “अपने हिलाकर दिए जानेवाले चढ़ावे।”
शा., “का दिल बुद्धि से भर दिया है।”