• 1

    • परमेश्‍वर दुश्‍मनों से बदला लेता है (1-7)

      • उसकी माँग है कि सिर्फ उसकी भक्‍ति की जाए (2)

      • यहोवा की पनाह में आनेवालों को वह जानता है (7)

    • नीनवे का नाश होगा (8-14)

      • विपत्ति दूसरी बार नहीं आएगी (9)

    • यहूदा को खुशखबरी दी जाती है (15)

  • 2

    • नीनवे तबाह होगी (1-13)

      • “नदियों के फाटक खोल दिए जाएँगे” (6)

  • 3

    • “धिक्कार है इस खूनी नगरी पर!” (1-19)

      • नीनवे को सज़ा देने की वजह (1-7)

      • नो-अम्मोन की तरह नीनवे का नाश (8-12)

      • नीनवे का विनाश पक्का है (13-19)