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यहोवा के साक्षी

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उत्पत्ति 5:1-32

सारांश

  • आदम से नूह तक की वंशावली (1-32)

    • आदम के बेटे-बेटियाँ हुए (4)

    • हनोक परमेश्‍वर के साथ चला (21-24)

5  यह है आदम के बारे में ब्यौरा।* जब परमेश्‍वर ने आदम की सृष्टि की तो उसे अपने जैसा बनाया था।+  उसने इंसान को नर और नारी बनाया।+ जिस दिन परमेश्‍वर ने उनकी सृष्टि की,+ उस दिन उन्हें आशीष दी और उन्हें इंसान* कहा।  जब आदम 130 साल का हुआ तो उसका एक बेटा हुआ जो उसके ही जैसा और उसकी छवि था। आदम ने उसका नाम शेत+ रखा।  शेत के पैदा होने के बाद आदम 800 साल और जीया। उसके और भी बेटे-बेटियाँ हुए।  आदम कुल मिलाकर 930 साल जीया और फिर मर गया।+  जब शेत 105 साल का हुआ तो उसका एक बेटा हुआ जिसका नाम एनोश+ था।  एनोश के पैदा होने के बाद शेत 807 साल और जीया। उसके और भी बेटे-बेटियाँ हुए।  शेत कुल मिलाकर 912 साल जीया और फिर मर गया।  जब एनोश 90 साल का हुआ तो उसका एक बेटा हुआ जिसका नाम केनान था। 10  केनान के पैदा होने के बाद एनोश 815 साल और जीया। उसके और भी बेटे-बेटियाँ हुए। 11  एनोश कुल मिलाकर 905 साल जीया और फिर मर गया। 12  जब केनान 70 साल का हुआ तो उसका एक बेटा हुआ जिसका नाम महल-लेल+ था। 13  महल-लेल के पैदा होने के बाद केनान 840 साल और जीया। उसके और भी बेटे-बेटियाँ हुए। 14  केनान कुल मिलाकर 910 साल जीया और फिर मर गया। 15  जब महल-लेल 65 साल का हुआ तो उसका एक बेटा हुआ जिसका नाम येरेद+ था। 16  येरेद के पैदा होने के बाद महल-लेल 830 साल और जीया। उसके और भी बेटे-बेटियाँ हुए। 17  महल-लेल कुल मिलाकर 895 साल जीया और फिर मर गया। 18  जब येरेद 162 साल का हुआ तो उसका एक बेटा हुआ जिसका नाम हनोक+ था। 19  हनोक के पैदा होने के बाद येरेद 800 साल और जीया। उसके और भी बेटे-बेटियाँ हुए। 20  येरेद कुल मिलाकर 962 साल जीया और फिर मर गया। 21  जब हनोक 65 साल का हुआ तो उसका एक बेटा हुआ जिसका नाम मतूशेलह+ था। 22  मतूशेलह के पैदा होने के बाद हनोक 300 साल और जीया और वह सच्चे परमेश्‍वर* के साथ-साथ चलता रहा। उसके और भी बेटे-बेटियाँ हुए। 23  हनोक कुल मिलाकर 365 साल जीया। 24  हनोक सच्चे परमेश्‍वर के साथ-साथ चलता रहा।+ इसके बाद वह नहीं रहा क्योंकि परमेश्‍वर ने उसे ले लिया।+ 25  जब मतूशेलह 187 साल का हुआ तो उसका एक बेटा हुआ जिसका नाम लेमेक+ था। 26  लेमेक के पैदा होने के बाद मतूशेलह 782 साल और जीया। उसके और भी बेटे-बेटियाँ हुए। 27  मतूशेलह कुल मिलाकर 969 साल जीया और फिर मर गया। 28  जब लेमेक 182 साल का हुआ तो उसका एक बेटा हुआ। 29  उसने यह कहकर उसका नाम नूह*+ रखा कि यह लड़का बड़ा होकर हमारी ज़िंदगी को चैन* दिलाएगा। ज़मीन पर यहोवा के शाप की वजह से हमें जो कड़ी मेहनत करनी पड़ती है और खून-पसीना बहाना पड़ता है,+ उन सारी तकलीफों से यह लड़का हमें राहत दिलाएगा। 30  नूह के पैदा होने के बाद लेमेक 595 साल और जीया। उसके और भी बेटे-बेटियाँ हुए। 31  लेमेक कुल मिलाकर 777 साल जीया और फिर मर गया। 32  जब नूह 500 साल का हुआ तो उसके तीन बेटे हुए: शेम,+ हाम+ और येपेत।+

कई फुटनोट

शा., “की पीढ़ियों के बारे में किताब।”
या “आदम; मानवजाति।”
शब्दावली देखें।
मुमकिन है कि इसका मतलब “आराम; दिलासा” है।
या “राहत।”