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यहोवा के साक्षी

हिंदी

ऑनलाइन बाइबल | पवित्र शास्त्र का नयी दुनिया अनुवाद

अय्यूब 25:1-6

सारांश

  • बिलदद का तीसरा भाषण (1-6)

    • ‘इंसान परमेश्‍वर के सामने निर्दोष कैसे हो सकता है?’ (4)

    • कहा, इंसान के निर्दोष होने का फायदा नहीं (5, 6)

25  जवाब में शूही बिलदद+ ने कहा,   “राज करने का हक परमेश्‍वर को है, उसके पास ज़बरदस्त शक्‍ति है,वह स्वर्ग* में शांति कायम करता है।   क्या उसकी सेनाओं को कोई गिन सकता है? कौन है जिस पर उसकी रौशनी नहीं चमकती?   तो फिर नश्‍वर इंसान उसके सामने नेक कैसे हो सकता है?+औरत से पैदा हुआ इंसान निर्दोष* कैसे हो सकता है?+   जब उसे चाँद की चाँदनी फीकी लगती है,आसमान के तारों में दोष नज़र आता है,   तो भला नश्‍वर इंसान जो एक इल्ली है,इंसान जो एक कीड़ा है,उसके सामने कैसे शुद्ध ठहर सकता है?”

कई फुटनोट

शा., “ऊँची जगहों।”
या “शुद्ध।”