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यहोवा के साक्षी

हिंदी

ऑनलाइन बाइबल | पवित्र शास्त्र का नयी दुनिया अनुवाद

 क7-झ

यीशु की ज़िंदगी की खास घटनाएँ—यरूशलेम में यीशु की सेवा के आखिरी दिन (भाग 2)

देखिए
अक्षर
तसवीर

वक्‍त

जगह

घटना

मत्ती

मरकुस

लूका

यूहन्‍ना

नीसान 14

यरूशलेम

यीशु, यहूदा को गद्दार बताकर बाहर भेज देता है

26:21-25

14:18-21

22:21-23

13:21-30

प्रभु के संध्या-भोज की शुरूआत करता है (1कुरिं 11:23-25)

26:26-29

14:22-25

22:19, 20, 24-30

 

बताता है कि पतरस उसे जानने से इनकार करेगा और प्रेषित तितर-बितर हो जाएँगे

26:31-35

14:27-31

22:31-38

13:31-38

मददगार को भेजने का वादा करता है; सच्ची बेल की मिसाल; प्यार करने की आज्ञा; प्रेषितों के साथ आखिरी प्रार्थना

     

14:1–17:26

गतसमनी

बाग में दुख से तड़पना; यीशु के साथ विश्‍वासघात और उसकी गिरफ्तारी

26:30, 36-56

14:26, 32-52

22:39-53

18:1-12

यरूशलेम

हन्‍ना पूछताछ करता है; महासभा में कैफा मुकदमा चलाता है; पतरस यीशु का इनकार करता है

26:57–27:1

14:53–15:1

22:54-71

18:13-27

गद्दार यहूदा फाँसी लगा लेता है (प्रेषि 1:18, 19)

27:3-10

     

पहले पीलातुस के, फिर हेरोदेस के और दोबारा पीलातुस के सामने लाया जाता है

27:2, 11-14

15:1-5

23:1-12

18:28-38

पीलातुस उसे रिहा करना चाहता है मगर यहूदी, बरअब्बा को छोड़ने की माँग करते हैं; यातना के काठ पर मार डालने की सज़ा सुनायी जाती है

27:15-30

15:6-19

23:13-25

18:39–19:16

(दोपहर करीब 3 बजे, शुक्रवार)

गुलगुता

यातना के काठ पर दम तोड़ता है

27:31-56

15:20-41

23:26-49

19:16-30

यरूशलेम

यीशु की लाश यातना के काठ से उतारकर गुफा में रखी गयी

27:57-61

15:42-47

23:50-56

19:31-42

नीसान 15

यरूशलेम

याजक और फरीसी उसकी कब्र पर पहरा बिठाते हैं और उसका द्वार अच्छी तरह बंद करवाते हैं

27:62-66

     

नीसान 16

यरूशलेम और उसके आस-पास; इम्माऊस

यीशु ज़िंदा हो गया; पाँच बार चेलों को दिखायी देता है

28:1-15

16:1-8

24:1-49

20:1-25

नीसान 16 के बाद

यरूशलेम; गलील

और भी कई बार चेलों को दिखायी देता है (1कुरिं 15:5-7; प्रेषि 1:3-8); हिदायतें देता है; चेला बनाने का काम सौंपता है

28:16-20

   

20:26–21:25

अय्यार 25

बैतनियाह के पास जैतून पहाड़ पर

ज़िंदा होने के 40वें दिन यीशु स्वर्ग जाता है (प्रेषि 1:9-12)

   

24:50-53