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यहोवा के साक्षी

हिंदी

ऑनलाइन बाइबल | मसीही यूनानी शास्त्र पवित्र शास्त्र का नयी दुनिया अनुवाद देखिए

1 पतरस 2:1-25

2  इसलिए, सारी बुराई, छल, कपट, ईर्ष्या और दूसरों की बेइज़्ज़ती करनेवाली सारी बातें अपने अंदर से निकाल फेंको,  और नवजात शिशुओं की तरह उस शुद्ध दूध के लिए, जो परमेश्‍वर के वचन में पाया जाता है, ज़बरदस्त भूख पैदा करो ताकि इससे तुम उद्धार पाने के लिए बढ़ते जाओ  क्योंकि तुमने खुद अपने तजुर्बे से जाना है कि प्रभु कितना कृपालु है।*  प्रभु वह जीवित पत्थर है जिसे इंसानों ने तो ठुकरा दिया, मगर वह परमेश्‍वर का चुना हुआ है और उसके लिए बेशकीमती है। इस जीवित पत्थर के पास आने से  तुम्हारा भी, जो जीवित पत्थरों जैसे हो, परमेश्‍वर की पवित्र शक्‍ति से एक भवन के रूप में निर्माण किया जा रहा है। यह निर्माण इसलिए किया जा रहा है ताकि तुम पवित्र याजकों का दल बनो और यीशु मसीह के ज़रिए परमेश्‍वर को ऐसे बलिदान चढ़ाओ जो उसकी पवित्र शक्‍ति के मार्गदर्शन के मुताबिक हों और उसे मंज़ूर हों।  इसलिए कि शास्त्र में यह लिखा है: “देख! मैं सिय्योन में एक चुना हुआ पत्थर, यानी नींव का कोने का पत्थर रखता हूँ, जो बेशकीमती है और उस पर विश्‍वास दिखानेवाला हरगिज़ निराश न होगा।”  वह तुम्हारे लिए बेशकीमती है क्योंकि तुम उस पर यकीन करते हो। मगर जो उस पर यकीन नहीं करते, उनके बारे में शास्त्र कहता है कि “वही पत्थर जिसे राजमिस्त्रियों ने ठुकराया, कोने का मुख्य पत्थर बन गया है,”  और “ठोकर खिलानेवाला पत्थर और ठेस पहुँचानेवाली चट्टान” बन गया है। ये इसलिए ठोकर खाते हैं क्योंकि ये वचन की आज्ञा नहीं मानते। इनका अंत इसी तरह होना है।  मगर तुम एक चुना हुआ वंश, शाही याजकों का दल और एक पवित्र राष्ट्र हो और परमेश्‍वर की खास संपत्ति बनने के लिए चुने गए लोग हो, ताकि तुम सारी दुनिया में उसके महान गुणों का ऐलान करो जिसने तुम्हें अंधकार से निकालकर अपनी शानदार रौशनी में बुलाया है। 10  क्योंकि एक वक्‍त ऐसा था जब तुम परमेश्‍वर के खास लोग नहीं थे, मगर अब उसके लोग हो। तुम ऐसे थे जिन पर दया नहीं दिखायी गयी थी, मगर अब ऐसे लोग हो जिन पर दया दिखायी गयी है। 11  मेरे प्यारो, मैं तुम्हें उकसाता हूँ कि इस दुनिया में परदेसी और प्रवासी होने के नाते शरीर की ख्वाहिशों से अपने आप को दूर रखो, क्योंकि यही वे ख्वाहिशें हैं जो तुम्हारे जीवन के खिलाफ युद्ध करती रहती हैं। 12  दुनिया के लोगों के बीच तुम बढ़िया चालचलन बनाए रखो, ताकि चाहे वे तुम्हें बुरे काम करनेवाले कहकर तुम पर दोष लगाते हैं, वे तुम्हारे उन अच्छे कामों की वजह से, जो उन्होंने खुद अपनी आँखों से देखे हैं, उस दिन परमेश्‍वर की महिमा करें जिस दिन वह जाँच करने आएगा। 13  प्रभु की खातिर खुद को इंसान के बनाए हर अधिकार के अधीन करो: राजा के अधीन इसलिए क्योंकि वह दूसरों से बड़ा है 14  या उसके भेजे हुए राज्यपालों के अधीन क्योंकि वे बुरे काम करनेवालों को सज़ा देने और अच्छे काम करनेवालों की तारीफ करने के लिए ठहराए गए हैं 15  इसलिए कि परमेश्‍वर की मरज़ी यही है कि तुम अपने अच्छे कामों से ऐसे मूर्खों का मुँह बंद करो जो बिना सोचे-समझे तुम्हारे खिलाफ बातें करते हैं। 16  आज़ाद लोगों की तरह जीओ, फिर भी अपनी आज़ादी को बुरे काम करने के लिए आड़ की तरह इस्तेमाल मत करो, बल्कि परमेश्‍वर के दासों की तरह जीओ। 17  हर किस्म के इंसान का आदर करो, भाइयों की सारी बिरादरी से प्यार करो, परमेश्‍वर का डर मानो, राजा का आदर करो। 18  घर के नौकर अपने-अपने मालिकों का सब बातों में जैसा डर मानना चाहिए वैसा डर मानते हुए उनके अधीन रहें, न सिर्फ भले और लिहाज़ दिखानेवाले मालिकों के, बल्कि उनके भी जिन्हें खुश करना मुश्‍किल है। 19  इसलिए कि अगर कोई परमेश्‍वर के सामने अपना ज़मीर साफ बनाए रखने के लिए दुःख-तकलीफें और नाइंसाफी सहता है, तो परमेश्‍वर की नज़र में यह अच्छी बात है। 20  क्योंकि अगर तुम्हें पाप करने की वजह से थप्पड़ मारे जाते हैं और तुम सहते हो, तो इसमें तारीफ की क्या बात है? लेकिन अगर, तुम अच्छा काम करने की वजह से दुःख सहते हो और धीरज धरते हो, तो परमेश्‍वर की नज़र में यह अच्छी बात है। 21  दरअसल, तुम्हें ऐसी ही राह पर चलने के लिए बुलाया गया है, क्योंकि मसीह ने भी तुम्हारी खातिर दुःख उठाया और तुम्हारे लिए एक आदर्श छोड़ गया ताकि तुम उसके नक्शे-कदम पर नज़दीकी से चलो। 22  उसने कोई पाप नहीं किया, न ही उसके मुँह से छल की बातें निकलीं। 23  जब उसे गाली दी जा रही थी, तो बदले में उसने गाली देना शुरू नहीं किया। जब वह दुःख झेल रहा था, तो वह धमकियाँ नहीं देने लगा, बल्कि खुद को उस न्यायी के हाथ में सौंपता रहा जो सच्चा न्याय करता है। 24  वह हमारे पाप अपने शरीर पर लिए हुए सूली पर चढ़ गया, ताकि हम अपने पापों से आज़ाद हों और नेकी के काम करने के लिए जीएँ। और “उसके घावों से तुम चंगे किए गए।” 25  क्योंकि तुम उन भेड़ों की तरह थे जो भटक गयी थीं, मगर अब तुम अपने चरवाहे और तुम्हारे जीवन की निगरानी करनेवाले के पास लौट आए हो।

कई फुटनोट

1पत 2:3 या, “प्रभु की कृपा का स्वाद चखा है।”