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यहोवा के साक्षी

हिंदी

ऑनलाइन बाइबल | मसीही यूनानी शास्त्र पवित्र शास्त्र का नयी दुनिया अनुवाद देखिए

मत्ती 18:1-35

18  उस वक्‍त चेलों ने यीशु के पास आकर उससे पूछा: “स्वर्ग के राज में कौन सबसे बड़ा होगा?”  तब यीशु ने एक छोटे बच्चे को अपने पास बुलाकर उनके बीच खड़ा किया  और कहा: “मैं तुमसे सच कहता हूँ, जब तक कि तुम खुद को बदलकर * वैसे न बनो जैसे छोटे बच्चे होते हैं, तब तक तुम किसी भी हाल में स्वर्ग के राज में दाखिल न हो सकोगे।  इसलिए जो कोई इस छोटे बच्चे की तरह खुद को नम्र करेगा, वही स्वर्ग के राज में सबसे बड़ा होगा।  जो कोई मेरे नाम से इस बच्चे-समान किसी को स्वीकार करता है, वह मुझे भी स्वीकार करता है।  मगर जो कोई मुझ पर विश्वास करनेवाले इन छोटों में से किसी के विश्वास से गिर जाने * की वजह बनता है, उसके लिए ज़्यादा अच्छा है कि उसके गले में चक्की का वह पाट लटकाया जाए जिसे गधा खींचता है और उसे गहरे समुद्र के बीच डुबा दिया जाए।  इस दुनिया का बहुत बुरा हश्र होगा, क्योंकि यह विश्वास की राह में बाधाएँ * डालती है! बेशक, राह में बाधाएँ ज़रूर आएँगी, मगर हाय उस इंसान पर जो विश्वास की राह में बाधा बनता है!  इसलिए, अगर तेरा हाथ या पैर, तुझसे पाप करवा रहा है, * तो उसे काटकर दूर फेंक दे। तेरे लिए एक हाथ या पैर के बिना जीवन पाना भला है, बजाय इसके कि तू दोनों हाथों या दोनों पैरों समेत हमेशा जलनेवाली आग * से नाश किया जाए।  अगर तेरी आँख तुझसे पाप करवा रही है, तो उसे नोंचकर निकाल दे और दूर फेंक दे। तेरे लिए एक आँख के बिना जीवन पाना भला है, बजाय इसके कि तू दोनों आँखों समेत गेहन्ना * की आग में फेंका जाए। 10  ध्यान रहे कि तुम इन छोटों में से किसी को भी तुच्छ न समझो; इसलिए कि मैं तुमसे कहता हूँ कि स्वर्ग में इनके स्वर्गदूत हमेशा मेरे स्वर्गीय पिता के मुख के सामने रहते हैं। 11  * —⁠—⁠ 12  तुम क्या सोचते हो? अगर किसी आदमी की सौ भेड़ें हों और उनमें से एक भटक जाए, तो क्या वह बाकी निनानवे को पहाड़ों पर छोड़कर उस एक भटकी हुई भेड़ को ढूँढ़ने न निकलेगा? 13  अगर वह उसे मिल जाती है, तो मैं तुमसे कहता हूँ कि वह यकीनन उन निनानवे से बढ़कर, जो भटकी नहीं थीं, उस एक के लिए ज़्यादा खुशी मनाता है। 14  इसी तरह मेरा पिता जो स्वर्ग में है, नहीं चाहता कि इन छोटों में से एक भी नाश हो। 15  अगर तेरा भाई कोई पाप करता है, तो जा और अकेले में जब सिर्फ तू और वह हो, उसकी गलती उसे बता दे। अगर वह तेरी सुने, तो तू ने अपने भाई को पा लिया है। 16  लेकिन अगर वह तेरी नहीं सुनता, तो अपने साथ एक या दो जनों को ले जाकर उससे बात कर, ताकि हर मामला दो या तीन गवाहों के मुँह से साबित हो। 17  अगर वह उनकी नहीं सुनता, तो मंडली को बता। और अगर वह मंडली की भी नहीं सुनता, तो उसे एक गैर-यहूदी या कर-वसूलनेवाला समझकर छोड़ दे। 18  मैं तुमसे सच कहता हूँ, जो कुछ तुम धरती पर बाँधोगे, वह स्वर्ग में बँधा हुआ होगा और जो कुछ तुम धरती पर खोलोगे, वह स्वर्ग में खुला हुआ होगा। 19  मैं फिर तुमसे सच कहता हूँ, अगर तुममें से दो जन धरती पर किसी ज़रूरी बात के लिए एक मन होकर बिनती करें, तो स्वर्ग में मेरे पिता की तरफ से उनके लिए वैसा हो जाएगा। 20  इसलिए कि जहाँ दो या तीन मेरे नाम से इकट्ठा होते हैं, मैं वहाँ उनके बीच मौजूद होता हूँ।” 21  इसके बाद, पतरस ने आकर यीशु से पूछा: “प्रभु, अगर मेरा भाई मेरे खिलाफ पाप करता रहे, तो मैं कितनी बार उसे माफ करूँ? सात बार तक?” 22  यीशु ने उससे कहा: “मैं तुझसे कहता हूँ कि ‘सात बार तक’ नहीं, बल्कि सतहत्तर बार तक। 23  इसीलिए स्वर्ग का राज उस राजा की तरह है, जिसने अपने दासों से माँग की कि वे अपना-अपना कर्ज़ चुकता करें। 24  जब उसने हिसाब लेना शुरू किया, तो उसके सामने एक ऐसे दास को लाया गया जिस पर छः करोड़ दीनार * का कर्ज़ था। 25  मगर क्योंकि उसके पास कर्ज़ चुकाने का कोई ज़रिया न था, इसलिए उसके मालिक ने हुक्म दिया कि उस दास के साथ-साथ उसके बीवी-बच्चों को और जो कुछ उसका है वह सब बेचकर कर्ज़ की रकम चुकायी जाए। 26  तब वह दास उसके सामने गिड़गिड़ाने और यह कहने लगा, ‘मुझे थोड़ी और मोहलत दे, और मैं तेरी पाई-पाई चुका दूँगा।’ 27  यह देखकर मालिक का दिल तड़प उठा और उसने उस दास को छोड़ दिया और उसका सारा कर्ज़ माफ कर दिया। 28  लेकिन वही दास बाहर निकला और अपने एक संगी दास को ढूँढ़ा, जिसने उससे सौ दीनार * उधार लिए थे, और वह उसे पकड़कर उसका गला दबाने लगा और कहने लगा, ‘तू ने जो उधार लिया है वह वापस कर।’ 29  तब उसका संगी दास उसके पैर पड़ने और यह बिनती करने लगा, ‘मुझे थोड़ी और मोहलत दे, और मैं तेरा उधार चुका दूँगा।’ 30  मगर, उसने उसकी एक न सुनी और जाकर उसे तब तक के लिए जेल में डलवा दिया, जब तक कि वह अपना उधार न चुका दे। 31  जब उसके संगी दासों ने यह सब देखा, तो वे बहुत दुःखी हुए और उन्होंने जाकर अपने मालिक को सारी बात बता दी। 32  इसके बाद, मालिक ने उस पहले दास को बुलवा लिया और उससे कहा, ‘दुष्ट दास, जब तू मेरे सामने गिड़गिड़ाया था, तब मैंने तेरा सारा कर्ज़ माफ कर दिया था। 33  तो क्या तेरा यह फर्ज़ नहीं था कि तू भी बदले में अपने संगी दास पर वैसे ही दया करता, जैसे मैंने तुझ पर दया की थी?’ 34  तब मालिक का गुस्सा भड़क उठा और उसने उस दास को तब तक के लिए जेलरों के हवाले कर दिया, जब तक कि वह उसकी पाई-पाई न चुका दे। 35  इसी तरह, अगर तुममें से हरेक अपने भाई को दिल से माफ न करेगा, तो मेरा स्वर्गीय पिता भी तुम्हारे साथ इसी तरह पेश आएगा।”

कई फुटनोट

मत्ती 18:3  शाब्दिक, “अपने मार्ग से न पलटो।”
मत्ती 18:6  या, “ठोकर खिलाने की।”
मत्ती 18:7  या, “ठोकर के पत्थर।”
मत्ती 18:8  या, “ठोकर खिला रहा है।”
मत्ती 18:8  जिसका मलतब है, “हमेशा के लिए नाश।”
मत्ती 18:9  यरूशलेम के बाहर कूड़ा-करकट जलाने की जगह। अतिरिक्‍त लेख 9 देखें।
मत्ती 18:11  मत्ती 17:21 फुटनोट देखें।
मत्ती 18:24  शाब्दिक, “10,000 तोड़े” या यूनानी में तालंतौन। तालंतौन, इब्रियों की भार मापने और मुद्रा की सबसे बड़ी इकाई थी। पहली सदी में एक यूनानी तोड़ा या तालंतौन 20.4 किलोग्राम सोने या चाँदी के बराबर होता था।
मत्ती 18:28  एक दीनार एक दिन की मज़दूरी थी। इस हिसाब से 100 दीनार, साल की कुल मज़दूरी का करीब एक-तिहाई हिस्सा था।