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यहोवा के साक्षी

हिंदी

ऑनलाइन बाइबल | मसीही यूनानी शास्त्र पवित्र शास्त्र का नयी दुनिया अनुवाद देखिए

कुलुस्सियों 3:1-25

3  लेकिन अगर तुम मसीह के साथ जी उठाए गए थे, तो स्वर्ग की बातों की खोज में लगे रहो जहाँ मसीह, परमेश्‍वर की दायीं तरफ बैठा है।  अपना मन स्वर्ग की बातों पर ही लगाए रखो, न कि धरती की बातों पर।  इसलिए कि तुम मर गए और परमेश्‍वर की मरज़ी के मुताबिक मसीह के साथ तुम्हारा जीवन छिपा हुआ है।  जब मसीह जो हमारा जीवन है, अपनी महिमा ज़ाहिर करेगा,* तब तुम भी उसके साथ महिमा में ज़ाहिर किए जाओगे।  इसलिए, अपने शरीर के उन अंगों को* मार डालो जिनमें ऐसी लालसाएँ पैदा होती हैं जैसे, व्यभिचार, अशुद्धता, काम-वासना, बुरी इच्छाएँ और लालच जो कि मूर्तिपूजा के बराबर है।  इन्हीं बातों की वजह से परमेश्‍वर का क्रोध आनेवाला है।  तुम भी एक वक्‍त पर इन्हीं कामों में लगे हुए ऐसा ही जीवन बिताते थे।  मगर अब तुम इन सब बातों को खुद से पूरी तरह दूर करो, जैसे क्रोध, गुस्सा, बुराई, गाली-गलौज और मुँह से अश्‍लील बातें कहना।  एक-दूसरे से झूठ मत बोलो। पुरानी शख्सियत को उसकी आदतों समेत उतार फेंको 10  और सही ज्ञान के जरिए वह नयी शख्सियत पहन लो जिसकी रचना परमेश्‍वर करता है। और इसे लगातार नया बनाते जाओ, ताकि तुम्हारी यह शख्सियत परमेश्‍वर की छवि के मुताबिक हो। 11  यहाँ न तो कोई यूनानी रहा न यहूदी, न खतनावाला रहा न बिन खतनावाला, न परदेसी रहा न स्कूती,* न दास रहा न आज़ाद, मगर मसीह सबकुछ और सब में है। 12  इसलिए, परमेश्‍वर के चुने हुओं के नाते तुम जो पवित्र और प्यारे हो, करुणा से भरपूर गहरे लगाव, कृपा, मन की दीनता, कोमलता और सहनशीलता को पहन लो। 13  अगर किसी के पास दूसरे के खिलाफ शिकायत की कोई वजह है, तो एक-दूसरे की सहते रहो और एक-दूसरे को दिल खोलकर माफ करो। जैसे यहोवा ने तुम्हें दिल खोलकर माफ किया है, वैसे ही तुम भी दूसरे को माफ करो। 14  मगर, इन सब बातों के अलावा, प्यार को अपना पहनावा बना लो, क्योंकि यह लोगों को पूरी तरह से एकता में जोड़नेवाला जोड़ है। 15  साथ ही, मसीह की शांति तुम्हारे दिलों पर काबू रखे, क्योंकि इसमें तुम दरअसल एक शरीर में बुलाए गए हो। और दिखाओ कि तुम कितने एहसानमंद हो। 16  मसीह का वचन तुम्हारे अंदर इस कदर बहुतायत में बस जाए कि तुम पूरी बुद्धि पाओ। साथ ही, भजन गाते, परमेश्‍वर का गुणगान करते और उपासना के मनभावने गीत गाते हुए, एक-दूसरे को सिखाते और समझाते-बुझाते रहो। अपने दिलों में यहोवा के लिए गीत गाते रहो। 17  और जो कुछ तुम कहो या करो, सबकुछ प्रभु यीशु के नाम में करो और उसके ज़रिए परमेश्‍वर पिता का धन्यवाद करो। 18  हे पत्नियो, अपने-अपने पति के अधीन रहो, जैसा प्रभु के चेलों को शोभा देता है। 19  हे पतियो, अपनी-अपनी पत्नी से प्यार करते रहो और उन पर गुस्से से आग-बबूला मत हो। 20  हे बच्चो, हर बात में अपने माता-पिता का कहना माननेवाले बनो, क्योंकि प्रभु इससे खुश होता है। 21  हे पिताओ, अपने बच्चों को खीझ न दिलाओ, कहीं ऐसा न हो कि वे हिम्मत हार बैठें। 22  हे दासो, जो दुनिया में तुम्हारे मालिक हैं हर बात में उनकी आज्ञा मानो, इंसानों को खुश करनेवालों की तरह दिखावे के लिए नहीं, बल्कि मन की सीधाई से और यहोवा का डर मानते हुए ऐसा करो। 23  तुम चाहे जो भी काम करो, उसे तन-मन लगाकर ऐसे करो मानो यहोवा के लिए करते हो न कि इंसानों के लिए, 24  क्योंकि तुम जानते हो कि यहोवा ही से तुम्हें उस विरासत का उचित इनाम मिलेगा। अपने मालिक मसीह के दास बनकर उसकी सेवा करो। 25  बेशक जो बुराई करता है वह बदले में अपने बुरे कामों का फल पाएगा और किसी तरह का पक्षपात नहीं किया जाएगा।

कई फुटनोट

कुलु 3:4 शाब्दिक, “ज़ाहिर होगा।”
कुलु 3:5 शाब्दिक, “अपने शरीर के उन अंगों को जो धरती पर हैं।”
कुलु 3:11 “स्कूती” का मतलब जंगली और असभ्य लोग भी होता था।