इस जानकारी को छोड़ दें

सैकेंडरी मैन्यू को छोड़ दें

विषय-सूची को छोड़ दें

यहोवा के साक्षी

हिंदी

प्रहरीदुर्ग  |  अप्रैल 2015

 दिलचस्पी लेनेवाले से बातचीत

सन्‌ 1914 क्यों यहोवा के साक्षियों के लिए खास साल है? (भाग 2)

सन्‌ 1914 क्यों यहोवा के साक्षियों के लिए खास साल है? (भाग 2)

जो लोग बाइबल के बारे में जानना चाहते हैं, उनके साथ यहोवा के साक्षी कुछ इस तरह बातचीत करते हैं। कल्पना कीजिए कि कपिल नाम का यहोवा का साक्षी, जीवन नाम के एक आदमी से दोबारा मिलने आया है।

राजा नबूकदनेस्सर के सपने पर एक नज़र

कपिल: नमस्ते जीवन। कैसे हैं आप?

जीवन: मैं ठीक हूँ। आप कैसे हैं?

कपिल: मैं भी ठीक हूँ। आपके साथ हर हफ्ते बाइबल पर चर्चा करना मुझे बहुत अच्छा लगता है। * पिछली बार जब मैं आया था, तो हमने इस बारे में बात की थी कि यहोवा के साक्षी क्यों मानते हैं कि परमेश्वर का राज 1914 में ही शुरू हुआ था। * हमने देखा था कि इसका जवाब बाइबल में दानिय्येल की किताब के अध्याय 4 में दिया गया है। क्या आपको याद है वहाँ क्या बताया गया है?

जीवन: जी, उसमें राजा नबूकदनेस्सर के सपने के बारे में बताया है। उसने सपने में एक बड़ा पेड़ देखा था।

कपिल: बिलकुल। नबूकदनेस्सर ने सपने में एक बहुत बड़ा और ऊँचा पेड़ देखा था, जो आसमान छू रहा था। फिर उसने परमेश्वर के स्वर्गदूत को यह कहते सुना कि यह पेड़ काट डाला जाए, मगर इसके ठूँठ, यानी तने के निचले हिस्से और इसकी जड़ों को ज़मीन में ही छोड़ दिया जाए। फिर सात युग या सात काल के समय के बाद वह ठूँठ फिर से बढ़ेगा। * हमने यह भी देखा था कि क्यों यह भविष्यवाणी दो बार पूरी हुई। क्या आपको याद है कि यह पहली बार कैसे पूरी हुई थी?

जीवन: हाँ, जब यह पहली बार पूरी हुई थी, तो नबूकदनेस्सर सात साल के लिए अपना होश-हवास खो बैठा था।

कपिल: बिलकुल सही कहा आपने। नबूकदनेस्सर थोड़े समय के लिए अपना होश-हवास खो बैठा था, और इस वजह से कुछ वक्‍त के लिए उसकी हुकूमत पर रोक लग गयी थी। लेकिन जब यह भविष्यवाणी बड़े पैमाने पर पूरी होती, तो धरती पर परमेश्वर की हुकूमत सात काल के लिए रोक दी जाती। और जैसे कि हमने देखा था, सात काल ईसा पूर्व 607 में शुरू हुए, जब यरूशलेम का नाश हुआ था। उसके बाद धरती पर ऐसा कोई राजा नहीं आया, जिसने यहोवा की तरफ से उसके लोगों पर हुकूमत की हो। लेकिन सात साल के आखिर में परमेश्वर अपने लोगों पर हुकूमत करने के लिए एक नए राजा को चुननेवाला था, जो स्वर्ग से राज करता। दूसरे शब्दों में कहें तो सात काल के आखिर में स्वर्ग में परमेश्वर का राज शुरू होता। हम यह तो देख चुके हैं कि सात काल कब शुरू हुए थे। अब अगर हम यह पता लगा लें कि ये सात काल कब तक चले, तो हम जान जाएँगे कि परमेश्वर का राज कब शुरू हुआ। आप समझ रहे हैं न?

जीवन: हाँ, मुझे याद है पिछली बार हमने इसी बारे में बात की थी।

कपिल: बिलकुल। तो चलिए अब हम देखें कि के ये सात काल कितने लंबे थे। मैंने इस बारे में घर पर कुछ पढ़ा था और मैं आपको इसे अच्छी तरह समझाने की पूरी कोशिश करूँगा।

जीवन: ठीक है।

 सात काल खत्म और आखिरी दिन शुरू

कपिल: जब यह भविष्यवाणी पहली बार नबूकदनेस्सर की हुकूमत के मामले में पूरी हुई, तो ऐसा मालूम होता है कि ये सात काल सचमुच के सात साल थे। लेकिन जब यह भविष्यवाणी परमेश्वर की हुकूमत के मामले में पूरी हुई, तो ज़ाहिर-सी बात है कि ये सात काल सात सालों से कहीं ज़्यादा लंबे थे।

जीवन: आप यह कैसे कह सकते हैं?

कपिल: इसकी दो वजह हैं। आपको याद होगा कि हमने पिछली बार देखा था कि सात काल तब शुरू हुए, जब ईसा पूर्व 607 में यरूशलेम का नाश हुआ था। और अगर हम ईसा पूर्व 607 से गिनना शुरू करें, तो इसके सात साल बाद हम ईसा पूर्व 600 में पहुँच जाते हैं। लेकिन उस साल ऐसी कोई घटना नहीं हुई, जो दिखाती हो कि परमेश्वर का राज शुरू हो गया है। और दूसरी वजह यह है कि इसके सालों बाद जब यीशु धरती पर था, तो उसने कहा था कि परमेश्वर का राज भविष्य में शुरू होगा, यानी ये सात काल तब तक खत्म नहीं हुए थे।

जीवन: हाँ, अब याद आया, मैंने इस बारे में पढ़ा था।

कपिल: तो सात काल सचमुच के सात साल नहीं हैं, बल्कि यह एक लंबा समय है।

जीवन: तो ये सात काल कितने लंबे हैं?

कपिल: यह जानकारी हमें बाइबल की प्रकाशितवाक्य की किताब से मिलती है। दरअसल इस किताब का दानिय्येल की किताब से गहरा नाता है। प्रकाशितवाक्य की किताब बताती है कि साढ़े तीन काल 1,260 दिन के बराबर हैं। * साढ़े तीन काल का दुगना हुआ सात काल। तो सात काल 1,260 दिन के दुगने हुए, यानी 2,520 दिन, है कि नहीं?

जीवन: हाँ, यह तो मैं समझ गया, लेकिन इससे यह कैसे पता चलता है कि परमेश्वर का राज 1914 में शुरू हुआ?

कपिल: ठीक है। देखते हैं कि हम इस नतीजे पर कैसे पहुँच सकते हैं। बाइबल में जो भविष्यवाणियाँ दी गयी हैं, उनमें कई बार एक दिन का मतलब एक साल होता है। * अब अगर हम एक दिन को एक साल मानकर चलें, तो सात काल 2,520 साल के बराबर हुए। और अगर हम ईसा पूर्व 607 से गिनना शुरू करें, तो 2,520 साल सन्‌ 1914 में खत्म होते हैं। * इसलिए हम मानते हैं कि 1914 में सात काल खत्म हुए और यीशु परमेश्वर के राज का राजा बन गया। और गौर करने लायक बात है कि 1914 से इस दुनिया में ऐसी कई बड़ी-बड़ी घटनाएँ हुई हैं, जिनके बारे में बाइबल में पहले से ही बताया गया था कि आखिरी दिनों में ऐसा होगा।

जीवन: कौन-सी घटनाएँ?

कपिल: देखिए यीशु ने मत्ती 24:7 में क्या कहा था। यीशु ने बताया था कि जब वह स्वर्ग से राज करना शुरू करेगा, तो “एक राष्ट्र दूसरे राष्ट्र पर और एक राज्य दूसरे राज्य पर हमला करेगा। एक-के-बाद-एक कई जगहों पर अकाल पड़ेंगे और भूकंप होंगे।” ध्यान दीजिए, यीशु ने कहा कि उस वक्‍त अकाल पड़ेंगे और भूकंप होंगे। क्या आपको नहीं लगता कि दुनिया में पिछले 100 सालों से ऐसा ही होता आया है?

जीवन: हाँ, यह तो है।

कपिल: मत्ती 24:7 में यीशु ने यह भी बताया था कि जब वह परमेश्वर के राज का राजा बनेगा तो लड़ाइयाँ होंगी। और प्रकाशितवाक्य की किताब बताती है कि अंत के समय में न सिर्फ छोटी-मोटी लड़ाइयाँ होंगी, बल्कि बड़े-बड़े युद्ध भी होंगे, जो पूरी धरती को हिलाकर रख देंगे। * क्या आपको याद है कि पहला विश्व युद्ध कब हुआ था?

जीवन: हाँ, 1914 में। अब समझा, यह तो वही साल है न जब आप लोगों के हिसाब से यीशु राजा बना था! मैंने कभी ऐसा सोचा ही नहीं था।

 कपिल: तो अगर हम सात काल की भविष्यवाणी और अंत के समय से जुड़ी बाइबल की दूसरी भविष्यवाणियों की तुलना करें, तो हम पाएँगे कि ये एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। यहोवा के साक्षियों को पूरा यकीन है कि यीशु 1914 में परमेश्वर के राज का राजा बना और उसी साल आखिरी दिनों की शुरूआत हुई। *

जीवन: इसे समझने में मुझे थोड़ा वक्‍त लगेगा।

कपिल: हाँ जीवन, जैसा मैं आपको पिछली बार बता रहा था, मुझे भी इसे अच्छी तरह समझने में थोड़ा वक्‍त लगा था। लेकिन मैं उम्मीद करता हूँ कि कम-से-कम आप यह समझ पाए होंगे कि भले ही बाइबल में 1914 का ज़िक्र नहीं किया गया है, फिर भी यहोवा के साक्षी उस साल के बारे में जो कहते हैं, वह बाइबल पर ही आधारित है।

जीवन: हाँ कपिल, आपकी यह बात मुझे बहुत अच्छी लगती है कि आप जो कुछ भी बताते हैं, वह बाइबल से ही होता है। आप कभी अपनी राय नहीं बताते। लेकिन मैं सोच रहा था कि ये भविष्यवाणी इतनी मुश्किल क्यों है? परमेश्वर ने सीधे-सीधे बाइबल में यह क्यों नहीं लिखवा दिया कि यीशु 1914 में स्वर्ग से राज करना शुरू करेगा?

कपिल: आपने अच्छा सवाल पूछा। दरअसल ऐसी कई बातें हैं, जो बाइबल में खुलकर नहीं समझायी गयी हैं। तो फिर सवाल उठता है कि परमेश्वर ने बाइबल को ऐसे क्यों लिखवाया कि उसे समझने में किसी की मदद लेनी पड़े? तो क्यों न हम इस बारे में अगली बार बात करें?

जीवन: हाँ, क्यों नहीं! मैं आपका इंतज़ार करूँगा। ▪ (w14-E 11/01)

क्या आपके मन में बाइबल से जुड़ा कोई सवाल है, जिसका जवाब आप जानना चाहते हैं? क्या आपके मन में यहोवा के साक्षियों के बारे में कोई सवाल है? अगर हाँ, तो किसी भी यहोवा के साक्षी से बेझिझक पूछिए। उन्हें आपके साथ ऐसे विषयों पर चर्चा करने में खुशी होगी।

^ पैरा. 7 यहोवा के साक्षी लोगों के साथ बाइबल से जुड़े विषयों पर बातचीत करते हैं और मुफ्त में उन्हें बाइबल से सिखाते हैं।

^ पैरा. 24 चार्ट “नबूकदनेस्सर का सपना” देखिए।

^ पैरा. 30 बाइबल असल में क्या सिखाती है? किताब का अध्याय 9 देखिए। इसे यहोवा के साक्षियों ने प्रकाशित किया है।