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यहोवा के साक्षी

हिंदी

प्रहरीदुर्ग  |  2011-04-01

 सुखी परिवार का राज़

सेक्स के बारे में अपने बच्चों से बात कीजिए

सेक्स के बारे में अपने बच्चों से बात कीजिए

सत्रह साल की श्रुति * कहती है: “कभी-कभी सेक्स के बारे में जानने की मेरी बहुत इच्छा होती है, लेकिन अगर मैंने मम्मी-पापा से इस बारे में कुछ पूछा, तो वे सोचेंगे कि मैं चोरी-छिपे कोई गलत काम कर रही हूँ।”

श्रुति की माँ, हेमा कहती है: “मैं भी चाहती हूँ कि अपनी बेटी के साथ बैठकर इस बारे में उसे कुछ समझाऊँ। लेकिन क्या करूँ उसे अपने कामों से फुरसत ही नहीं मिलती। वह हमेशा कुछ-न-कुछ करती रहती है।”

सेक्स एक ऐसा विषय है, जिसके चर्चे आज हर जगह सुनने-देखने को मिलते हैं। टी.वी., फिल्मों और इश्तहारों में इस पर खुलकर बात की जाती है और दिखाया जाता है। लेकिन एक जगह जहाँ इस पर कोई चर्चा नहीं होती, वह है माँ-बाप और बच्चों के बीच। कनाडा में रहनेवाला सोलह साल का माइकल कहता है: “काश! मम्मी-पापा समझ पाते कि सेक्स के बारे में उनसे कुछ पूछने में हमें कितनी शर्म और हिचक महसूस होती है। वहीं दोस्तों से हम इस पर खुल्लम-खुल्ला बात कर लेते हैं।”

अकसर माँ-बाप भी बच्चों से सेक्स पर बात करने से उन्हीं की तरह झिझकते हैं। इस सिलसिले में अपनी किताब बीयॉन्ड द बीग टॉक में सेहत पर सलाह देनेवाली डेब्रा डब्ल्यू. हैफ्नर कहती है: “कई माता-पिताओं ने मुझे बताया कि उन्होंने अपने बच्चों के लिए सेक्स या किशोरों पर लिखी किताबें खरीदकर उनके कमरे में रखी हैं, लेकिन उन्होंने कभी इस विषय पर उनसे बातचीत नहीं की।” हैफ्नर आगे कहती है, इस तरह पेश आकर दरअसल वे बच्चों से कह रहे होते हैं कि “उन्हें खुद ही अपने शरीर और सेक्स के बारे में मालूमात करनी है। हम इस बारे में कोई बात नहीं करना चाहते।”

अगर आप एक माँ या पिता हैं और आपका भी यही सोचना है, तो आपको अपना नज़रिया बदलना होगा। यह बहुत ज़रूरी है कि आप अपने बच्चों से सेक्स के बारे में बात करें। आपको ऐसा क्यों करना चाहिए? आइए इसकी तीन वजहों पर गौर करें:

  1. सेक्स के बारे में लोगों की सोच बदल चुकी है। बीस साल का संजय कहता है: “दुनिया में सेक्स का मतलब ही बदल चुका है। यह सिर्फ पति-पत्नी के बीच का शारीरिक संबंध नहीं रहा। आज मुख मैथुन, गुदा मैथुन, इंटरनेट के ज़रिए सेक्स मैसेज भेजना और मोबाइल के ज़रिए एक-दूसरे को अपनी अश्‍लील तसवीरें भेजना भी सेक्स में शुमार हो गया है।”

  2. कच्ची उम्र में ही आपके बच्चों को सेक्स के बारे में गलत जानकारी बतायी जाती है। शीला नाम की एक माँ कहती है, “जैसे ही बच्चे स्कूल जाने लगते हैं, उन्हें सेक्स के बारे में तरह-तरह की बातें सुनने को मिलती हैं। और जब आप इस बारे में कोई सही बात उन्हें सिखाते हैं, तो वे समझ ही नहीं पाते।”

  3. आपके बच्चे के मन में सेक्स के बारे में ढेरों सवाल होते हैं, मगर वह इन्हें पूछने से हिचकिचाता है। ब्राज़ील की रहनेवाली  15 साल की ऐना कहती है, “सच कहूँ तो मुझे पता ही नहीं कि मैं अपने मम्मी-पापा से सेक्स पर कैसे बात करूँ।”

बच्चों से सेक्स पर बात करना आप माँ-बाप को परमेश्वर की तरफ से मिली एक ज़िम्मेदारी है। (इफिसियों 6:4) आपको और आपके बच्चों को इस विषय पर बात करना शायद अटपटा लगे। मगर कई किशोर बच्चे 14 साल की तमन्ना की तरह महसूस करते हैं, जिसका कहना है, “हम किसी टीचर या टी.वी प्रोग्राम से नहीं बल्कि अपने माँ-बाप से सेक्स के बारे में जानना चाहते हैं।” तो फिर सवाल यह है कि आप अपने बच्चों से इस ज़रूरी विषय पर कैसे बात कर सकते हैं, जिस पर बात करने से ज़्यादातर लोग झिझकते हैं?

उम्र को ध्यान में रखते हुए बात कीजिए

जैसे ही बच्चे घर से बाहर कदम रखते हैं, उन्हें सेक्स के बारे में अलग-अलग बातें सुनने को मिलती हैं। इससे भी परेशान करनेवाली बात यह है कि इन “आखिरी दिनों में” दुष्ट लोग “बद-से-बदतर” होते जा रहे हैं। (2 तीमुथियुस 3:1, 13) और अफसोस आज कई बच्चे ऐसे दुष्ट लोगों की हवस का शिकार बन रहे हैं।

इसलिए यह बेहद ज़रूरी है कि आप बच्चे को छुटपन से ही सेक्स के बारे में जानकारी देना शुरू करें। जर्मनी की रहनेवाली एक माँ रीनेटे का कहना है: “अगर आप सोचते हैं कि जब बच्चे जवानी में कदम रखेंगे तब मैं उनसे सेक्स पर बात करूँगी, तो शायद बहुत देर हो जाए। क्योंकि उस उम्र में वे शायद अपने शर्मीलेपन की वजह से सेक्स पर खुलकर बात ही न करना चाहें।” इसलिए ज़रूरी है कि जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते जाते हैं, आप उन्हें उनकी उम्र के मुताबिक जानकारी देते रहें।

जिन बच्चों ने अभी स्कूल जाना शुरू नहीं किया:

अपने बच्चे को लैंगिक अंगों के नाम सिखाइए और उसे बताइए कि वह किसी को भी इन अंगों को छूने न दे। मेक्सिको में रहनेवाली जूलिया कहती है: “जब मेरा बेटा तीन साल का था तब से ही मैं उसे ये बातें सिखाने लगी। मैं नहीं चाहती थी कि मेरे बेटे के साथ कोई टीचर, आया या फिर कोई बड़े बच्चे किसी भी तरह की छेड़छाड़ करें। मेरा मानना था कि उसे खुद की रक्षा करनी आनी चाहिए।”

इसे आज़माइए: अपने बच्चे को सिखाइए कि अगर कोई उसके लैंगिक अंगों को छूने की कोशिश करे, तो उसे क्या करना चाहिए। मिसाल के लिए, आप उसे सीखा सकते हैं कि वह कुछ ऐसा कहे, “मुझे हाथ मत लगाना! वरना तुम्हारी शिकायत कर दूँगी/दूँगा।” बच्चे को बताइए कि वह शिकायत करने से न डरे, फिर चाहे वह व्यक्‍ति उसे किसी भी तरह का लालच दे या धमकाए। *

छोटी क्लास में पढ़नेवाले बच्चे:

आपका बच्चा जैसे-जैसे बड़ा होता है, उसे सेक्स के बारे में और जानकारी दीजिए। सुभाष नाम का एक पिता सुझाव देता है: “बच्चे से बात करने से पहले सोचिए कि उसे इस बारे में कितनी जानकारी है और क्या वह और ज़्यादा जानना चाहता है। अगर आपका बच्चा बात नहीं करना चाहता, तो उसके साथ ज़ोर-ज़बरदस्ती मत कीजिए। अपने बच्चे के साथ रोज़ाना थोड़ा वक्‍त बिताने से वह खुद-ब-खुद आपसे इस बारे में बात करने लगेगा।”

इसे आज़माइए: एक ही बार में सबकुछ मत बताइए, वरना बच्चा परेशान हो जाएगा। इसके बजाय, समय निकालकर उसे थोड़ी-थोड़ी जानकारी दीजिए। (व्यवस्थाविवरण 6:6-9) इस तरह जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता जाएगा, उसे अपनी समझ के मुताबिक सेक्स पर जानकारी पता होगी।

किशोर उम्र के बच्चे:

आपको यह पक्का करना चाहिए कि आपके किशोर बच्चे को अच्छी तरह मालूम हो कि सेक्स का उसके शरीर, जज़्बातों और सोच पर क्या असर होता है। पंद्रह साल की ऐना, जिसका पहले ज़िक्र किया गया था कहती है, “मेरे स्कूल में लड़के और लड़कियाँ सेक्स मुलाकात करते हैं। एक मसीही होने के नाते, मुझे इन बातों की समझ होनी चाहिए। हालाँकि आम तौर पर सेक्स के बारे में बात करने पर लोग शर्म महसूस करते हैं, मगर ये ऐसा विषय है जिसके बारे में जानना बहुत ज़रूरी है।” *

सावधानी बरतिए: किशोर लड़के-लड़कियाँ शायद अपने माँ-बाप से सेक्स के बारे में सवाल पूछने से कतराएँ, क्योंकि उन्हें लगता है कि वे उन पर शक करेंगे और सोचेंगे कि उनका चालचलन ठीक नहीं। महेश नाम के एक पिता का भी यही अनुभव रहा है। वह कहता है, “हमारा बेटा सेक्स के बारे में हमसे बात करने से डरता था। यह बात हमें बाद में पता चली।  वह सोचता था कि अगर उसने कुछ पूछा तो हम उस पर शक करेंगे। फिर उससे बातचीत करते वक्‍त हमने उसे समझाया कि हमें उस पर किसी भी तरह का शक नहीं। बल्कि हम उससे सेक्स पर इसलिए बात कर रहे हैं कि वह किसी भी बुरे असर से खुद का बचाव कर सके।”

इसे आज़माइए: अपने किशोर बच्चे से सीधे-सीधे सेक्स से जुड़ा कोई सवाल पूछने के बजाय, उससे पूछिए कि स्कूल के उसके साथी सेक्स के बारे में क्या राय रखते हैं। मिसाल के लिए, आप कह सकते हैं, “आज कई लोगों को लगता है कि मुख मैथुन असल में सेक्स करना नहीं है। तुम्हारे साथ पढ़नेवाले भी क्या यही सोचते हैं?” इस तरह सवाल पूछने से शायद आपका किशोर बच्चा खुलकर अपने विचार बताए।

झिझक दूर कीजिए

माना कि आप माता-पिताओं को अपने बच्चों के साथ सेक्स पर बात करना बड़ा अजीब लगे, लेकिन यकीन मानिए आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी। अंजू नाम की एक माँ का कहना है: “समय के गुज़रते, सारी झिझक धीरे-धीरे दूर हो जाती है। दरअसल बच्चों से सेक्स पर बात करने से उनके साथ आपका रिश्ता और भी मज़बूत होता है।” महेश जिसका पहले ज़िक्र किया था कहता है, “अगर आप परिवार में उठनेवाले किसी-भी विषय पर उनसे खुलकर बात करें, तो आपके लिए सेक्स जैसे अटपटे विषय पर बात करना भी आसान हो जाएगा। हालाँकि आपकी झिझक पूरी तरह खत्म नहीं होगी, लेकिन खुलकर बातचीत करना एक खुशहाल मसीही परिवार की बुनियाद है।” (w10-E 11/01)

^ पैरा. 3 इस लेख में नाम बदल दिए गए हैं।

^ पैरा. 16 यह जानकारी महान शिक्षक से सीखिए किताब के पेज 171 से ली गयी है। इसे यहोवा के साक्षियों ने प्रकाशित किया है।

^ पैरा. 19 अपने किशोर बच्चों के साथ सेक्स पर बात करने के लिए युवाओं के प्रश्न व्यावहारिक उत्तर का अध्याय 23-26, अप्रैल-जून 2007 की सजग होइए! के पेज 26 और जनवरी-मार्च 2009 सजग होइए! में पेज 12-17 पर दिए लेख देखिए। इसे यहोवा के साक्षियों ने प्रकाशित किया है।

खुद से पूछिए . . .

पढ़िए कि दुनिया-भर में जवान क्या कहते हैं, फिर खुद से आगे दिए सवाल पूछिए।

“मेरे पापा-मम्मी मुझे सेक्स पर छपे लेख पढ़ने के लिए देते हैं और कहते हैं कि अगर मेरे मन में कोई सवाल उठे, तो मैं उनसे पूछ सकती हूँ। लेकिन मैं चाहती हूँ कि वे मुझसे खुलकर इस बारे में बात करें।”—ब्राज़ील की रहनेवाली, ऐना।

आपको क्यों लगता है कि बच्चों को सेक्स से जुड़ी किताबें देने से अच्छा है कि आप उनके साथ बैठकर इस बारे में खुलकर बात करें?

“मैं सेक्स के बारे में ऐसी बेहूदा बातें जानता हूँ, जिसका शायद मेरे पापा को अंदाज़ा तक नहीं। अगर मैंने उनसे इस बारे में कुछ पूछा, तो उन्हें बड़ा झटका लगेगा।”—कनाडा का रहनेवाला केन।

आपके बच्चे को आपसे सेक्स के बारे में बात करने में क्या परेशानियाँ हो सकती हैं?

“कई बार सोचने के बाद जब मैंने किसी तरह हिम्मत जुटाकर मम्मी-पापा से सेक्स के बारे में एक सवाल किया, तो उन्होंने मुझ पर शक करते हुए पूछा, ‘तुम ऐसा क्यों पूछ रही हो? क्या तुमने कुछ गलत काम किया है?’”—जापान की रहनेवाली मासामी।

अगर आपका बच्चा सेक्स से जुड़ा कोई सवाल पूछता है, तो आप किस तरह पेश आएँगे? क्या आपका रवैया देखकर वह आगे भी आपसे इस विषय पर बिना झिझके बात करेगा या फिर कुछ भी पूछने से कतराएगा?

“अगर मेरे मम्मी-पापा मुझसे यह कहते कि जब वे मेरी उम्र के थे, तो उन्होंने ने भी इसी तरह के सवाल पूछे थे। और इसलिए मेरा सवाल पूछना भी लाज़िमी है, तो शायद मुझे अच्छा लगता।”—फ्रांस का रहनेवाला लीज़ेट।

आपका बच्चा आपसे बेझिझक सेक्स पर बात करे, इसके लिए आप क्या कर सकते हैं?

“मेरी माँ मुझसे सेक्स से जुड़े सवाल पूछती थी, लेकिन प्यार-भरे लहज़े में। मुझे लगता है, ऐसा करना निहायत ज़रूरी है ताकि बच्चे को यह न लगे कि उस पर शक किया जा रहा है।” —फ्रांस का रहनेवाला जेरल्ड।

अपने बच्चे से सेक्स पर बात करते वक्‍त, आप किस लहज़े में बात करते हैं? क्या आपको बात करने का अपना लहज़ा बदलने की ज़रूरत है?