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यहोवा के साक्षी

हिंदी

प्रहरीदुर्ग  |  2011-04-01

 अपने बच्चों को सिखाइए

एक राज़, जो आप दूसरों को बता सकते हैं

एक राज़, जो आप दूसरों को बता सकते हैं

क्या आपको कभी किसी ने कोई राज़ की बात बतायी है?— * मैं आपको एक राज़ बताना चाहता हूँ। बाइबल में इसे “पवित्र रहस्य” कहा गया है, जिसे “पुराने ज़माने से राज़ रखा गया है।” (रोमियों 16:25) सबसे पहले, सिर्फ परमेश्वर यह “पवित्र रहस्य” जानता था। आइए जानें कि परमेश्वर ने क्या किया ताकि यह रहस्य दूसरों को पता चल सके।

सबसे पहले, क्या आप जानते हैं शब्द “पवित्र” का क्या मतलब है?— पवित्र का मतलब है साफ या बहुत ही खास। इस रहस्य को पवित्र रहस्य कहा गया है क्योंकि यह परमेश्वर की तरफ से है, जो कि पवित्र है। आपको क्या लगता है, कौन इस पवित्र रहस्य को जानना चाहते हैं?— स्वर्गदूत। बाइबल कहती है, “स्वर्गदूत भी इन बातों में झाँककर इन्हें बहुत करीब से देखने की तमन्ना रखते हैं।” जी हाँ, स्वर्गदूत इस पवित्र रहस्य को समझना चाहते हैं।—1 पतरस 1:12.

जब यीशु धरती पर आया, तो उसने पवित्र रहस्य के बारे में बात की और इसे समझाया। उसने अपने चेलों से कहा, “परमेश्वर के राज के पवित्र रहस्य की समझ तुम्हें दी गयी है।” (मरकुस 4:11) क्या आपने इस आयत पर ध्यान दिया कि यह पवित्र रहस्य किस बारे में है?— यह परमेश्वर के राज के बारे में है। उसी राज के बारे में जिसके बारे में यीशु ने हमें प्रार्थना करना सिखाया था!—मत्ती 6:9, 10.

अब आइए देखें कि कैसे परमेश्वर के राज को “पुराने ज़माने से” एक राज़ रखा गया, जब तक कि यीशु ने धरती पर आकर इसे समझाना शुरू नहीं किया। आदम और हव्वा ने जब परमेश्वर का नियम तोड़ा, तो उन्हें अदन के बाग से बाहर निकाल दिया गया। लेकिन परमेश्वर के सेवकों को पता था कि वह पूरी धरती को फिरदौस बनाने का अपना मकसद ज़रूर पूरा करेगा। (उत्पत्ति 1:26-28; 2:8, 9; यशायाह 45:18) इसलिए बाइबल में उन्होंने लिखा कि परमेश्वर के राज में इंसान किन आशीषों का लुत्फ उठाएँगे।—भजन 37:11, 29; यशायाह 11:6-9; 25:8; 33:24; 65:21-24.

अब ज़रा सोचिए परमेश्वर के राज का राजा कौन होगा? क्या आप जानते हैं कि परमेश्वर ने किसे राजा चुना?— अपने बेटे यीशु मसीह को, जो “शान्ति का राजकुमार” है। बाइबल कहती है, “प्रभुता उसके कांधे पर होगी” यानी वह इस राज की ज़िम्मेदारी सँभालेगा। (यशायाह 9:6, 7) मुझे और आपको “परमेश्वर के पवित्र रहस्य का, यानी मसीह का” ज्ञान लेना बहुत ज़रूरी है। (कुलुस्सियों 2:2) हमें यह जानना ज़रूरी है कि यीशु, परमेश्वर का बनाया हुआ सबसे पहला स्वर्गदूत (या आत्मिक बेटा) था। और परमेश्वर ने उसकी जान मरियम नाम की औरत के अंदर डाली थी। परमेश्वर ने अपने इस बेटे को, जो एक वक्‍त शक्‍तिशाली स्वर्गदूत था, धरती पर भेजा ताकि वह अपनी जान कुरबान करे और हम इंसानों को हमेशा की ज़िंदगी मिल सके।—मत्ती 20:28; यूहन्ना 3:16; 17:3.

यीशु के मरने के बाद, परमेश्वर ने उसे जी उठाया और स्वर्ग में अपने राज का राजा बनाया। लेकिन इस रहस्य के बारे में एक और बात है, जो हमें जाननी है। वह  है कि यीशु स्वर्ग में अकेला राज नहीं करेगा। उसके साथ, दूसरे स्त्री और पुरुष भी राज करेंगे।—इफिसियों 1:8-12.

आइए यीशु के साथ स्वर्ग में राज करनेवाले कुछ लोगों के नाम जानें। यीशु ने अपने वफादार प्रेषितों यानी खास चेलों से कहा था कि वह स्वर्ग में उनके लिए जगह तैयार करने जा रहा है। (यूहन्ना 14:2, 3) यहाँ दी आयतों को खोलकर पढ़ने से, आप ऐसे कुछ स्त्री और पुरुषों के नाम जान पाएँगे, जो यीशु के साथ स्वर्ग में राज करेंगे।—मत्ती 10:2-4; मरकुस 15:39-41; यूहन्ना 19:25.

काफी लंबे समय तक यह नहीं मालूम था कि कितने लोग यीशु के साथ स्वर्ग में राज करेंगे। लेकिन आज हमें उन लोगों की गिनती मालूम है। क्या आप जानते हैं कितने लोग स्वर्ग में यीशु के साथ राज करेंगे?— बाइबल कहती है, 1,44,000 लोग। यह बात भी पवित्र रहस्य का एक हिस्सा है।—प्रकाशितवाक्य 14:1, 4.

क्या आप इस बात से राज़ी हैं कि ‘परमेश्वर के राज का पवित्र रहस्य’ एक ऐसा बेहतरीन राज़ है, जिसे सभी को जानना चाहिए?— अगर हाँ, तो आइए इस रहस्य के बारे में हम और भी ज़्यादा सीखें ताकि हम ज़्यादा-से-ज़्यादा लोगों को इसके बारे में समझा सकें। (w10-E 12/01)

^ पैरा. 3 अगर आप बच्चों को यह लेख पढ़कर सुना रहे हैं तो सवाल के बाद जहाँ डैश है, वहाँ थोड़ी देर रुकिए और उन्हें जवाब देने के लिए कहिए।