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यहोवा के साक्षी

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योशिय्याह ने सही काम करने का फैसला किया

योशिय्याह ने सही काम करने का फैसला किया

क्या कभी-कभी आपको सही काम करना मुश्किल लगता है? *— ज़्यादातर लोगों को ऐसा लगता है। यहाँ तक कि बड़े लोगों को भी वह काम करना मुश्किल लगता है, जो वे जानते हैं कि सही है। बाइबल में योशिय्याह नाम के एक लड़के के बारे में बताया गया है जो जानता था कि सही क्या है, मगर उसे करना उसके लिए बिलकुल भी आसान नहीं था। जानते हो योशिय्याह कौन था?—

योशिय्याह यहूदा देश के राजा आमोन का बेटा था। जब योशिय्याह पैदा हुआ तब उसका पिता आमोन सिर्फ 16 साल का था। आमोन बहुत बुरा इंसान था, ठीक अपने पिता राजा मनश्शे की तरह। मनश्शे कई सालों तक बुरे काम करता रहा और वह एक दुष्ट राजा था। लेकिन फिर अश्शूर देश के सैनिक उसे पकड़कर ले गए और यहूदा देश से बहुत दूर, बाबुल देश में उसे कैदी बना दिया। वहाँ जेल में मनश्शे ने गिड़गिड़ाकर यहोवा से माफी माँगी। तब यहोवा ने उसे माफ कर दिया।

फिर मनश्शे को जेल से आज़ाद किया गया। वह यरूशलेम लौट आया और दोबारा राज करने लगा। उसने फौरन सही काम करने के लिए कदम उठाए और अपने देश के लोगों को भी यहोवा की सेवा करने में मदद दी। लेकिन उसका बेटा आमोन उसके दिखाए अच्छे रास्ते पर नहीं चला। यह देखकर मनश्शे को ज़रूर बहुत दुख हुआ होगा। इसी समय के आस-पास योशिय्याह का जन्म हुआ। बाइबल यह नहीं बताती कि मनश्शे ने अपने पोते योशिय्याह के साथ कितना वक्‍त बिताया। पर आपको क्या लगता है, क्या मनश्शे ने अपने पोते को यहोवा की सेवा करना सिखाया होगा?—

जब योशिय्याह सिर्फ छः साल का था, तब मनश्शे की मौत हो गयी और योशिय्याह का पिता आमोन राजा बन गया। आमोन सिर्फ दो साल तक राज कर पाया। उसे उसके सेवकों ने मार डाला। इसके बाद योशिय्याह को राजा बनाया गया। उस वक्‍त वह आठ साल का था। (2 इतिहास अध्याय 33) फिर क्या हुआ? क्या योशिय्याह ने अपने पिता आमोन की तरह बुरे काम किए या वह अपने दादा मनश्शे की तरह बना, जिसने अपनी गलती पर पछताकर अच्छे काम किए थे?—

हालाँकि योशिय्याह बहुत छोटा था, फिर भी उसने ठान लिया था कि वह यहोवा की सेवा करेगा। इसलिए वह हमेशा उन लोगों की बात सुनता था, जो यहोवा से प्यार करते थे। वह उन बुरे लोगों की नहीं सुनता था, जो उसके पिता आमोन के दोस्त थे। योशिय्याह सिर्फ आठ साल का था, लेकिन  उसे मालूम था कि जो लोग परमेश्वर से प्यार करते हैं उनकी बात मानना ही सही है। (2 इतिहास 34:1, 2) क्या आप उन लोगों के बारे में जानना चाहेंगे जिन्होंने योशिय्याह को अच्छी-अच्छी बातें सिखायीं और जो उसके आदर्श थे?—

एक था सपन्याह नबी। वह योशिय्याह का रिश्तेदार था। शायद वह मनश्शे के पिता और अच्छे राजा हिजकिय्याह के खानदान का था। जब योशिय्याह राजा बना, तो उसके शुरुआती सालों के दौरान सपन्याह ने बाइबल की एक किताब लिखी। इस किताब का नाम भी सपन्याह है। इस किताब में सपन्याह ने बताया कि सही काम न करनेवालों के साथ क्या-क्या बुरा होगा। योशिय्याह ने इन चेतावनियों पर ज़रूर ध्यान दिया होगा।

एक और नबी था यिर्मयाह, जिसके बारे में शायद आपने पहले भी सुना होगा। यिर्मयाह और योशिय्याह जिन इलाकों में पले-बढ़े थे, वे पास-पास थे और वे दोनों छोटी उम्र से ही यहोवा की सेवा करने लगे थे। यहोवा ने यिर्मयाह को बाइबल की एक किताब लिखने के लिए उभारा। इस किताब का नाम यिर्मयाह है। जब एक लड़ाई में योशिय्याह मारा गया, तो यिर्मयाह को इतना दुख हुआ कि उसने योशिय्याह की याद में एक दर्द-भरा गीत लिखा। (2 इतिहास 35:25) इससे हम अंदाज़ा लगा सकते हैं कि उन दोनों ने यहोवा के वफादार बने रहने के लिए एक-दूसरे की कितनी हिम्मत बढ़ायी होगी!

सपन्याह और यिर्मयाह ने योशिय्याह को सही काम करने के लिए कैसे मदद दी होगी?

योशिय्याह की ज़िंदगी से आप क्या सीख सकते हैं?— अगर आपके पिताजी योशिय्याह के पिता की तरह यहोवा की उपासना नहीं करते, तो क्या आप किसी और से परमेश्वर के बारे में सीख सकते हैं? शायद आपकी माँ, दादा-दादी, नाना-नानी या कोई और रिश्तेदार आपकी मदद कर सके। या फिर आपकी माँ की इजाज़त से, यहोवा की उपासना करनेवाला कोई और आपको बाइबल की बातें सिखा सकता है।

आपके हालात चाहे जो भी हों, आप योशिय्याह से बहुत कुछ सीख सकते हैं। हालाँकि वह एक छोटा बच्चा था, फिर भी इस बात की समझ रखता था कि उसे सिर्फ उन लोगों से दोस्ती करनी चाहिए जो यहोवा की सेवा करते हैं। हमारी दुआ है कि आप भी उसकी तरह वही करने का फैसला करें जो सही है! (w09 2/1)

^ पैरा. 3 अगर आप बच्चों को यह लेख पढ़कर सुना रहे हैं तो सवाल के बाद जहाँ डैश है, वहाँ थोड़ी देर रुकिए और उन्हें जवाब देने के लिए कहिए।