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यहोवा के साक्षी

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प्रहरीदुर्ग—अध्ययन संस्करण अक्टूबर 2015

इस अंक में 30 नवंबर से 27 दिसंबर, 2015 के अध्ययन लेख दिए गए हैं।

“ऐसे भाइयों की कदर किया करना”

शासी निकाय की समितियों के मददगार कौन हैं? उनकी क्या ज़िम्मेदारियाँ हैं?

क्या आप अपनी ज़िंदगी में परमेश्वर की ताकत देख पाते हैं?

बाइबल में परमेश्वर का “हाथ” किसे दर्शाता है?

“हमारा विश्वास बढ़ा”

क्या हम सिर्फ अपनी इच्छा से विश्वास बढ़ा सकते हैं?

जीवन कहानी

जवानी में लिए फैसले पर उन्हें कोई अफसोस नहीं

नीकलाई दुबवीनस्की को ऐसे हालात में काम करना था जो जेल से भी ज़्यादा मुश्किल थे। उन्होंने सोवियत संघ में पाबंदी होने के बावजूद वफादारी से यहोवा की सेवा की।

बिना ध्यान भटकाए यहोवा की सेवा कीजिए

करीब 60 साल पहले प्रहरीदुर्ग में जो अनुमान लगाया गया था, वह बिलकुल सही साबित हुआ।

यहोवा की सृष्टि और उसके वचन पर मनन करते रहिए

अगर ऐसे हालात आएँ कि आपके पास बाइबल ही न हो, तब भी क्या आप विश्वास में मज़बूत बने रह पाएँगे?

जीवन कहानी

यहोवा के करीब आना मेरे लिए अच्छा रहा

नौ साल की उम्र में सेरा माइग का कद बढ़ना बंद हो गया, लेकिन उसका यहोवा के करीब आना बंद नहीं हुआ।

‘नादान हर एक बात को सच मानता है’

हम कैसे पता लगा सकते हैं कि इंटरनेट पर कोई खबर झाँसा देनेवाली, धोखा देनेवाली या ऐसी है जिस पर बहुत-से लोग विश्वास तो कर लेते हैं, लेकिन वह शायद सच न हो?