इस जानकारी को छोड़ दें

सैकेंडरी मैन्यू को छोड़ दें

विषय-सूची को छोड़ दें

यहोवा के साक्षी

हिंदी

सजग होइए‍!  |  अक्टूबर 2015

क्या आप जानते हैं कि मलेरिया क्या है?

क्या आप जानते हैं कि मलेरिया क्या है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अनुमान लगाया है कि 2013 में 19 करोड़ 80 लाख से भी ज़्यादा लोगों को मलेरिया हुआ और इस बीमारी ने 5 लाख 84 हज़ार लोगों की जान ले ली। इनमें से 80 प्रतिशत बच्चे थे, जिनकी उम्र 5 साल से कम थी। दुनिया-भर में करीब 100 से भी ज़्यादा देशों में यह बीमारी फैली हुई है और वहाँ तकरीबन 320 करोड़ लोगों को मलेरिया होने का खतरा है।

1 मलेरिया क्या है?

मलेरिया एक ऐसी बीमारी है, जो परजीवी रोगाणु की वजह से होती है। ये रोगाणु इतने छोटे होते हैं कि हम इन्हें देख नहीं सकते। मलेरिया के लक्षण हैं बुखार, कँपकँपी, पसीना आना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, जी मचलना और उल्टी होना। कभी-कभी इसके लक्षण हर 48 से 72 घंटे में दोबारा दिखायी देते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि एक व्यक्‍ति को कौन-से परजीवी की वजह से मलेरिया हुआ है और वह कब से बीमार है।

2 मलेरिया कैसे फैलता है?

  1. मलेरिया एक परजीवी रोगाणु से होता है, जिसे प्लास्मोडियम कहते हैं। ये रोगाणु एनोफेलीज़ जाति के मादा मच्छर में होते हैं और जब यह किसी व्यक्‍ति को काटती है, तो उसके खून की नली में मलेरिया के रोगाणु फैल जाते हैं।

  2. ये रोगाणु व्यक्‍ति के कलेजे की कोशिकाओं तक पहुँचते हैं और वहाँ इनकी गिनती बढ़ती है।

  3. जब कलेजे की कोशिका फटती है, तो ये रोगाणु व्यक्‍ति की लाल रक्‍त कोशिकाओं पर हमला करते हैं। वहाँ भी इनकी गिनती बढ़ती है।

  4. जब लाल रक्‍त कोशिका फटती है, तो रोगाणु दूसरी लाल रक्‍त कोशिकाओं पर हमला करते हैं।

  5. रोगाणुओं का लाल रक्‍त कोशिकाओं पर हमला करने और कोशिकाओं के फटने का सिलसिला जारी रहता है। जब भी लाल रक्‍त कोशिका फटती है, तो व्यक्‍ति में मलेरिया के लक्षण नज़र आते हैं।

 3 आप मलेरिया से अपना बचाव कैसे कर सकते हैं?

अगर आप ऐसे देश में रहते हैं जहाँ मलेरिया होना आम है, तो. . .

  • मच्छर-दानी लगाकर सोएँ और ध्यान रखें कि

    • उस पर मच्छर मारनेवाली दवा लगी हो।

    • उसमें कोई छेद न हो और वह कहीं से फटी न हो।

    • वह अच्छी तरह लगी हो, ताकि मच्छर अंदर न आएँ।

  • घर के अंदर मच्छर मारनेवाली दवा छिड़कें।

  • घर के दरवाज़ों और खिड़कियों पर जाली लगाएँ और ऐ.सी. और पंखों का इस्तेमाल करें, ताकि मच्छर एक जगह पर न बैठें।

  • हलके रंग के कपड़े पहनिए जिनसे आपका शरीर पूरी तरह ढका हो।

  • ऐसी जगह पर मत जाइए, जहाँ झाड़ियाँ हों क्योंकि वहाँ बहुत मच्छर होते हैं, या जहाँ पानी इकट्ठा हो क्योंकि वहाँ मच्छर पनपने का खतरा होता है।

  • अगर आपको मलेरिया हो गया है, तो फौरन इलाज करवाएँ।

अगर आप ऐसे देश में जाने की सोच रहें हैं, जहाँ मलेरिया होना आम है, तो. . .

  • वहाँ जाने से पहले यह पता लगाइए कि उस इलाके में मलेरिया के कौन-से रोगाणु पाए जाते हैं। यह इसलिए ज़रूरी है क्योंकि हर इलाके में मलेरिया के अलग-अलग रोगाणु होते हैं, और उसी हिसाब से दवाई दी जाती है। अपने डॉक्टर से भी सलाह लीजिए कि आपको क्या एहतियात बरतनी चाहिए।

  • जब आप उस देश में हों, तो इस लेख में दी उन बातों को ध्यान में रखिए, जो ऐसे देशों के लोगों के लिए दी गयी हैं, जहाँ मलेरिया होना आम है।

  • अगर आपको मलेरिया हो जाता है, तो फौरन इलाज करवाएँ। इस बात को ध्यान में रखिए कि मलेरिया के मच्छर के काटने के 1 से 4 हफ्ते बाद बीमारी के लक्षण नज़र आ सकते हैं।