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यहोवा के साक्षी

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सजग होइए‍!  |  जनवरी 2014

मेनोपॉज़ की चुनौतियों का सामना करना

मेनोपॉज़ की चुनौतियों का सामना करना

“बिना किसी वजह के या कभी-कभी अचानक ही मैं मायूस हो जाती और रोने लगती। मैं सोचती थी कि कहीं मैं पागल तो नहीं हो रही हूँ।”—रूत, * जो 50 साल की है।

“आप सुबह उठती हैं और देखती हैं कि आपका घर पूरी तरह बिखरा है। आप अपनी चीज़ें ढूँढ़ने लगती हैं। इतने सालों से जो काम आप आसानी से करती आयी हैं, वही काम आज आपको पहाड़ जैसा लगने लगा है। आप समझ नहीं पातीं कि यह सब क्यों हो रहा है।”—हैलन, जो 55 साल की है।

अभी जिन औरतों का ज़िक्र किया गया है, वे बीमार नहीं थीं। बल्कि ये मनोपॉज़ ट्रांज़िशन से गुज़र रही थीं। यह बदलाव हर औरत में होनेवाली एक आम बात है, जो अकसर प्रजनन शक्‍ति खत्म होने पर होता है। क्या आप भी ज़िंदगी के इस पड़ाव से गुज़र रही हैं? क्या आप भी ऐसी ही मुश्किलों का सामना कर रही हैं? बात चाहे जो भी हो, शरीर में होनेवाले इस बदलाव से अगर आप और आपके अज़ीज़ वाकिफ होंगे, तो आपको इस चुनौती का अच्छी तरह सामना करने में मदद मिलेगी।

मेनोपॉज़ से पहले और बाद के बदलाव

मेनोपॉज़ से पहले होनेवाले बदलाव को पैरीमेनोपॉज़ या मेनोपॉज़ ट्रांज़िशन (मेनोपॉज़ होने के आस-पास का समय) कहते हैं। इसमें मेनोपॉज़ शुरू होने का दौर और जब मनोपॉज़ हो जाता है, दोनों ही शामिल हैं। * आमतौर पर शब्द “मेनोपॉज़” में ये सारी बातें आती हैं।

कई औरतों में पैरीमेनोपॉज़ 40-50 के आस-पास की उम्र में शुरू होता है, मगर कुछ औरतों में 60-70 के आस-पास शुरू होता है। कई बार देखा गया है कि मेनस्टुरेशन धीरे-धीरे बंद होता है। एक औरत में हार्मोन के बनने में जो गड़बड़ी होती है, उसी वजह से शायद उसको कभी-कभी मेनस्टुरेशन न हो, अलग-अलग समय पर हो या फिर मेनस्टुरेशन के दौरान बहुत ज़्यादा खून का बहाव हो। ऐसी बहुत कम औरतें हैं, जिनका अचानक या रात-भर में मेनस्टुरेशन थम जाता है।

इस बारे में किताब मेनोपॉज़ गाइडबुक कहती है, “हर औरत में मेनोपॉज़ से पहले और बाद के बदलाव अलग-अलग  होते हैं।” किताब आगे कहती है, “आमतौर पर मेनोपॉज़ में होनेवाली एक आम परेशानी है शरीर में गरमी या तपिश का एहसास होना और शायद उसके बाद ठंड महसूस होना। इसे हॉट फ्लैश कहा जाता है। (कभी-कभी इसे हॉट फल्श भी कहा जाता है),” इससे कई बार नींद में खलल पैदा होता है या थकावट महसूस होती है। ऐसा कब तक होता रहता है? द मेनोपॉज़ बुक के मुताबिक, “कुछ औरतों में मेनोपॉज़ के दौरान यह परेशानी दो या तीन साल तक रहती है। कुछ औरतों में यह कई सालों तक रहती है और कुछ में तो यह ज़िंदगी-भर रहती है।” *

हार्मोन की गड़बड़ी से एक औरत को निराशा आ घेरे या फिर बदलते मिज़ाज की वजह से कभी-कभी रोना भी आए। इसके अलावा, ध्यान लगाना और बातों को याद रखना उनके लिए चुनौती हो सकता है। मेनोपॉज़ बुक कहती है, “ऐसा बहुत कम होता है कि एक ही औरत में ये सारी परेशानियाँ हों।” लेकिन यह भी सच है कि कुछ औरतों को इनमें से कुछ परेशानियाँ उठानी पड़ती हैं।

कैसे करें सामना

ज़िंदगी में थोड़ी-बहुत फेरबदल करने और सादगी लाने से परेशानियाँ कम हो सकती हैं। मिसाल के लिए जो औरतें सिगरेट पीती हैं अगर वे उसे पीना छोड़ दें, तो हॉट फ्लैश की परेशानी कम हो सकती है। कुछ औरतों को खान-पान में बदलाव करने से भी फायदा पहुँचा है। जैसे शराब, चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक, तीखा या मीठा खाना कम करने या उससे दूर रहने से, हॉट फ्लैश की परेशानी कम हुई है। इस दौरान ज़रूरी है कि आप अच्छा खाएँ, संतुलित और अलग-अलग किस्म का खाना लें।

मेनोपॉज़ की परेशानियाँ कम करने में कसरत भी मदद करती है। इससे नींद न आने की बीमारी (इंसोम्निया) कम होगी, मूड या मिज़ाज में सुधार आएगा, हड्डियाँ मज़बूत होंगी और सेहत भी अच्छी होगी। *

दिल खोलकर बात कीजिए

रूत, जिसका पहले ज़िक्र किया गया था, कहती है, “चुप्पी साधकर तकलीफ सहने की ज़रूरत नहीं है। अगर आप दिल खोलकर अपने अज़ीज़ों से बात करेंगी, तो वे आपमें होनेवाले बदलाव देखकर हैरान और परेशान नहीं होंगे।” इसके बजाय हो सकता है, वे और भी ज़्यादा सब्र और समझ से पेश आएँ। पहला कुरिंथियों 13:4 कहता है, ‘प्यार सब्र करता है और मेहरबान है।’—द न्यू टेस्टामेंट, हिंदुस्तानी।

प्रार्थना से भी कई औरतों को मदद मिली है और उन्हें भी जिनकी प्रजनन शक्‍ति खत्म हो गयी है। बाइबल हमें यकीन दिलाती है कि “[परमेश्वर] हमारी सब मुसीबतों में हम को तसल्ली देता है।” (2 कुरिंथियों 1:4, द न्यू टेस्टामेंट, हिंदुस्तानी) साथ ही, यह जानना कि मेनोपॉज़ से पहले और बाद की परेशानियाँ सिर्फ कुछ पलों के लिए हैं, इस बात से हमें बहुत सुकून मिलता है। जी हाँ, जो औरतें अपनी सेहत का अच्छा खयाल रखती हैं, वे बहुत जल्द अपने अंदर एक नयापन महसूस करेंगी और लंबे अरसे तक अच्छी सेहत का मज़ा ले पाएँगी। ▪ (g13-E 11)

^ पैरा. 2 इस लेख में नाम बदल दिए गए हैं।

^ पैरा. 6 डॉक्टरों का कहना है कि अगर एक औरत को 12 महीनों तक मेनस्टुरेशन (मासिक धर्म) नहीं होता है, तो इसे मेनोपॉज़ समझा जाता है।

^ पैरा. 8 हॉट फ्लैश होने की कुछ दूसरी वजह भी हैं। जैसे, थायरॉइड, संक्रमण (इंफेक्शन) और कुछ दवाइयाँ। इसलिए हॉट फ्लैश होने पर तुरंत यह तय मत कीजिए कि यह मेनोपॉज़ के लक्षण हैं।

^ पैरा. 12 मेनोपॉज़ से पहले और बाद में होनेवाली परेशानियों का अच्छी तरह सामना करने के लिए, शायद डॉक्टर अलग-अलग दवाइयाँ, जैसे हार्मोन की दवाइयाँ, आहार-संबंधी दवाइयाँ और डिप्रेशन दूर करनेवाली दवाइयाँ (ऐंटीडिप्रेसन्ट्स) लेने का सुझाव दें। लेकिन सजग होइए! पत्रिका न तो किसी खास दवाई या इलाज के तरीकों का समर्थन करती है और न ही उसे बढ़ावा देती है।