इस जानकारी को छोड़ दें

सैकेंडरी मैन्यू को छोड़ दें

विषय-सूची को छोड़ दें

यहोवा के साक्षी

हिंदी

सजग होइए‍!  |  अंक 3 2016

 पहले पेज का विषय | कैसे डालें अच्छी आदतें

2 अच्छी आदतों से जुड़े काम करना आसान बनाइए

2 अच्छी आदतों से जुड़े काम करना आसान बनाइए
  • आपने कम मीठा खाने की ठान ली है, लेकिन आइसक्रीम देखते ही आप खुद को रोक नहीं पाते।

  • आपने फैसला किया है कि अब से आप सिगरेट नहीं पीएँगे, लेकिन आपका दोस्त सबकुछ जानते हुए भी एक सिगरेट लाकर आपसे कहता है कि एक कश लगाने से कुछ नहीं होता।

  • आपने सोचा कि आप कल से कसरत करेंगे, लेकिन सुबह उठने पर जूते नहीं मिल रहे हैं। आप सोचते हैं, छोड़ो, अब उन्हें कौन ढूँढ़ेगा?

इन तीनों ही हालात में एक बात आम है। वह यह कि हम जिस माहौल में रहते हैं और जिनके साथ उठते-बैठते हैं, उसके मुताबिक हमारी आदतें बनती-बिगड़ती हैं। यह बात बहुत-से लोगों के मामले में सच साबित हुई है।

पवित्र शास्त्र की सलाह: ‘बुद्धिमान खतरा देख कर छिप जाता है, किन्तु मूर्ख आगे बढ़ता और कष्ट पाता है।’नीतिवचन 22:3, वाल्द-बुल्के अनुवाद।

पवित्र शास्त्र में हमें सलाह दी गयी है कि हम कुछ भी करने से पहले थोड़ा सोचें। पहले से सोचने से हम ऐसे हालात में नहीं पड़ेंगे, जिसमें शायद हम अपने फैसले पर टिके न रह पाएँ। इसके बजाय हम ऐसे लोगों के बीच या हालात में रहने की कोशिश करेंगे, जिससे हमारे लिए सही फैसला करना आसान हो। (2 तीमुथियुस 2:22) इस तरह हम अपने हालात को अपने हिसाब से ढालकर बुद्धिमान बन सकते हैं।

मुश्किल बनाइए वह काम करना, जिससे आपकी बुरी आदत छूट जाए और आसान बनाइए वह काम करना, जिससे आपमें अच्छी आदत आ जाए

आप क्या कर सकते हैं?

  • कुछ ऐसा कीजिए, जिससे आप वे बातें या चीज़ें न कर पाएँ, जिन्हें आप छोड़ना चाहते हैं। जैसे, अगर आप अपने खाने-पीने पर ध्यान देना चाहते हैं, तो तली हुई मसालेदार चीज़ें घर में मत रखिए। फिर जब आपका कुछ इस तरह की चीज़ें खाने का मन करेगा, तो वे चीज़ें लेने जाना पड़ेगा और इसमें वक्‍त भी लगेगा। लेकिन अगर चीज़ें घर में हों, तो फिर आप खुद को रोक नहीं पाएँगे और आप शायद उसे खा लें।

  • सही काम करना आसान बनाइए। जैसे, अगर आप सुबह उठते ही कसरत करना चाहते हैं, तो कसरत के कपड़े बिस्तर के पास रखकर ही सोने जाइए। जब कोई आदत शुरू करना आसान होगा, तो ही आप इसे बनाए रख पाएँगे।

  • सोच-समझकर अपने दोस्त चुनिए। हम जिनके साथ उठते-बैठते हैं, उनके जैसे बन जाते हैं। (1 कुरिंथियों 15:33) जिनमें बुरी आदतें हैं, उनके साथ वक्‍त न बिताकर ऐसे लोगों के साथ ज़्यादा वक्‍त बिताइए, जिनमें अच्छी आदतें हैं।