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यहोवा के साक्षी

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प्रहरीदुर्ग अंक 4 2017 | ज़िंदगी और मौत के बारे में पवित्र शास्त्र क्या कहता है?

क्या आपने कभी इस बारे में सोचा है?

क्या यह परमेश्वर की मरज़ी थी कि इंसान कुछ साल जीए और फिर मर जाए? पवित्र शास्त्र में लिखा है, [परमेश्वर] उनकी आँखों से हर आँसू पोंछ देगा और न मौत रहेगी, न मातम, न रोना-बिलखना, न ही दर्द रहेगा।”प्रकाशितवाक्य 21:4.

ज़िंदगी और मौत के बारे में पवित्र शास्त्र में क्या बताया गया है? प्रहरीदुर्ग के इस अंक से जानिए।

 

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क्या ज़िंदगी का सफर मौत के बाद भी जारी रहता है?

मौत के बाद क्या होता है, इस बारे में लोगों की अलग-अलग राय है। इस बारे में हमें सही-सही कहाँ से पता चल सकता है?

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ज़िंदगी और मौत के बारे में बाइबल में क्या लिखा है?

क्या इंसान मौत के बाद किसी रूप में ज़िंदा रहता है? क्या उसके अंदर कोई अमर आत्मा है? मरने पर क्या होता है?

जब किसी अपने को जानलेवा बीमारी हो

जानलेवा बीमारी से जूझ रहे व्यक्‍ति के परिवारवाले कैसे उसे दिलासा दे सकते हैं और उसकी देखभाल कर सकते हैं? इस दौरान परिवारवालों पर जो बीतती है, वे उसका सामना कैसे कर सकते हैं?

एलीआस हुटर की इब्रानी बाइबल के उम्दा संस्करण

16वीं सदी में विद्वान एलीआस हुटर ने बाइबल के दो इब्रानी संस्करण छापे, जो बहुत मायने रखते थे।

इब्रानी भाषा के सबसे छोटे अक्षर से ज़बरदस्त भरोसा

जब यीशु छोटे-से-छोटे अक्षर की बात कर रहा था, तो उसके कहने का क्या मतलब था?

धरती पर फिरदौस, सपना या हकीकत?

इसमें कोई दो राय नहीं कि लोगों को हमेशा से ही फिरदौस के बारे में बात करना पसंद था। क्या यह धरती कभी दोबारा फिरदौस बनेगी?

क्या आपने कभी सोचा है?

आज हर किसी की ज़िंदगी में चिंताएँ हैं। क्या हमें चिंताओं से छुटकारा मिल सकता है?

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लोग क्यों मरते हैं?

पवित्र शास्त्र में बताए इस सवाल का जवाब हमें दिलासा और उम्मीद देता है।