• जन्म 1956

  • बपतिस्मा 1991

  • परिचय अपने बपतिस्मे के बस 8 महीने बाद उसने अपना घर और फलता-फूलता कारोबार छोड़ दिया ताकि ऐसी जगह जाकर सेवा करे जहाँ प्रचारकों की ज़्यादा ज़रूरत थी।

मेरे बपतिस्मे के कुछ ही समय बाद प्राचीनों ने मुझसे पूछा कि क्या मैं ज़्यादा सेवा करना चाहूँगा। जो लोग दूसरी जगह जाकर प्रचार कर सकते थे उनके लिए 4 मई, 1992 को एक खास सभा रखी गयी। मैं भी उस सभा में हाज़िर हुआ। अगले दिन मैं और एक भाई, जो मेरे साथ हमेशा प्रचार करता था, बातूमी नाम के बंदरगाह शहर में जाकर बस गए जो एज़रीया प्रांत में है।

जब मैंने पहली बार बातूमी में प्रचार किया तो मैं बहुत घबराया हुआ था। मैं सोच रहा था कि मैं लोगों से कैसे बात करूँगा। लेकिन जिस पहली औरत से मैंने बात की उसने हैरानी जताते हुए कहा, “अब तक आप लोग कहाँ थे?” यह सुनकर मैं दंग रह गया। वह औरत साक्षियों के बारे में जानने के लिए इतनी उत्सुक थी कि उसने अगले दिन से ही हमसे बाइबल सीखना शुरू कर दिया!

बातूमी छोड़ने से पहले हमें दिलचस्पी रखनेवाले कई लोगों के पते मिले। हम शहर में नए थे, इसलिए हम सड़क पर लोगों को पते दिखाकर वहाँ तक  जाने का रास्ता पूछते थे। कई लोग हमें रास्ता नहीं बता सके क्योंकि ज़्यादातर सड़कों के नाम हाल ही में बदल दिए गए थे। मगर उन्होंने भी हमारे संदेश में दिलचस्पी दिखायी। कुछ ही समय में हम 10-15 लोगों से बने कई समूहों को बाइबल सिखाने लगे।

जब हम बातूमी गए थे तो उसके बस चार महीने बाद, हमारी सभाओं में 40 से ज़्यादा लोग नियमित तौर पर आने लगे। इसलिए हम सोच रहे थे कि इन नए लोगों की कौन मदद करेगा? फिर जॉर्जिया की सेना और आबखाज़ीया के अलगाववादियों के बीच लड़ाई छिड़ गयी और इस वजह से मेरी पिछली मंडली के सभी लोग बातूमी आ बसे। इस तरह एक ही दिन में वहाँ एक नयी मंडली बन गयी जिसमें तजुरबेकार प्राचीन और पायनियर थे।