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यहोवा के साक्षी

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संतोष से भरी ज़ंदगी—कैसे हासिल की जा सकती है

परिचय

परिचय

गौर कीजिए कि यह बात कितनी अजीब है: एक विकसित देश की 90 प्रतिशत से भी ज़्यादा आबादी का कहना है कि उनका जीवन बहुत सुखी है या वे ज़िंदगी से खुश हैं। लेकिन उसी देश में ज़्यादातर लोग अपने इलाज के लिए जो दवाइयाँ खरीदते हैं, उनमें 10 में से 3 हताशा या डिप्रेशन दूर करने के लिए होती हैं। उस देश के 91 प्रतिशत लोगों का कहना है कि उनका घर-परिवार सुखी है, मगर इसी देश में करीब आधे से ज़्यादा शादी-शुदा लोगों की ज़िंदगी तलाक के साथ खत्म हो जाती है!

यहाँ तक कि जब 18 देशों के लोगों का, जो कम-से-कम दुनिया की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, एक सर्वे लिया गया तो यह नतीजा निकला कि “दुनिया के ज़्यादातर लोग आनेवाले कल के बारे में उम्मीद खो बैठे हैं और उन्हें आशा की कोई किरण नज़र नहीं आती।” इससे पता चलता है कि बहुत-से लोग खुश नहीं हैं, उन्हें अपनी ज़िंदगी अधूरी लगती है। आपकी ज़िंदगी कैसी है? यह ब्रोशर इसलिए तैयार किया गया है ताकि यह सचमुच संतोष से भरी एक ज़िंदगी जीने में आपकी मदद कर सके।