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यहोवा के साक्षी

हिंदी

आज कौन यहोवा की मरज़ी पूरी कर रहे हैं?

 पाठ 8

हम अपनी सभाओं के लिए क्यों अच्छे से तैयार होते हैं?

हम अपनी सभाओं के लिए क्यों अच्छे से तैयार होते हैं?

आइसलैंड

मेक्सिको

गिनी बिस्साऊ

फिलिपाईन्स

क्या आपने इस ब्रोशर में दी तसवीरों पर गौर किया कि यहोवा के साक्षी, सभाओं के लिए कितनी अच्छी तरह तैयार होते हैं? हम अपने पहनावे और बनाव-सिंगार पर इतना ध्यान क्यों देते हैं?

हम अपने परमेश्वर के लिए आदर दिखाना चाहते हैं। यह सच है कि परमेश्वर हमारे दिल को देखता है न कि हमारे बाहरी रूप को। (1 शमूएल 16:7) लेकिन फिर भी जब हम उसकी उपासना के लिए इकट्ठा होते हैं, तो यही चाहते हैं कि हम अच्छे और साफ-सुथरे कपड़े पहनें क्योंकि इस तरह हम परमेश्वर और अपने मसीही भाई-बहनों के लिए आदर दिखा रहे होते हैं। सोचिए अगर आपको देश के राजा या राष्ट्रपति से मिलने जाना हो, तो क्या आप अपने पहनावे पर ध्यान नहीं देंगे? ज़रूर देंगे। उसी तरह जब हम सभाओं में शालीन कपड़े पहनकर आते हैं, तो हम दिखाते हैं कि हम “युग-युग के राजा” यहोवा और अपनी उपासना की जगह की कितनी इज़्ज़त करते हैं।—1 तीमुथियुस 1:17.

हम दिखाते हैं कि हम किन उसूलों पर चलते हैं। बाइबल, मसीहियों को बढ़ावा देती है कि वे पहनावे के मामले में “मर्यादा के साथ और सही सोच रखते हुए” काम करें। (1 तीमुथियुस 2:9, 10) “मर्यादा के साथ” सजने-सँवरने का मतलब है ऐसे कपड़े न पहनना जो भड़कीले, बेहूदा किस्म के और छोटे या तंग हों, जिससे लोगों का ध्यान हम पर जाए। “सही सोच” के साथ काम करने से हम ऐसे कपड़े चुन पाएँगे जो दिखने में अच्छे हों, न कि ऐसे जो बेढंगे हों या जो मसीहियों को शोभा नहीं देते। बाइबल के इन उसूलों पर चलने का यह मतलब नहीं कि हम सादे कपड़े पहनें, हम मर्यादा के दायरे में रहकर भी अलग-अलग तरह के कपड़े पहन सकते हैं। अपने सलीकेदार पहनावे से हम अपने “उद्धारकर्ता परमेश्वर की शिक्षा की शोभा बढ़ा” सकते हैं और ‘उसकी महिमा’ कर सकते हैं। (तीतुस 2:10; 1 पतरस 2:12) हम सभाओं के लिए जिस तरह के कपड़े पहनते हैं और बनाव-सिंगार करते हैं, उसे देखकर लोग यहोवा की उपासना के बारे में या तो अच्छी राय कायम करेंगे या बुरी।

अगर आपको लगता है कि आपके पास सभाओं के लिए अच्छे कपड़े नहीं हैं, तो इस वजह से राज-घर में आने से मत कतराइए। साफ-सुथरे, अच्छे और मौके के हिसाब से कपड़े पहनने के लिए ज़रूरी नहीं कि वे महँगे हों।

  • जब हम परमेश्वर की उपासना करने के लिए इकट्ठा होते हैं, तो अपने पहनावे पर ध्यान देना क्यों ज़रूरी है?

  • पहनावे और बनाव-सिंगार के मामले में सही चुनाव करने में कौन-से उसूल हमारी मदद कर सकते हैं?