इस जानकारी को छोड़ दें

सैकेंडरी मैन्यू को छोड़ दें

विषय-सूची को छोड़ दें

यहोवा के साक्षी

हिंदी

बाइबल असल में क्या सिखाती है?

क्या परमेश्वर ने यही सब चाहा था?

क्या परमेश्वर ने यही सब चाहा था?

आप चाहे कोई भी अखबार उठाकर पढ़ें, टीवी देखें या रेडियो सुनें, हर कहीं आपको आतंकवाद, लड़ाइयों और जुर्म की खबरें सुनने को मिलेंगी! आप खुद अपनी ही परेशानियों को देख लीजिए। आप शायद किसी बीमारी की वजह से या अपने किसी अज़ीज़ की मौत की वजह से बहुत मायूस हों। हो सकता है कि आप भी वैसा ही महसूस कर रहे हैं जैसा सदियों पहले अय्यूब नाम के एक नेक इंसान ने महसूस किया था। उसने कहा कि ‘मैं पीड़ा से भरा हुआ हूं।’अय्यूब 10:15, ईज़ी-टू-रीड वर्शन।

खुद से पूछिए:

  • क्या परमेश्वर ने मेरे और बाकी इंसानों के लिए यही सब चाहा था?

  • अपनी समस्याओं का सामना करने में मुझे कहाँ से मदद मिल सकती है?

  • क्या हम इंसान उम्मीद कर सकते हैं कि कभी इस धरती पर शांति होगी?

बाइबल इन सवालों के बिलकुल सही जवाब देती है और ये जवाब दिल को राहत पहुँचाते हैं।

 बाइबल सिखाती है कि परमेश्वर धरती के हालात बदल देगा और यह सब करेगा।

“वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी।”प्रकाशितवाक्य 21:4

“लंगड़ा हरिण की सी चौकड़िया भरेगा।”यशायाह 35:6

“अन्धों की आंखें खोली जाएंगी।”यशायाह 35:5

 “जितने कब्रों में हैं, . . . निकलेंगे।”यूहन्ना 5:28, 29

“कोई निवासी न कहेगा कि मैं रोगी हूं।”यशायाह 33:24

“देश में पहाड़ों की चोटियों पर बहुत सा अन्न होगा।”भजन 72:16

 बाइबल जो सिखाती है उससे फायदा पाइए

इस किताब के पहले कुछ पन्नों में जो बताया गया है उन्हें सिर्फ खयाली बातें समझकर दरकिनार मत कीजिए। यह परमेश्वर का वादा है कि वह ऐसे हालात ज़रूर लाएगा, और बाइबल खुलकर बताती है कि वह यह सब कैसे करेगा।

मगर बाइबल सिर्फ भविष्य के इन्हीं वादों के बारे में नहीं बताती। वह यह भी समझाती है कि आज मुसीबतों से भरी इस दुनिया में भी ज़िंदगी में सच्चा सुख कैसे पाया जा सकता है। एक पल के लिए ज़रा अपनी चिंताओं और परेशानियों के बारे में सोचिए। हो सकता है, आप पैसे की तंगी झेल रहे हैं, आपके परिवार में समस्याएँ हैं, आपकी सेहत खराब रहती है या फिर मौत ने आपके किसी अपने को आपसे छीन लिया है। बाइबल आज ऐसी समस्याओं का सामना करने में आपकी मदद कर सकती है और इन सवालों का जवाब देकर आपको राहत पहुँचा सकती है, जैसे:

  • हम पर दुःख-तकलीफें क्यों आती हैं?

  • हम ज़िंदगी की चिंताओं का सामना कैसे कर सकते हैं?

  • हम अपने परिवार को सुखी कैसे बना सकते हैं?

  • मरने पर हमारा क्या होता है?

  • क्या हम कभी अपने उन अज़ीज़ों को दोबारा देख पाएँगे जो मर चुके हैं?

  • हम कैसे पूरा भरोसा रख सकते हैं कि भविष्य के बारे में परमेश्वर अपने सारे वादे ज़रूर पूरे करेगा?

 इस किताब को पढ़ना ही यह दिखाता है कि आप जानना चाहते हैं कि बाइबल क्या सिखाती है। यह किताब बाइबल के बारे में सीखने में आपकी मदद करेगी। ध्यान दीजिए कि पैराग्राफों पर सवाल दिए गए हैं। सवाल-जवाब के इस तरीके से लाखों लोगों ने यहोवा के साक्षियों के साथ बाइबल पर दिलचस्प और मज़ेदार चर्चाएँ की हैं। हम उम्मीद करते हैं कि आपको भी ऐसी चर्चाएँ अच्छी लगेंगी। इस किताब की मदद से जब आप सीखेंगे कि बाइबल असल में क्या सिखाती है, तो हमारी दुआ है कि परमेश्वर आपको आशीष दे। साथ ही, हम जानते हैं कि ये बातें सीखकर ज़रूर आपको बेइंतिहा खुशी और सच्चा सुख मिलेगा!